सोलार इंडस्ट्रीज है काफी धमाकेदार

दो दिन का राष्ट्रीय अवकाश। एक, रमज़ान के बाद खुशी मनाने का मौका। दूसरा, हर शुभारंभ के देव गणपति को घर बुलाने का दिन। एक त्योहार मुस्लिम का, एक हिंदू का। न जाने वो दिन कब आएगा, जब हमें अहसास ही नहीं होगा कि यह हिंदू का त्योहार है या मुस्लिम का। जैसे, आमिर, सलमान या शाहरुख को अपना मानते वक्त हमें भान ही नहीं रहता कि ये सभी मुस्लिम हैं। खैर, यह राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया है जो अपने यहां अभी चल रही है, पूरी नहीं हुई है। फिलहाल दो दिन की राष्ट्रीय छुट्टियां मनाने के बाद एक बार फिर आपसे से मुखातिब हूं।

सोलार इंडस्ट्रीज देश में उदारीकरण की शुरूआत के बाद 1996 से उत्पादन में उतरी कंपनी है। नागपुर (महाराष्ट्र) की इस कंपनी का नाम पहले सोलार एक्सप्लोजिव्स हुआ करता था। पुराने नाम के अनुरूप तमाम किस्म के विस्फोटक व डिटोनेटर बनाती है जो खनन से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर व कंस्ट्रक्शन उद्योग तक में इस्तेमाल होते हैं। देश में इस तरह के विस्फोटकों की सबसे बड़ी निर्माताओं में गिनी जाती है। पूरे देश के विस्फोटक निर्यात में सोलर इंडस्ट्रीज का योगदान करीब 50 फीसदी का है। कंपनी के बड़े ग्राहकों में कोल इंडिया, स्टील अथॉरिटी (सेल), एल एंड टी, एसीसी व हिंदुस्तान कंस्ट्रक्सन (एचसीसी) जैसी कंपनियां शामिल हैं।

ब्रोकरेज फर्म एडेलवाइस के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन सालों में कंपनी की बिक्री 46.31 फीसदी और शुद्ध लाभ 41.42 फीसदी की चक्रवृद्धि दर से बढ़ा है। इस दौरान उसका दस रुपए अंकित मूल्य का शेयर (बीएसई – 532725, एनएसई – SOLARINDS) भी 167 रुपए के न्यूनतम स्तर से 775 रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। अपना उच्चतम स्तर उसने ठीक एक महीने पहले 1 अगस्त 2011 को बनाया था। अजीब संयोग है कि साल भर पहले 31 अगस्त 2010 को यह 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर 432 रुपए पर था। फिलहाल मंगलवार, 30 अगस्त को बीएसई में 753 रुपए और एनएसई में 750.20 रुपए पर बंद हुआ है। साल भर में 74 फीसदी का रिटर्न!

बी ग्रुप के इस स्टॉक के साथ समस्या यह है कि इसमें तरलता ज्यादा नहीं है। जैसे, मंगलवार को बीएसई में इसके मात्र 286 शेयरों के सौदे हुए जिसमें से 183 डिलीवरी के लिए थे। उसके एक दिन पहले 29 अगस्त को तो ट्रेड हुए 308 शेयरों में से केवल 5 ही डिलीवरी के लिए थे। इसी तरह एनएसई में मंगलवार को ट्रेड हुए इसके 745 शेयरों में से 725 डिलीवरी के लिए थे। एक दिन पहले 29 अगस्त को ट्रेड हुए 120 शेयरों में 108 शेयर डिलीवरी के लिए थे। ऐसे स्टॉक्स में म्यूचुअल फंड या एफआईआई जैसे बड़े निवेशकों के लिए मुसीबत होती है क्योंकि किसी से बडी डील न करें तो खरीदने के लिए उन्हें न एकमुश्त मात्रा नहीं मिल पाती है और न ही बेचने के लिए कायदे का ग्राहक। उनकी हरकत से शेयर के भावों में अच्छा-खास भूचाल भी आ जाता है।

कंपनी की कुल इक्विटी 17.32 करोड़ रुपए है। इसमें से प्रवर्तकों का हिस्सा 74.60 फीसदी है और पब्लिक के पास बाकी 25.40 फीसदी शेयर हैं। एफआईआई के पास इसके 0.13 फीसदी और डीआईआई के पास 14.44 फीसदी शेयर हैं। इन दोनों ने ही पिछली दो तिमाहियों के दौरान कंपनी में अपना निवेश घटाया है। दिसंबर 2010 में एफआईआई के पास कंपनी के 1.57 फीसदी और डीआईआई के पास 15.29 फीसदी शेयर थे। लेकिन गौर करने की बात यह है कि इनकी बिक्री के बावजूद शेयर के भाव इस दौरान बढ़े हैं।

कंपनी के कुल शेयरधारकों की संख्या मात्र 4790 है जिसमें से 4519 छोटे निवेशक हैं। लेकिन इनके पास कंपनी के केवल 3.09 फीसदी शेयर हैं। वहीं, तीन बड़े शेयरधारकों के पास उसके 15.37 फीसदी शेयर हैं। इनमें से एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के पास 8.66 फीसदी, बिड़ला सनलाइफ के पास 2.60 फीसदी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ के पास इसके 4.11 फीसदी शेयर हैं।

सोलार इंडस्ट्रीज का आईपीओ मार्च 2006 में आया था जिसके तहत उसके शेयर 190 रुपए पर जारी किए गए थे। जाहिर है कि इसमें शुरुआती निवेशक आज काफी खुश होंगे क्योंकि उनकी पूंजी पांच साल में करीब चार गुना हो चुकी है। जून 2011 की तिमाही में कंपनी की बिक्री 35.61 फीसदी बढ़कर 187.09 करोड़ और शुद्ध लाभ 32.64 फीसदी बढ़कर 13.45 करोड़ रुपए हो गया है। इससे पहले पूरे वित्त वर्ष 2010-11 में कंपनी ने 531.21 करोड़ रुपए की बिक्री पर 50.29 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था। पिछली पांच तिमाहियों में कंपनी की बिक्री 17 फीसदी और परिचालन लाभ 41 फीसदी की औसत दर से बढ़ा है।

फिलहाल स्टैंड-एलोन आधार कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 30.95 रुपए है और उसका शेयर 24.33 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। शेयर की बुक वैल्यू 131.39 रुपए है। कंसोलिडेटेड आधार पर उसका टीटीएम ईपीएस 47.35 रुपए है और इस हिसाब से उसका शेयर 15.9 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। जाहिर है कि फिलहाल यह महंगा है। लेकिन इस पर नजर रखी जानी चाहिए। अगर गिरकर यह 650 से 680 रुपए की रेंज में आता तो इसे दूरगामी निवेश के लिए खरीद लिया जाना चाहिए क्योंकि कंपनी मूलतः काफी धमाकेदार है।

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