जिस शेयर का ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 1.79 रुपए हो और वह इससे 145.10 गुना या पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा हो, उसे कोई क्यों खरीदे? वह भी तब जब पूरे बाजार का औसत पी/ई 21 के आसपास हो? लेकिन आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज ने आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर को खरीदने की सिफारिश की है। उसका कहना है कि यह शेयर तीन महीने के भीतर बढ़कर 293 रुपए तक जा सकता है। कल यहऔरऔर भी

एमआरपीएल (मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड) ने कल ही अपने तिमाही नतीजे घोषित किए हैं और ये नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। कंपनी का 13,964 करोड़ रुपए का विस्तार कार्यक्रम भी समय से आगे चल रहा है। फिर भी उसका शेयर दो फीसदी से ज्यादा गिरकर एनएसई (कोड – MRPL) में 82.30 रुपए और बीएसई (कोड – 500109) में 82.50 रुपए पर बंद हुआ। पिछले चार महीने से वो 75 से 85 रुपए के बीच डोल रहाऔरऔर भी

इंडोको रेमेडीज ने हफ्ते भर पहले दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं और ये नतीजे उम्मीद के बेहतर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले पांच कारोबारी सत्रों में उसका शेयर 430.10 रुपए से बढ़कर 519.90 रुपए तक जा चुका है। हालांकि कल बीएसई में बंद हुआ 505.50 रुपए पर। इस तरह चंद दिनों में यह शेयर करीब 20 फीसदी की बढ़त ले चुका है। आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट कहती है कि यह शेयर आरामऔरऔर भी

माइक्रो टेक्नोलॉजीज (इंडिया) लिमिटेड की कीमत बाजार अभी नहीं समझ रहा। उसकी बुक वैल्यू 284.93 रुपए है, जबकि शेयर चल रहा है 206.75 रुपए पर। उसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर भी बुक वैल्यू से कम 228.60 रुपए रहा  है। कंपनी ने 2009-10 में 310.22 करोड़ रुपए की आय पर 63.64 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था और उसका ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 57.92 रुपए था। जून 2010 की तिमाही में उसने 82.39 करोड़ रुपए कीऔरऔर भी

बाजार में निवेश का निर्णय कई पहलुओं से जुड़ा हुआ है। जैसे, अगर हम इंडियाबुल्स रीयल एस्टेट (बीएसई कोड – 532832, एनएसई कोड – IBREALEST) का मामला लें तो इसका प्रति शेयर लाभ (ईपीएस) और पी/ई अनुपात इसमें कतई निवेश की इजाजत नहीं देता। इसका ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस 1.12 रुपए है। शेयर कल बीएसई में 2.07 फीसदी बढ़कर 209.65 रुपए पर बंद हुआ है। इस तरह उसका पी/ई अनुपात निकलता है 187.36। इतनेऔरऔर भी

प्रेसिजन वायर्स (बीएसई कोड – 523539, एनएसई कोड – PRECWIRE) देश में कॉपर वाइंडिंग वायर बनाने की सबसे बड़ी कंपनी है। पंखे से लेकर तमाम बिजली के उपकरणों के भीतर चुंबक पर तांबे के जो लिपटे तार आप ने देखे होंगे, वही कॉपर वाइंडिंग वायर हैं। कंपनी दो दशक पुरानी है, जबकि उसके प्रवर्तक तीन दशक से इस धंधे में हैं। उनके ग्राहकों में बड़े व मध्यम स्तर की इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रकिल कंपनियां शामिल हैं। वह अपनीऔरऔर भी

डीएस कुलकर्णी डेवलपर्स का शेयर पिछले एक महीने के दौरान ऊपर में 84 और नीचे में 71.10 रुपए तक गया है। थोड़ा और पीछे जाएं तो करीब पौने दो महीने पहले 23 अगस्त को उसने 91.10 रुपए पर पिछले 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर हासिल किया है। उसका सबसे कम भाव 60 रुपए का रहा है जो उसने इसी साल 31 मार्च को हासिल किया था। लेकिन जानते हैं इस शेयर की बुक वैल्यू कितनी है? 174.70औरऔर भी

सरकार कोल इंडिया में अपनी दस फीसदी हिस्सेदारी बेचकर पूंजी बाजार से लगभग 15,500 करोड़ रुपए जुटाएगी। उसका आईपीओ 18 अक्टूबर को खुलेगा और 21 अक्टूबर तक खुला रहेगा। आईपीओ में मूल्य का दायरा 225 रुपए से 245 रुपए तय किया गया है। केंद्र सरकार इस आईपीओ के जरिए कोल इंडिया के कुल 63.16 करोड़ शेयर बेचेगी। इस तरह मूल्य दायरे के हिसाब से उसे 14,211 करोड़ रुपए से लेकर 15,474 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। यहऔरऔर भी

ऑनमोबाइल ग्लोबल लिमिटेड (ओजीएल) का शेयर 30 सितंबर से 8 अक्टूबर के बीच 16.28 फीसदी ऊपर चढ़ने के बाद 8.5 फीसदी नीचे उतर चुका है। 30 सितंबर को बीएसई में इसका बंद भाव 344 रुपए था। 6 अक्टूबर को ऊपर में 400 रुपए तक चला गया। शुक्रवार, 8 अक्टूबर को 366 रुपए तक गिरने के बाद 371.50 रुपए पर बंद हुआ है। इसी साल 4 जनवरी को इसने 52 हफ्ते का शिखर 543.30 रुपए और 7 जूनऔरऔर भी

ग्रेन्यूल्स इंडिया के बारे में तकनीकी विश्लेषक बताते हैं कि उसमें लंबी व मध्यम अवधि (तीन महीने से लेकर साल भर) का ‘बुलिश’ रुख है और यह बढ़कर 121 रुपए तक जा सकता है। कल यह 1.97 फीसदी बढ़कर 103.30 रुपए पर बंद हुआ है। ग्रेन्यूल्स इंडिया हैदराबाद स्थित दवा कंपनी है। पहले कंपनियों को दवाओं के अवयव (एपीआई) और फॉर्मूलेशन के मध्यवर्ती उत्पाद (पीएफआई) ही बनाकर सप्लाई करती थी। अब पूरी तरह तैयार दवाएं भी बनानेऔरऔर भी