औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के कमजोर आंकड़ों और अर्थव्यवस्था की धीमी पड़ती विकास दर को आधार बनाकर पंटरों ने जबरदस्त बिकवाली कर डाली। नतीजतन, निफ्टी एक बार फिर 5480 का समर्थन स्तर तोड़कर नीचे चला गया। हालांकि 5457 तक जाने के बाद फिर वह उठने लगा और बाजार बंद होने तक 5480 के ऊपर आ गया। वैसे, अगले हफ्ते 16 जून को मध्य-तिमाही समीक्षा में रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों को बढ़ाने का अंदेशा भी पंटरों को मथऔरऔर भी

एमएससीआई (मॉरगन स्टैनले कैपिटल इंटरनेशनल) सूचकांक को बदला जा रहा है। इसमें उभरते बाजारों का वजन बढ़ाया जाएगा। इससे भारतीय बाजार में एफआईआई की खरीद 13 करोड़ डॉलर बढ़ सकती है। लेकिन बाजार के लिए 13 करोड़ डॉलर कोई मायने नहीं रखता। साथ ही इस एमएससीआई के भारत सूचकांक में छह नई कंपनियों – टाइटन इंडस्ट्रीज, डाबर इंडिया, श्रीराम ट्रांसपोर्ट, मुंद्रा पोर्ट, बैंक ऑफ इंडिया और एशियन पेंट्स को शामिल किया गया है। बाजार में आम गिरावटऔरऔर भी

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस (एचएफसीएल) को बीएसई-500 और बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक से निकाल बाहर किया है। लेकिन खुद को ज्यादा तेजतर्रार व प्रोफेशनल बतानेवाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने इस कंपनी को अब भी एस एंड पी सीएनएक्स-500 जैसे सम्मानित सूचकांक में शामिल कर रखा है, जबकि करीब दो हफ्ते पहले उसे उसकी इस ‘लापरवाही’ की सूचना मीडिया की तरफ से दी जा चुकी है। हालांकि एनएसई ने तब इस बाबत पूछे गए सवालऔरऔर भी

प्रमुख उद्योग संगठन, कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के एक सर्वे के अनुसार लघु व मध्यम उद्यम (एसएमई) अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में व्यापार परिदृश्य को लेकर आशान्वित हैं। सीआईआई ने कहा है कि मौजूदा तिमाही के लिए एसएमई का बिजनेस कांफिडेंस इंडेक्स (बीसीआई) 67 रहने का अनुमान है जो जुलाई सितंबर की तिमाही से 1.4 अंक अधिक है। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक मंदी से निकल रहे क्षेत्र के लिए यह सकारात्मकऔरऔर भी

खाने पीने की वस्तुओं की महंगाई में उतार-चढाव का दौर जारी है। फल, सब्जियों और कुछेक दालों के दाम बढ़ने से 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्यों पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति एक सप्ताह पहले की तुलना में 81 आधार अंक (0.81 फीसदी) बढकर 10.86 फीसदी हो गई। सात अगस्त से लगातार दो हफ्ते रही गिरावट के बाद खाद्य मुद्रास्फीति में एक बार फिर मजबूती का रुख बना है। देश के विभिन्न भागों में बारिश औरऔरऔर भी

अचानक उल्लास और उत्साह के बीच आर्थिक मोर्चे से दो बुरी खबरें मिली हैं। जून महीने में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर 13 महीनों के न्यूनतम स्तर 7.1 फीसदी पर पहुंच गई है। यह पिछले साल जून में आर्थिक सुस्ती के बावजूद 8.3 फीसदी थी। दूसरे, कुछ हफ्तों से इकाई में आ गई खाद्य मुद्रास्फीति की दर 31 जुलाई को खत्म सप्ताह में बढ़कर 11.4 फीसदी हो गई है। हालांकि इन दोनों ही नकारात्मक खबरोंऔरऔर भी