सार्वजनिक तेल मार्केटिंग कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दाम और डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ते रुपए को देखते हुए पेट्रोल के दाम में 1.82 रुपए प्रति लीटर बढ़ाने की तैयारी में हैं। करीब ढाई महीने पहले ही 16 सितंबर को तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम व भारत पेट्रोलियम ने पेट्रोल के दाम प्रति लीटर 3,14 रुपए बढ़ाए हैं। नोट करने की बात यह है कि जून 2010 से ही पेट्रोल के मूल्यऔरऔर भी

जिंदगी में तमाम छोटी-छोटी चीजों से हमारा सुख व दुख निर्धारित होता है। इनमें से कुछ का वास्ता हमारे व्यक्तित्व, परिवार व दोस्तों से होता है, जबकि बहुतों का वास्ता सरकार व समाज के तंत्र से होता है।और भीऔर भी

एक तो डॉलर के सापेक्ष रुपए के गिर जाने से निर्यातक पहले से ही गदगद थे। ऊपर से सरकार ने उन्हें ठीक दिवाली से पहले 1700 करोड़ रुपए का तोहफा दे दिया है। वाणिज्य मंत्रालय ने 900 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया है। इसके एक दिन पहले ही रिजर्व बैंक ने चुनिंदा निर्यातकों में कर्ज पर ब्याज दर में दो फीसदी रियायत देने की घोषणा की है। इन दोनों को मिलाकर निर्यात क्षेत्र को मिलाऔरऔर भी

सरकार को माई-बाप और सरकारी अफसर को मालिक समझने की मानसिकता जब तक नहीं जाती, तब तक पांच के बजाय अगर हर साल चुनाव होने लग जाएं, तब भी देश में सच्चा लोकतंत्र नहीं आ सकता।और भीऔर भी

सरकार उपभोक्‍ता संरक्षण अधिनियम में नए संशोधन करने पर विचार कर रही है ताकि इसे और मज़बूत व प्रभावशाली बनाया जा सके। उपभोक्‍ता मामलात, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्री के वी थॉमस ने यह बात राजधानी दिल्ली में उपभोक्‍ता विवाद निवारण आयोग (सीडीआरसी) के नए भवन का उद्घाटन करते समय कही। उपभोक्‍ता विवाद निवारण मंच पर मामलों के शीघ्र निपटारे पर ज़ोर देते हुए श्री थॉमस ने कहा कि उपभोक्‍ता मंचों में त्रिस्‍तरीय सूचना प्रणाली बनाने केऔरऔर भी

जुलाई महीने में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 9.22 फीसदी रही है। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों से यह बात उजागर हुई है। मुद्रास्फीति की दर इसके ठीक पिछले महीने जून में 9.44 फीसदी और ठीक साल भर पहले जुलाई 2010 में 9.98 फीसदी थी। ऊपर से मुद्रास्फीति में कमी थोड़ा राहत का सबब दिखती है। लेकिन वित्त मंत्रालय को ऐसी कोई गफलत नहीं है। मंत्रालय के मुख्यऔरऔर भी

अधूरी ख्वाहिशों की कचोट हमेशा सालती है तब तक, जब तक मंजिल नहीं मिलती। भावनाएं जोर मारती हैं। कुर्बान हो जाने को दिल करता है। इसलिए कि दोस्त! सरकार तो बन गई, मगर देश अभी बाकी है।और भीऔर भी

बुधवार को सुबह-सुबह प्री-ओपन सत्र में सेंसेक्स के 386.80 अंक और निफ्टी के 123.70 अंक बढ़ जाने से वित्त मंत्री प्रणव मुखजी इतने प्रफुल्लित हो गए कि बोल पड़े कि भारतीय शेयर बाजार बहुत जल्द अगले कुछ दिनों में ही पटरी पर आ जाएगा। मुखर्जी ने यह भी कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार मिलकर बाजार में स्थायित्व लाने की कोशिश में लगे हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सिस्टम मेंऔरऔर भी