मैथन एलॉयज 1995 में बनी 16 साल पुरानी कंपनी है। देश में मैंगनीज एलॉय की सबसे बड़ी निर्माता है। इसकी 45 फीसदी कमाई यूरोप व एशिया को किए गए निर्यात से होती है। इसका ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर मुनाफा) 45.52 रुपए है। इसका शेयर कल बीएसई (कोड – 590078) में 2.93 फीसदी बढ़कर 144.25 रुपए पर बंद हुआ है। इस तरह यह शेयर मात्र 3.17 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है।औरऔर भी

बाजार के लोगों में डर बना हुआ है कि इसमें कभी भी करेक्शन आ सकता है, गिरावट आ सकती है। जब तक लोगों में यह डर कायम है और बहुत सारे शॉर्ट सौदे हुए पड़े हैं, तब तक बड़ा करेक्शन आने की कोई गुंजाइश नहीं है। हां, थोड़ा-बहुत ऊपर नीचे हो ही सकता है। फिर भी सावधानी बरतनी जरूरी है। हेजिंग जरूरी है यानी एक जगह का घाटा दूसरी जगह के भरने का इंतजाम जरूरी है। यकीनऔरऔर भी

भारत फोर्ज एक दशक पहले तक महज एक ऑटो कंपोनेंट कंपनी हुआ करती थी। लेकिन अब वह तेल व गैस, रेलवे, बिजली और एयरोस्पेस तक के साजोसामान व उपकरण बनाने लगी है। उसने हाल ही में बिजली क्षेत्र के अहम उपकरण बनाने की शुरुआत की है। धारे-धीरे वह बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी का स्वरूप अख्तियार करती जा रही है। यूं तो अब भी बड़ी कपनी है। कल्याणी समूह की अगुआ कंपनी है। वित्त वर्ष 2009-10 में उसने 1856.40औरऔर भी

आरईआई एग्रो का शेयर कल बीएसई (कोड – 532106) में 4.38 फीसदी और एनएसई (कोड – REIAGROLTD) में 4.21 फीसदी गिरकर 27.30 रुपए पर बंद हुआ है, जबकि केयर इक्विटी रिसर्च की मानें तो उसका मौजूदा अंतर्निहित मूल्य (सीआईवी) ही 38 रुपए है। इस तरह आज की तारीख में इसका भाव 39 फीसदी दबा हुआ चल रहा है। दूसरे शब्दों मे कहें तो यह शेयर इतनी बढ़त की भरपूर गुंजाइश रखता है। बता दें कि केयर देशऔरऔर भी

हिंदुस्थान नेशनल ग्लास एंड इंडस्ट्रीज (एचएनजी) शराब से लेकर खाने-पीने की चीजों व दवाओं तक के लिए कांच की बोतलें बनाती हैं। 1946 में बनी कंपनी है। कोलकाता के नजदीक रिशरा में पहला संयंत्र लगाया था। अब उसके संयंत्र बहादुरगढ़, ऋषिकेश, नीमराना, नासिक और पुडुचेरी में हैं। घरेलू बाजार में कभी 65 फीसदी हिस्सेदारी हुआ करती थी। लेकिन नई कंपनियों के आने और क्षमता बढ़ाने से यह हिस्सा घटकर 55 फीसदी पर आ गया है। भारत केऔरऔर भी

रैडिको खैतान का शेयर (बीएसई – 532497, एनएसई – RADICO) पिछले छह महीने में करीब 27 फीसदी गिर चुका है। अक्टूबर 2010 में 178 रुपए पर था। अब 130 रुपए के आसपास है। जबकि इस दरम्यान कंपनी ने अपने ऊपर कर्ज का बोझ घटा लिया है और दिसंबर तिमाही के उसके नतीजे भी ठीकठाक हैं। उसने अभी-अभी बीते वित्त वर्ष 2010-11 की तीसरी तिमाही में 272.95 करोड़ रुपए की बिक्री पर 20.48 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभऔरऔर भी

जो कंपनी ठीक पिछले बारह महीनों में अपने हर शेयर पर 79.35 रुपए का शुद्ध लाभ कमा रही हो, जिसके शेयर की बुक वैल्यू (रिजर्व + इक्विटी / कुल जारी शेयरों की संख्या) 200.88 रुपए हो, जिसका पी/ई अनुपात पिछले साल भर से पांच, छह, सात कर रहा हो, फिर भी उसके शेयरों को पूछनेवाले न हों तो भारतीय शेयर बाजार की गली को अंधों की गली ही कहना ज्यादा ठीक होगा। या, बहुत हुआ तो यूंऔरऔर भी

एमसीएक्स और एमसीएक्स एसएक्स की प्रवर्तक कंपनी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज में एक तरंग-सी उड़ी है। इसके बारे में एक साथ कई सकारात्मक खबरें आ रही हैं। उसका शेयर कल बीएसई (कोड – 526881) में 2.85% बढ़कर 857.95 रुपए और एनएसई (कोड – FINANTECH) में 2.50% बढ़कर 856.55 रुपए पर बंद हुआ है। बीएसई व एनएसई में इसमें क्रमशः 2.19 लाख व 3.44 लाख शेयरों के सौदे हुए। हालांकि ए ग्रुप के इस शेयर में डिलीवरी वाले सौदों काऔरऔर भी

हमारा शेयर बाजार किसी द्वीप पर नहीं, बल्कि इसी समाज में है। इसलिए जब समाज में अच्छे लोगों की कद्र नहीं है और दंद-फंद वाले लोगों की ही चलती है तो कैसे संभव है कि शेयर बाजार में ऐसा न हो। आज चर्चा एक ऐसी ही अच्छी, पर उपेक्षित कंपनी पॉलिप्लेक्स कॉरपोरेशन की। फ्लेक्सिबल पैकेजिंग उद्योग की इस कंपनी का शेयर कल बीएसई (कोड – 524051) में 3.23% गिरकर 205.45 रुपए और एनएसई (कोड – POLYPLEX) मेंऔरऔर भी

धानुका एग्रीटेक कृषि रसायनों के अलावा उर्वरक व बीज भी बनाती है। तीन दशक पुरानी कंपनी है। इसके शेयर सिर्फ बीएसई (कोड – 507717) में ही लिस्टेड हैं। पिछले वित्त वर्ष के आखिरी दिन 31 मार्च 2011 को इसने 50.20 रुपए पर अपनी तलहटी पकड़ी थी। कल 28 मार्च 2011 को यह एकबारगी 6.73 फीसदी बढ़कर 73.70 रुपए पर बंद हुआ है, वो भी 2.31 लाख शेयरों के अच्छे-खासे वोल्यूम के साथ जिसमें से 88.58 फीसदी शेयरऔरऔर भी