किस्मत और भगवान पर हमारा वश नहीं। लेकिन आत्मविश्वास हमारा अपना है। किस्मत और भगवान जब किनारा कर लेते हैं, तब आत्मविश्वास ही काम आता है, हमें संभालता है। इसलिए उसे संभालिए।और भीऔर भी

जिंदगी जिनके लिए सिर्फ जीते चले जाने का नाम है, उनको कहां कभी इससे किसी तरह का गिला-शिकवा होनेवाला है। इसीलिए एकाध अपवादों को छोड़ दें तो जानवर कभी आत्महत्या नहीं करते।और भीऔर भी

संकट में धैर्य ही काम आता है। घबराने पर भगवान भी हमसे किनारा कर लेता है क्योंकि वो तो और कुछ नहीं, हमारे अंदर की ही छाया है। और… अशांत जल में कभी भी साफ छाया नहीं बनती।और भीऔर भी

चीज हमारी आंखों के सामने रहती है, पहुंच में रहती है, फिर भी नहीं दिखती क्योंकि हमें उसके होने का भान ही नहीं होता। भान होता भी है तो उसे गलत जगह खोजते रहते हैं। कस्तूरी कुंडलि बसय, मृग ढूंढय बन मांहि।और भीऔर भी

अक्सर हम ढूंढ कुछ रहे होते हैं और हमें मिल कुछ और जाता है। असल में लगातार चल रही इस दुनिया में कुछ लोगों, कुछ चीजों को हमारी भी तलाश रहती है। हमने उसे खोजा या उसने हमको, इससे फर्क नहीं पड़ता।और भीऔर भी

मंत्र-तंत्र हमारी अंदर की शक्तियों को जाग्रत करने के लिए होते हैं। बाहर की अनंत शक्तियों के साथ सही मेल बैठते ही काम हो जाता है। लड़ना हमें ही पड़ता है। बाहर की शक्तियां तो बस माहौल बनाती हैं।और भीऔर भी