लालच के भाव से शेयर बाज़ार में कतई पैसा न लगाएं। नहीं तो घात लगाए शिकारी कभी भी आपका शिकार कर सकते हैं। निवेश का मूल मकसद है कि हम अपनी बचत को महंगाई/मुद्रास्फीति की मार से बचाएं और लंबे समय में दौलत बना सकें। इसलिए मोटामोटी नियम यह है कि जब शेयर बाज़ार सस्ता हो तो ज्यादा निवेश उसमें करें। चढ़ा हुआ हो तो ज्यादा धन एफडी-बांड वगैरह में लगाएं। अब तथास्तु में आज की कंपनी…औरऔर भी

राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल पुणे के खडकी कंटोनमेंट इलाके में सेना की 2.61 लाख वर्गफुट जमीन पर अपना निजी महलनुमा घर बनवा रही हैं। इसमें उनका बंगला 4500 वर्गफुट क्षेत्रफल में है। बाकी इलाके को घेरकर किलेबंदी कर दी गई है। पूरा भवन लगभग बनकर तैयार हो गया है। यह पूरी की पूरी जमीन भारतीय सेना की है जिसे पाने का हक राष्ट्रपति का नहीं है। कानूनन भारत का राष्ट्रपति रिटायर होने के बाद सरकार सेऔरऔर भी

हमें इस बात को लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए कि सेल मार्केटिंग की एक बाजीगरी है जिसके चलिए उपभोक्ताओं की मानसिकता को भुनाया जाता है। शेयर बाजार में भी हर साल इस तरह की ‘क्लियरेंस’ सेल तीन बार लगती है, जिसमें बेचनेवाले अपना माल निकालते हैं। पहली बजट के आसपास, दूसरी दीवाली पर और तीसरी नई साल की शुरुआत पर। सेल में लोगबाग टूटकर भाग लेते हैं। जब उन्हें कोई रोक नहीं सकता तो आपको कोईऔरऔर भी

हसन अली पुणे महाराष्ट्र का रहनेवाला वो शख्स है जिसका घोषित धंधा घुड़दौड़ का है। मुंबई में महालक्ष्मी रेसकोर्स का वह ख्यात-कुख्यात बिजनेसमैन है। लेकिन हकीकत में वह हमारे राजनेताओं और रसूखदार लोगों के लिए ऐसा घोड़ा है जिसकी पीठ पर सवार होकर इन्होंने अपनी अवैध कमाई स्विस बैंकों के गोपनीय खातों तक पहुंचाई है। आयकर विभाग हसन अली से पेनाल्टी समेत एक लाख करोड़ रुपए की मांग करनेवाला है, जिसमें 72,000 करोड़ रुपए चुराए गए टैक्सऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों को बड़े पैमाने पर कर-चोरी और विदेश में खरबों का अवैध धन रखने के आरोपी हसन अली के खिलाफ आतंकवाद और हथियारों के सौदागरों के साथ जुड़े रहने के मुदकमे दर्ज करने को कहा है। कोर्ट का कहना है कि अली के संबंध कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों और हथियारों की खरीद-फरोख्त से रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एस एसऔरऔर भी

अफवाहें तो उड़ती हैं, उड़ाई जाती हैं। लेकिन बाजार के लिए रत्ती-रत्ती खबर भी कीमती होती है। कंपनी के अंदर की खबर बाहर निकले तो सबको एक साथ पता चले ताकि बाजार में कोई भेदभाव न हो सके। इसीलिए इनसाइडर ट्रेडिंग का नियम बना हुआ है। जाहिर है अंदर की बातें निकालकर ट्रेड करना बाजार के स्वस्थ विकास के लिए अच्छा नहीं है। ऐसे में अपने निवेश के जोखिम को कम करने का सबसे सही तरीका हैऔरऔर भी