आंखें धोखा खा सकती हैं, सूत्र नहीं
शेयर बाजार से नोट कमाना तालाब से मछली पकड़ने जैसा काम नहीं है कि बंशी डालकर बैठ गए और फिर किसी मछली के फंसने का इंतज़ार करने लगे। शेयर बाजार में किस्मत का खेला भी कतई नहीं चलता। यहां से तो कमाने के लिए पौधे लगाकर फल-फूल पाने का धैर्य चाहिए। घात लगाकर सही मौके को पकड़ने की शेरनी जैसी फुर्ती चाहिए। और, सही मौके की शिनाख्त के जरूरी है सही जानकारी। फिर सही जानकारी से सारऔरऔर भी
दोष धोखे का
हम व्यक्ति या वस्तु को जानकर नहीं, मानकर चलते हैं। परखने से पहले ही उन्हें किसी खांचे में कस लेते हैं और उसके हिसाब से अपेक्षाएं पाल लेते हैं। ऐसे में धोखा खाते हैं तो इसमें दोष हमारा भी है।और भीऔर भी
24% कृषि ऋण खेतों के खाली रहने पर
केंद्र की यूपीए सरकार के आला मंत्री किस कदर झूठ बोलते और वादाखिलाफी करते हैं, यह पिछले दिनों अण्णा हज़ारे के अनशन के दौरान कई बार उजागर हुआ। लेकिन कोई अंदाजा नहीं लगा सकता है कि वे देश के साथ कितने बड़े-बड़े झूठ बोलते रहे हैं। इनमें से एक झूठ का खुलासा हाल में ही किया है देश में किसानों को ऋण देने की निगरानी व देखरेख करनेवाले शीर्ष बैंक नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक)औरऔर भी
फर्क चालाकी का
शेर चालाकी करता है, लेकिन लोमड़ी चालाक होती है। यह फर्क हमें इंसानों के बीच भी समझना चाहिए। जिनका मूल स्वभाव ही चालाकी हो, उनसे कोई दूसरी अपेक्षा करना खुद को धोखे में रखना है।और भीऔर भी
अंधी हैं सेबी की बीस-बीस आंखें!
हमारी बाजार नियामक संस्था, सेबी और गरीब रिटेल निवेशक कितने असहाय हैं, इसे इंडिया फॉयल्स के स्टॉक से समझा जा सकता है। हम पहले भी लिख चुके हैं कि किस तरह इंडिया फॉयल्स के नए प्रवर्तक एस डी (Ess Dee) ग्रुप ने इसके शेयर खुले बाजार में 20 रुपए के भाव पर बेचे और इसका भाव 5 रुपए या उससे से भी नीचे ले गए। इसके बाद कुछ शेयरधारक कंपनी प्रबंधन से मिले तो उन्हें समझा दियाऔरऔर भी
बेगम के चक्कर में डूबती है लक्ष्मी
आपने भी देखा होगा। मैंने भी देखा है। सड़क के किनारे, गली के नुक्कड़ पर, बस अड्डों के पास, ट्रेन के डिब्बों में कभी-कभी एक आदमी नीचे बैठा ताश के छह पत्तों को उल्टी तरफ से दो-दो की जोडियों में खटाखट तीन सेट में रखता जाता है। आसपास कम से कम तीन लोग खड़े रहते हैं जो उसे घेरकर दांव लगाते हैं। दांव यह होता है कि जिसके बताए पत्ते के पलटने पर बेगम निकलेगी, उसके सौऔरऔर भी





