बाजार में कल 337 अंक के तेज सुधार के बाद मंदड़ियों की तरफ से बिकवाली का आना लाजिमी था। फिर इनफोसिस के नतीजे भी चौंकानेवाले नहीं निकले। 30-32 के पी/ई अनुपात पर अगर आप इनफोसिस द्वारा बाजार को पीछे छोड़ देने की बात सोचते हैं तो यह भारत की दूसरे नबंर की आईटी कंपनी से वाकई कुछ ज्यादा ही अपेक्षा करना हो जाएगा। हालांकि निवेशकों का एक वर्ग इस स्टॉक को तब तक पसंद करता रहेगा जबऔरऔर भी

कल भारी वोल्यूम के साथ निफ्टी के 5800 अंक से नीचे चले जाने के साथ बाजार ने ट्रेडरों और निवेशकों के विश्वास को डिगाकर रख दिया है। मुझे उम्मीद थी कि निफ्टी 5820 के बाद वापस उठेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसका कारण मुद्रास्फीति और ब्याज दरों के बढ़ने का अंदेशा बताया जा रहा है। पर यह बाजार के इस तरह धराशाई हो जाने का असली कारण नहीं हो सकता। जब वित्त मंत्री ऑन रिकॉर्ड कह रहेऔरऔर भी

2010 में बाजार से तेज रफ्तार से भागने वाले स्टॉक्स को भूल जाओ। वो साल पीछे छूट चुका है। अब तो साल 2011 में बाजार को पछाड़ने वाले नए दबंग स्टॉक्स बनेंगे। इस साल मंच संभालने वाले सेक्टर होंगे – इंफ्रास्ट्रक्चर, रीयल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल, चाय और फर्टिलाइजर। निफ्टी 5700 तक नीचे जाने के बाद वापस 6200 के करीब पहुंच चुका है जहां से उसकी नई ऊंचाई ज्यादा दूर नहीं है। आखिर निफ्टी इतनी तेजी से नई ऊंचाईऔरऔर भी

जहां तक निफ्टी का ताल्लुक है, वह अब प्रतिरोध का स्तर तोड़ चुका है और 6500 अंक की तरफ बढ़ रहा है। आज का दिन जय जलाराम का हो गया लगता है। कहने का मतलब यह है कि फिजिकल सेटलमेंट के न होने के चलते बाजार चलानेवालों ने अपनी मनमर्जी से स्टॉक्स को नचाया है। हालांकि इसमें कुछ नया नहीं है। यह हमारे शेयर बाजार का दस्तूर बन चुका है। अभी बाजार में तूफान के पहले कीऔरऔर भी

आज निफ्टी के 5920 के पार जाते ही बाजार ने पहली जंग जीत ली। अब कम से कम इतना तय हो गया है कि बाजार इससे ज्यादा नीचे नहीं जाएगा। बुधवार,15 दिसंबर एक ऐसा दिन है जिस पर मैं दो वजहों से जमकर दांव लगा रहा हूं। एक, मॉयल की लिस्टिंग और दो, एडवांस टैक्स जमा करने का आखिरी दिन। एडवांस टैक्स के आंकड़ों से शेयरों के मूल्यों को आवेग मिलेगा क्योंकि तीसरी तिमाही में अभी तकऔरऔर भी

हमें इस बात का पूरा अंदाजा था कि तेजड़िये दोहरी अफरातफरी पैदा करेंगे। इसकी दो वजहें थीं। एक, जो लोग कल लांग यानी भावी खरीद के सौदे कर चुके थे, वे भयभीत हो जाएंगे। दो, असली ट्रिगर बाजार बंद बाद होने के बाद आएगा। प्रधानमंत्री की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में 2जी स्पेक्ट्रम मामले में हलफनामा कल, शनिवार को दाखिल किया जाएगा, जिस पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। बाजार में अगली उथलपुथल मंगलवार को आएगी।औरऔर भी

मैंने कल बिजनेस स्टैंडर्ड में एक रिपोर्ट पढ़ी जिसमें संवाददाता ने किसी शेयर को ट्रेड टू ट्रेड श्रेणी में डालने के तौर-तरीकों को लेकर स्टॉक एक्सचेंज के अधिकारियों पर कुछ खरे-खरे आरोप लगाए हैं। इसमें भ्रष्टाचार तक का आरोप शामिल है। इन आरोपों की वाकई जांच-पड़ताल की जानी चाहिए और पुष्टि के लिए प्रमाण भी जुटाए जाने चाहिए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किसी शेयर को ट्रेड टू ट्रेड से दोबारा सामान्य श्रेणी मेंऔरऔर भी

पावर ग्रिड का पब्लिक इश्यू (एफपीओ) पूरा हो गया और बाजार एक बार फिर करेक्शन के मोड में चला गया। ऐसा लगा जैसे बाजार के लिए और कोई ट्रिगर ही नहीं था और वह बस पावर ग्रिड के इश्यू के बीतने का इंतजार कर रहा था। लेकिन ऐसा है नहीं। बहुत सारे ट्रिगर हैं जिनके आधार पर बाजार की नए सिरे से रेटिंग होती रहेगी। अभी तो चूंकि निफ्टी 6357 को पार नहीं कर पा रहा हैऔरऔर भी

बाजार (सेंसेक्स) खुला मुहूर्त से करीब 37 अंक बढ़कर, मगर बंद हुआ 152.58 अंक की गिरावट के साथ 20,852.38 पर जाकर। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं। यह सब कुछ नहीं, बस मछली पकड़ने के जाल जैसा काम है। जाल को नीचे तक ले जाओ ताकि और मछलियां पकड़ में आ जाएं। बाजार अब पूरी तरह नियंत्रण में है और उतार-चढ़ाव इसलिए लाए जा रहे हैं ताकि आप यहां से वहां तक झूल, या कहें तो झूमऔरऔर भी

न भूतो न भविष्यते…रोलओवर के दौरान सागर में जैसा चमकता मोती? बाजार के आखिरी आधे घंटे ने यकीनन मुझे गलत साबित कर दिया। ऐसा नियोजित और सटीक खेल खेला गया जो मेरे लिए एकदम नया था और जिसका अनुमान लगाना वाकई नामुमकिन था। मैं यह बात दिल से स्वीकार करता हूं। कितना विकसित और प्रोफेशनली नियमित है हमारा भारतीय पूंजी बाजार! जिन्होंने इस बाजार की व्यवस्थाएं बनाई हैं, उन्हें बधाई दी जानी चाहिए और सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कारऔरऔर भी