महाराष्ट्र सीमलेस (बीएसई – 500265, एनएसई – MAHSEAMLES) का नाम सुनकर लगता है कि जैसे यह महाराष्ट्र के किसी उद्योगपति की कंपनी हो। लेकिन यह हरियाणा के डी पी जिंदल समूह की कंपनी है। असल में देश में जिंदल नाम के तीन समूह है और तीनों का मूल परिवार एक है। पहला, ओ पी जिंदल समूह जिसकी मुख्य कंपनियां हैं – जिंदल स्टेनलेस, जिंदल सॉ, जेएसडब्ल्यू स्टील और जिंदल स्टील एंड पावर। दूसरा, एस एस जिंदल समूहऔरऔर भी

कभी-कभी शेयर बाजार से आ रही खबरों को देखकर लगता है कि यहां चालबाजों और संस्थाओं का ही खेल चलता है। चालबाज भावों के साथ खेलते हैं और देशी-विदेशी संस्थाओं का अपना जोड़तोड़ है। लेकिन यही पूरा सच नहीं है। शेयर बाजार में वाजिब निवेशक भी है और उनकी खरीद भी समझदारी भरी होती है। ऐसे निवेशक इस समय बॉटम फिशिंग या तलहटी पर पहुंचे मजबूत शेयरों को खरीदने में जुट गए हैं। इसका छोटा-सा अंदाज इससेऔरऔर भी

नवीन फ्लूवोरीन इंटरनेशनल (बीएसई – 532504, एनएसई – NAVINFLUOR) शुक्रवार को 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर 253 रुपए तक गिरने के बाद 261.05 रुपए पर बंद हुआ है। पिछले एक महीने में यह 25 फीसदी से ज्यादा टूटा है। 12 नवंबर को ऊपर में 340 रुपए तक चला गया था और 10 दिसंबर तो 253 रुपए तक नीचे चला गया। अगर यह गिरावट आनी ही थी तो 19 अक्टूबर के आसपास आनी चाहिए थी क्योंकि उस दिनऔरऔर भी

खबर आ जाती तो अच्छा था। लेकिन यहां तो कानोंकान सुनी और कही गई बातें फैलाई जा रही हैं। कहा गया कि आईबी की रिपोर्ट में रुचि सोया और केएस ऑयल के शेयर-भावों के साथ धांधली की बात है और रुचि सोया को 27 फीसदी व केएस ऑयल को 14.69 फीसदी फटका लग गया। निवेशक घबराए हुए हैं। ऐसे में सेबी को चाहिए कि सामने आकर स्थिति साफ करे कि आईबी की ऐसी कोई रिपोर्ट है किऔरऔर भी

केएस ऑयल्स (बीएसई – 526209, एनएसई – KSOILS) में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है कि उसका शेयर 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाए। लेकिन कल वह 37.80 रुपए की तलहटी पर पहुंचा है तो कुछ तो वजह रही होगी? अपने-आप तो ऐसा नहीं हो सकता? उसमें वोल्यूम भी अच्छा-खासा हुआ है। बीएसई में जहां दो हफ्ते का औसत रोजाना कारोबार 12.64 लाख शेयरों का रहा है, वहीं कल इसके 20.85 लाख शेयरों में सौदेऔरऔर भी

एलायड डिजिटल सर्विसेज (बीएसई – 532875, एनएसई – ADSL) इस समय निवेशकों से मुखातिब है। समझाने में लगी है कि उसमें निवेश करना क्यों लाभ का सौदा है। आज ही वह इस सिलसिले में मुंबई में निवेशक दिवस बना रही है। आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन की सेवाएं देने वाली यह ठीकठाक कंपनी है। भारत में 132 जगहों पर मौजूद हैं और अमेरिका में एनप्वाइंटे ग्लोबल सर्विसेज के अधिग्रहण के बाद वहां के 40 से ज्यादा राज्यों में पहुंचऔरऔर भी

ट्यूलिप टेलिकॉम (बीएसई – 532691, एनएसई – TULIP) का शेयर इस हफ्ते 173 रुपए से बढ़कर 184 रुपए तक पहुंच चुका है। एचडीएफसी सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट को आधार बनाएं तो अगले साल भर में यह 246 रुपए तक जा सकता है। यानी, इसमें 33 फीसदी से ज्यादा बढ़त की गुंजाइश अभी बाकी है। उसने कंपनी की भावी संभावनाओं के आधार पर यह आकलन किया है। कंपनी का अभी तक का आधार भी मजूबत है। उसका ठीकऔरऔर भी

बामर लॉरी एंड कंपनी (बीएसई – 523319, एनएसई – BALMLAWRIE) बड़ी विचित्र कंपनी है। यह सरकारी कंपनी है, लेकिन प्रवर्तक के रूप में न तो भारत सरकार और न ही किसी राज्य सरकार के पास इसके कोई शेयर हैं। इसके सारे के सारे शेयर, पूरी की पूरी 16.29 करोड़ रुपए की इक्विटी पब्लिक के पास है। सरकार इसमें प्रवर्तक नहीं, बल्कि पब्लिक के खाते से अप्रत्यक्ष रूप से शामिल है। असल में इसकी 61.80 फीसदी इक्विटी बामरऔरऔर भी

यह न तो कोई बड़ी बात है और न इतनी छोटी कि इसे यूं ही चलता किया जाए। खाद्य तेलों से शुरू करके बिजली के घरेलू साजोसामान तक पहुंची और देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी बन चुकी कंपनी विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने तय किया है कि वे अपने नाम में दर्ज कंपनी के 21.30 करोड़ शेयर ऐसे ट्रस्ट के खाते में डाल देंगे, जहां से वे खुद भी चाहें तो वापस नहीं लेऔरऔर भी

सुबेक्स लिमिटेड का शेयर 1 अक्टूबर को 52.25 रुपए पर बंद हुआ, 1 नवंबर को 74.40 रुपए पर बंद हुआ और कल 30 नवंबर को भी इसका बंद भाव बीएसई में 74.05 रुपए रहा है। इस तरह एक महीने में 40 फीसदी से ज्यादा की बढ़त हासिल करने के बाद यह पिछले एक महीने से ठहरा हुआ है। हालांकि इस दौरान यह ऊपर में 94.90 रुपए और नीचे में 66 रुपए तक जा चुका है। इस समयऔरऔर भी