इंटरनेट के इस दौर ने जहां डाक पर लोगों की निर्भरता कम की है, वहीं डाक कर्मियों को शिकायत है कि अब उन्हें काम करने में न तो लोगों से पहले जैसी आत्मीयता मिलती है और न ही किसी तरह का आनंद। सब कुछ यंत्रवत हो गया है। पिछले 21 साल से डाक बांटने वाले पोस्टमैन रघुनंदन गुप्ता ने बताया ‘‘पहले की बात और थी। लोगों को अपनी चिट्ठी का इंतजार रहता था। हम डाक लेकर जातेऔरऔर भी

ई-मेल, एसएमएस व फोन द्वारा लॉटरी जीतने और ईनाम देने के फर्जीवाड़े से जनता को जागरूक करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अब मीडिया का सहारा ले रहा है। रिजर्व बैंक ने जनता को धोखाधड़ी वाली लाटरियों में न फंसने के लिए टेलीविजन व रेडियो में विज्ञापन प्रसारित करवाने के साथ ही अब प्रिंट मीडिया के माध्यम से भी जागरूक करने में लग गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के क्षेत्रीय निदेशक बाजिलऔरऔर भी