पांच दिन पहले चेताया था, आखिर बंद हुए स्पीक एशिया के बैंक खाते

हमने पूरे पांच दिन पहले चेताया था कि स्पीक एशिया के बैंक खाते फ्रीज होने लगे हैं। तभी से तमाम तथाकथित ‘स्पीकएशियंस’ टिप्पणियों में कोहराम मचाए हुए थे कि सब झूठ है, बकवास है। लेकिन अब खुद स्पीक एशिया ने आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया है कि सिंगापुर तक में उसके खाते बंद कर दिए गए हैं। उसने यह भी माना है कि कुछ बैंकों ने भारत में उसके एजेंटों के खातों को ‘तात्कालिक रूप’ से फ्रीज कर दिया है।

स्पीक एशिया ने अपनी वेबसाइट पर पेश किए गए ताजा न्यूजलेटर में बताया है, “मीडिया के हो-हल्ले के बाद 25 मई 2011 को सिंगापुर के यूओबी बैंक ने हमें बाध्य किया कि दो दिनों के भीतर हम अपने दो खाते बंद कर दें। उन्होंने हमें अपना पक्ष प्रस्तुत करने या हमें सुनने का मौका भी नहीं दिया। कृपया नोट करें कि यूओबी जैसा व्यवधानरहित अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग गेटवे जुगाड़ने के लिए इंटरबैंक व प्रबंधित आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर समन्वय और कार्यान्वयन में कम से कम 6-8 हफ्ते लग जाते हैं।”

मतलब साफ है कि स्पीक एशिया के खाते से अगले छह से आठ हफ्तों तक भारत में उसके 20 लाख पैनलिस्टों को एक धेला भी नहीं मिलनेवाला है। इन दो-तीन महीनों बाद स्पीक एशिया कहां रहेगी, रहेगी भी या नहीं, कुछ नहीं कहा सकता। हालांकि स्पीक एशिया ने भारत व सिंगापुर में सरकारी जांच व कार्रवाई के कसते फंदे ने परोक्ष रूप से इनकार करते हुए कहा है कि उसने खुद अपनी तरफ से 15 मई 2011 को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) समेत भारत सरकार के विभिन्न प्राधिकृत निकायों को अपनी जांच कराने का अनुरोध ई-मेल के जरिए भेज दिया था। लेकिन किसी ने भी अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।

सिंगापुर में यूओबी बैंक में स्पीक एशिया के दो बैंक खातों के बंद हो जाने का असर यह हुआ है कि 13 से 20 मई के दौरान स्पीक एशिया ऑनलाइन द्वारा प्रोसेस किए गए सारे भुगतान अटक गए हैं क्योंकि यूओबी बैंक ने सिंगापुर से भारत को टीटी (टेलिग्राफिक ट्रांसफर) नहीं भेजे हैं। यहीं नहीं, यूओबी बैंक ने स्पीक एशिया को उसके खातों को बंद करने का अनुदेश भी थमा दिया है।

स्पीक एशिया का कहना है कि यूबीओ बैंक में उसके बैंक खातों में जमा रकम पैनलिस्टों, वेंडरों और कर्मचारियों की है। सारे पैनिलस्टों का धन यूओबी, सिंगापुर में है। स्पीक एशिया के मुताबिक उसने अपनी लॉ फर्म के जरिए यूओबी बैंक से कहा है कि वे इस खाते का धन अलग से नए बैंक खाते या क्लाएंट एस्क्रो खाते में डाल दें जो कंपनी की तरफ से नहीं, बल्कि पैनलिस्टो, वेंडरों व कर्मचारियों की तरफ से संचालित होगा।

जानकारों का कहना है कि स्पीक एशिया चूंकि भारत में पंजीकृत नहीं है। इसलिए भारत में उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकती है। जबकि, सिंगापुर के इन बंद बैंक खातों का बहाना बनाकर वह भारत के 20 लाख पैनलिस्टों से जमा किए करीब 2000 करोड़ रुपए गड़प कर जाएगी। उसके पैनलिस्ट हो सकता है कि आठ हफ्ते तक कंपनी के आश्वासन पर ठंडे पड़े रहें। लेकिन इसके बाद कंपनी अपनी वेबसाइट बंद कर सारे संपर्क तोड़ लेगी।

दूसरी तरफ, स्पीक एशिया ने कहा है, “हम सिंगापुर में सरकार की अधिकृत संस्थाओं और संबंधित बैंकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जा रहे हैं। इसलिए भारत में स्पीक एशिया के पैनलिस्टों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। जैसा कि हमने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया था कि हम अगस्त 2011 तक भारत में अपना स्थाई प्रतिष्ठान या दफ्तर खोलने जा रहे हैं। इससे सिंगापुर मूल के नाते हमारे प्रति उठाई जा रही शंकाएं बंद हो जाएंगी। हम सब यही रहेंगे, कहीं नहीं जाएंगे।”

मजे की बात यह है कि ये दावा स्पीक एशिया की चेयरपर्सन व सीईओ हरेन्दर कौर की तरफ से किया गया है जो खुद भारत के बाहर सिंगापुर या ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में बैठी हुई हैं। वैसे, कंपनी के कर्ताधर्ता इस समय कितने घबराए हुए हैं, इसका हल्का-सा अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जो प्रेस कांफ्रेस उन्होंने 16 मई को थी, उसे अब 15 मई को हुआ बता रहे हैं।

यह भी नोट करने की बात है कि कंपनी ने आवाहन किया है कि भारत में स्पीक एशिया से जुड़ा हर शख्स प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ऑनलाइन याचिका भेजे। स्पीक एशिया की वेबसाइट के लिंक से खुलनेवाली इस याचिका में कहा गया है कि जांच के सच को सामने लाया जाए ताकि 20 लाख पैनलिस्टों व उनके परिवार वालों को शांति मिल सके। यह भी, कि अगर स्पीक एशिया गलत निकले तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

असल में, यह सब केवल भावनात्मक छलावा है जो 20 लाख पैनलिस्टों को तात्कालिक रूप से शांत करने के लिए पेश किया जा रहा है। सोचिए, जो कंपनी भारत में केवल ऑनलाइन मौजूद हो, जिसने भारत में किसी नियामक संस्थान के पास अपना पंजीकरण न कराया हो, उसके खिलाफ भारत सरकार क्या और कैसे कार्रवाई करेंगी? अगर आपने लालच में आकर स्पीक एशिया में पैसे लगाए हैं तो यह सरासर आपकी गलती है और आपकी खोई हुई रकम अब आपको कोई भी नहीं वापस दिला सकता। इसके लिए हमारे लचर कानून भले ही दोषी हों, लेकिन वो बाद की बात है। अभी तो खुद को हुए इस नुकसान के लिए केवल आप और आप ही दोषी है। याद रखें…

समझदारी के आज के युग में मूर्ख रह जाना सबसे बड़ा गुनाह है।

2 Comments

  1. Few figures for you which shows how SPEAK ASIA is taking care of us :

    Present Balance in UOB a/c of SA : 482 million dollars
    (Sufficient funds to pay survey income to all the existing panelist for the next two years)

    Now company has to withdraw funds from UOB as per the decision of UOB bank (Not abide by RBI, Govt. of India or Singapore its UOB’s own decision as they are confused b’coz of media ).

    So company is taking following decision :

    Escrow a/c* : 200 million dollars
    a/c with new bank : 300 million dollars

    But to process the pending request it will take some time so company is trying to establish a temporary arrangement on priority basis for the newly associated 4 lakh panelists so that they don’t get panic.

    For SA upcoming ambitious project i.e. e-shoppe SA is already having 10 million dollars in advance from different prestigious brands.

    Another fantastic news any time in the coming months SA in association with a UK based company can go for a 2G spectrum licence and launch our own Mobile network.

    In context to ad based survey SA has already captured approx. 10% of the market share from advertisement in the TV channels all over India.

    From Monday onwards their will be SMS blast by company to make us aware about new updates and news.

    We had made a claim of Rs.3320.00 crores to all those who tried to defame us.

    All staff of company will not withdraw their 2 month salary to support company at this crucial time.

    2ND june 2011 talkatora stadium delhi booked for 2 seasons meeting of ticket 200/- only. ( morning & evening 4000 speak asians each seasons ) for tickets cal priyal sir & my self.

    (Three cheers for them)

    Its really a good news to cheer.

    Long live SPEAK ASIA.

    zalak

  2. http://www.bizbasket.net/2011/05/star-tv-scam-exposed.html

    Star News Was the 1st To Come Up With Breaking News Trying Their Best To Manipulate Facts And Prove That SpeakAsia Is A Scam.

    Guess What – NOW – Its Our Turn To Educate The World That STAR Group IS Fraud and Scam.

    H O W ? ? – Here Is The Answer:

    Star News ANNOUNCED that SpeakAsia is black listed in Singapore on the basis on Non-Compliance State on ACRA Certificate. When SpeakAsia CEO Mr Manoj Kumar tried to explain everyone the reason that this was just due to a delay in submission of annual report which resulted this then these people never bothered to listen to SAOL management.

    Now – We have found out the Star TV is NON COMPLAINT In Singapore – Check The Proof Below

    Star News Kept Shouting At The Top Of Their Voice About SpeakAsia’s Non Compliance Certificate But The Same Body States Star TV Also As Non-Compliant.

    Do We Have ANYONE In India Who Will Question StarNews About This????

    Mr Kirit Somaiya – Are You Listening ????

    Ms Sucheta Dalal – Are You Listening ????

    Mr Rahul Kanwal – Are You Listening ????

    Thats Not All – There’s More

    StarPanel is a sister concern of Star TV – StarPanel is one of the most cloudy organization one would have come across ans STILL No One Seems To Talk about StarPanel. WHY ????

    StarPanel Is An Indian Company But Is Paying In DOLLARS – WHY ???
    When We Asked StarPanel They Could Not Answer This
    Inspite Of Being Indian They Pay Their Panelist Through PayPal – WHY ???
    When asked they say they respect their panelist’s privacy and hence do want want their information.
    OK – But they are ready to compromise their panelists information with a 3rd party ??? VERY STRANGE AND FISHY..!!

    Star Panel paying Rs. 50 per dollar – WHY ???
    StarNews can question SAOL at the top of their voice on this same question but not StarPanel – WHY ????
    PS: – Now StarPanel has made a change in their website where they do not state Rs50 per dollar

    Sucheta Dalal’s reporter Yogesh stated and asked at the top of his voice that any company in India does not give more than Rs20-40 for any survey then how come SAOL is giving 500
    Can ANYONE please suggest Mr Yogesh to QUESTION StarPanel that how come StarPanel is paying Rs150 per survey????

    When we asked StarPanel about their office address they gave us an email address instead – WHY ???

    WHO OWNS STAR TV ????
    Satellite Television Asia Region (STAR) is an Asian TV service owned by Rupert Murdoch’s News Corporation

    Thats Not All – Lets Analyze The Video Below – Facts Or Manipulation ??

    The moment the news starts they show a banner of SpeakAsia Surveys which is NOT the true SpeakAsia banner. This banner has been taken from some other site. Hence Its VERY Easy To Infer That StarNews Never Bothered To Go Through SpeakAsia’s Website Where They Would have Got Most Of The Information They Have Been Shouting About. This also gives us a clear hint that their source of information cannot be correct – Lack of Facts Or Intentional Manipulation

    They say INVEST 11k and Earn 52k and then the reporter says that This SHORTCUT method of earning is by SpeakAsia Where You Earn This Money SITTING At Home Doing NOTHING – This again proves only 2 things -Lack of Facts Or Intentional Manipulation ???. Both are DANGEROUS If Media Has This Problem

    “Ho Sakta Hai Aap Kabh Bhi Phas Jaaye” – isnt StarNews Trying To Manipulate – A BREAKING NEWS on ASSUMPTIONS????

    “Muft Ki Kamaai” – WHO Said Its FREE Income – Dont They Know That We Get Paid Only When We Do Surveys ??? Lack of Facts Or Intentional Manipulation ???

    Its STARNEWS Who Said That SAOL Have Done Surveys For Companies Like Airtel/Bata/ICICI – SpeakAsia NEVER Said This. SAOL said that they have worked with us. Lack of Facts Or Intentional Manipulation ???

    They are speaking about SpeakAsia but in the background they were showing RamSurvey which was never mentioned by them in that same news or the other until very recently.. This is to be noted that RamSurvey’s Business Model is same as SpeakAsia but StarNews Never bothered to speak against them until recently and when they spoke about RamSurvey they said its been shit down, which, however the panelists of RamSurvey deny

    As Per Star News – Manoj Chandra From Bata sends an email to StarNews Stating That “We Have Never Asked SAOL to do surveys for us ” – So When Did SAOL said that a survey was done on Bata as per their instruction. But Ofcourse this is VERY True that Bata DID work with SpeakAsia. Click Here To Know Exact FACTS.

    “Company Ye Thik Thik Kyun Nahi Bata Pa Rahi Hai Ki Jin Survey ka Paisa Vo Logo Ko Deti Hai Un Survey Ka Istamal Kaun Si Companiya Kar Rahi Hai” – This is the exact words the correspondent had used. WHY Is Star SO Interested In Knowing SpeakAsia’s Clients ???

    STARPANEL ???? Think – 1st They Create A Confusion By Manipulation About SpeakAsia giving wrong information and then forcing them to reveal their client base.
    WHY didnt these Media people agree to sign an NDA with SAOL for seeing the list of their Clients.?? Are Our Media People SO EGOISTIC ?????
    Foreign Remittance Of SpeakAsia is done by ING Bank through their Master Franchise which StarNews never bothered to inform public.
    StarNews Says That Company Is Not Registered In India
    As per the legality, its not mandatory to get registered in every country for any online business
    There are hundreds of Indian company which ran away even though they were registered in India. Is StarNews TRYING To Say that registration will hold any company from running away ???
    IDSA – Indian Direct SELLING Association – But As Per StarNews IDSA Is The Regulatory Body Of SURVEY Companies In India – WHAT ??????????
    We NOW Doubt if this is a LACK Of FACTS – This definitely Looks like MANIPULATION of FACTS

    Haren Kaur – Owner Of SpeakAsia – SAOL is a part of Haren Ventures Group which is there in Singapore for 15 yrs and according to STARNEWS all our money is going to Singapore Where Haren Kaur Lives
    Star TV is owned by Keith Rupert Murdoch who by Birth is an Australian but today enjoys the nationality of US. Now where does the revenue of Star TV goes – Australia or US ??????
    Company Pays Rs50 per dollar – So Does StarPanel
    Atleast, SAO considers 50 bucks for every transaction whether they take or give, but StarPanel ???
    And SpeakAsia does not say its Dollar, they have always said that this is Reward Point

    Why Is There No TDS – These EDUCATED Reporters dont have this basic knowledge that until and unless a company is registered in India, they cant deduct TDS ?????????
    Post this they name few companies who were scam, cheated people in the past and had run away. many of the companies names were those who were registered in India
    “SpeakAsia Aisa Hi Karegi Ye Dawa Nahi Kiya Ja Sakta Hai” – So What StarNews Trying To Prove ???
    To Join SpeakAsia You Must Have 11k – Lack of Facts Or Intentional Manipulation ???
    There are 3 ways to join SpeakAsia Click Here To Know All Three
    The minimum fee to join SpeakAsis is FREE
    The 2nd minimum cost is Rs1,000
    The 3rd minimum cost is Rs6,000
    WHY IS STARNEWS LYING ????????????

    Dear SpeakAsians,

    You All Are Intelligent Enough To Realize Whats Truth And Whats Not – If SpeakAsia Is Being Named Or Framed – Are These LACK of FACTS or MANIPULATION of FACTS.

    NOW – Its You To Decide –

    What Do You Want To Do ?
    Whom Do You Want To Trust ?
    SpeakAsia Has Given Immense Employment Opportunity And Have Changed LifeStyle Of Thousands Of People. Will You Let These Media People To TAKE AWAY This From You ??????

    JAAGO INDIA JAAGO
    zalak

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