सागर के तल से मिलेंगे माणिक-मोती

निफ्टी में 5330 या सेंसेक्स में 17,770 को हमने बाजार का बॉटम बताया था। सेंसेक्स दो दिन पहले 25 मई को 17,786 तक गिरने के बाद 17,847 पर बंद हुआ था। आज, शुक्रवार को सेंसेक्स पलटकर उस स्तर से 419 अंक ऊपर जाकर 18,266 पर पहुंच गया। अब हम दावे के साथ कह सकते हैं कि बाजार अपनी तलहटी पकड़ने के बाद ऊपर उठ रहा है। अब 4800 या 5000 की अफवाहों को हमें इस सेटलमेंट के अंत के लिए बचाकर रख लेना चाहिए क्योंकि हर सेटलमेंट के अंत में जान-बूझकर इस तरह की अफवाहें फैलाई जाती हैं।

इस समय तो मैं एकदम पक्का हूं कि बाजार तलहटी पर पहुंच चुका है। इसकी एक वजह तो यह है कि बाजार का मजबूत स्तंभ रह चुका रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का स्टॉक फिर मजूबती से उठ रहा है। हालांकि मीडिया में खबरें आई हैं कि म्यूचुअल फंडों में अब आरआईएल की चाह खत्म हो चुकी है। लेकिन मेरे पास यह मानने का पूरा आधार है कि बादशाह हमेशा बादशाह ही होता है। गुजरे दो साल रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए जरूर बुरे रहे हैं, लेकिन अब उसे कोई मात नहीं दे सकता। गैस के बाजार आधारित मूल्यों के साथ रिलायंस के लिए कम से कम एक सेगमेंट में स्थितियां बेहतर हो रही हैं। डी-6 ब्लॉक के तेल को लेकर चल रही मारामारी बहुत जल्द ही खत्म हो सकती है।

दूसरी वजह जिसके चलते मैं कह रहा हू कि बाजार न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुका है, वह यह है कि बी ग्रुप या बीएसई-500 में शामिल क्र्यू बीओएस प्रोडक्ट्स, कैमलिन व बीएफ यूटिलिटीज जैसे स्टॉक्स में वोल्यूम और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। यह बाजार के लिए निश्चित रूप से थोड़ा शुभ संकेत है।

इनफोसिस और एसबीआई स्तरीय स्टॉक्स हैं और दोनों ही पिछले सेटलमेंट में डेरिवेटिव सौदों में फिजिकल सेटलमेंट की व्यवस्था न होने के चलते गिरावट का शिकार हुए हैं। इस समझना बहुत आसान है। इस सेटलमेंट में एसबीआई 2900 रुपए और इनफोसिस 3300 रुपए पर चला गया था। यह बात हमेशा देखी गई है कि जब भी रिटेल व कुछ एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल) निवेशक ऊंचे भावों पर फंस जाते हैं तो वे अपनी पोजिशन आसानी से नहीं काट पाते और उनका घाटा बढ़ता चला जाता है।

बाजार चलानेवाले इस स्थिति का फायदा उठाते हैं। वे सेटलमेंट के अंत तक स्टॉक को पीटते रहते हैं और निवेशक को भरपूर निचोड़ डालते हैं। इस बार निवेशक इनफोसिस में 3300 और एसबीआई में 2900 पर लांग थे, उन्हें क्रमशः 600 और 700 रुपए निकालने पड़े जो एक सेटलमेंट में 15 से 20 फीसदी का नुकसान है। आप देख लीजिएगा, यही स्टॉक्स इस सेटलमेंट में पलटकर उठेंगे। ऐसा तब तक बारम्बार होता रहेगा, जब तक स्टॉक डेरिवेटिव्स में फिजिकल सेटलमेंट नहीं लागू किया जाता। सेबी ऐसा करने का आदेश जारी कर चुकी है। बीएसई इसे मान चुका है। लेकिन एनएसई इसे लागू करने से कतरा रहा है। इसकी वजह कोई भी आसानी से समझ सकता है।

निफ्टी में 5600 पर प्रतिरोध का बड़ा स्तर है। मेरा मानना है कि 200 दिनों के मूविंग औसत (डीएमए) को बाजार तीसरी तिमाही के थोड़ा आगे-पीछे उस वक्त पार कर सकता है, जबकि मुद्रास्फीति लगभग 6 फीसदी के संतोषजनक स्तर पर होगी और ब्याज दरों में बढ़ने के बजाय गिरने का क्रम शुरू होने लगेगा।

टाटा मोटर्स के नतीजों में कोई खराबी नहीं थी। फिर भी आज इस स्टॉक को 6.25 फीसदी पीट डाला गया। एनालिस्ट समुदाय कारण बताता है कि, “टाटा मोटर्स कम से कम दो तिमाहियों तक दबाव में रहेगा। कंपनी की ब्रिटिश इकाई जैग्वार लैंड रोवर (जेएलआर) ने चौथी तिमाही में प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर 20 करोड़ पौंड का निवेश किया है जो तीसरी तिमाही में इस मद में किए गए 4.3 करोड़ पौंड के खर्च से 300 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने वित्त वर्ष 2011-12 में 150 करोड़ पौंड के निवेश का अनुमान लगाया है। इस 150 करोड़ पौंड में से 75 करोड़ पौंड प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर और बाकी पूंजीगत मद में खर्च होंगे। पूंजीगत खर्च में चीन में असेम्बली प्लांट लगाना शामिल है। घरेलू बाजार के दम पर स्टैंड-एलोन रूप से टाटा मोटर्स को वित्त वर्ष 2011-12 में कम से कम दूसरी तिमाही तक महंगी लागत सामग्रियों का दबाव झेलना पड़ेगा।” एनालिस्टों की इस राय के विपरीत मेरा मानना है कि टाटा मोटर्स स्तरीय स्टॉक है और वो पलटकर वापस उठेगा।

भगवान ने इस दुनिया को गोल बनाया है। इसलिए हम कभी भी क्षितिज के आगे नहीं देख पाते।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ है। लेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री या अर्थकाम किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। यह मूलत: सीएनआई रिसर्च का फीस-वाला कॉलम है, जिसे हम यहां मुफ्त में पेश कर रहे हैं)

1 Comment

  1. Although we do have positive view on psu’s like Scooters India, MMTC, Tide Water, Andrew Yule, Madras Fert etc.
    Do advise on the divestment target price of govt’s entire stake of 95% in Scooters india.Besides M & m, Atul , now the govt is seeking foreign byuer also for its full stake.Do some research on these.Advise.

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