एमटीएनएल जरूरत से ज्यादा स्टाफ से परेशान

सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी एमटीएनएल पिछले कुछ समय से जरूरत से ज्यादा स्टाफ होने की वजह से परेशान है। संचार व सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री गुरूदास कामत ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि 31 दिसंबर 2010 की स्थिति के अनुसार महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) में कुल 44,046 कर्मचारी हैं।

कामत ने बताया कि वर्ष 2007-08 में एमटीएनएल की आय 5330 करोड़ रूपए रही और उसने अपने स्टाफ के वेतन व अन्य बकाये पर 1643 करोड़ रूपए व्यय किए। वर्ष 2008-09 में उसकी आय 5220 करोड़ रूपए रही और उसने अपने स्टाफ पर 2127 करोड़ रूपए खर्च किए। वर्ष 2009-10 में एमटीएनएल की आय 5058 करोड़ रूपए रही और उसने अपने स्टाफ के वेतन और अन्य बकाये पर 4966 करोड़ रूपए व्यय किए।

इस तरह हम देख सकते हैं कि इन सालों में एमटीएनएल की आय और स्टाफ पर उसके खर्च का अंतर लगातार कम होता गया है। नोट करने की बात है कि एमटीएनएल के शेयर लगातार बाजार में पिटते जा रहे हैं और इनके शेयरधारकों को काफी नुकसान हो रहा है।

कामत ने मोहम्मद अदीब के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि खर्च कम करने के लिए एमटीएनएल ने सभी भर्तियों पर रोक लगा दी है। केवल उन्हीं प्रमुख क्षेत्रों के पदों में भर्ती की जा रही है जहां पेशेवर रूप से योग्यता प्राप्त कर्मियों की जरूरत है। इसके अलावा दौरों पर खर्च जैसे अनावश्यक व्यय में कटौती के लिए कदम उठाए गए हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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