दुनिया को दिखाना है ताकि भारत को हर कोण से बेचने का चौकस माहौल बना रहे। मोदी सरकार ने दलाली के साध्य के लिए जीडीपी को देश बेचने का साधन बना दिया है। बाकी देश व अवाम जाए भाड़ में। बस जीडीपी चमकता दिखना चाहिए। उसे फर्क नहीं पड़ता कि देश के लगभग 80% स्वरोजगार में लगे व नौकरीपेशा लोगों की वास्तविक आय पिछले कुछ सालों में घट गई है, जबकि इसी दौरान स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्टेडऔरऔर भी