अंग्रेज़ी-हिंदी बिजनेस चैनलों से लेकर पत्र-पत्रिकाओं पर गौर करें तो पाएंगे कि जब शेयर बाज़ार चरम तेज़ी पर होता है, तब वे उसके चढ़ते जाने का माहौल बनाते हैं। ब्रोकरों की तरह चैनलों के एनालिस्ट उन्हीं स्टॉक्स को खरीदने की सलाह देते हैं जो पहले से 52 हफ्ते के शिखर पर हैं। फेसबुक या वॉट्सअप पर तो लोगबाग निफ्टी, बैंक निफ्टी व स्टॉक्स में जादू-मंतर जैसी सलाह फेंकते हैं। तुक्का लग गया तो ऐसे उछलते हैं जैसेऔरऔर भी