रिटेल ट्रेडर चाहे नौकरीपेशा हो या काम-धंधा करता हो, उसके पास महीने के शुरू में धन की गरमी रहती है तो ज्यादा रिस्क ले सकता है। लेकिन महीने का अंत आते-आते सारी गरमी निकल जाती है तो उसकी सक्रियता कम हो जाती है। दरअसल, बाज़ार में सक्रिय इंसानों व संस्थाओं का बर्ताव ही उसमें चक्र का स्वभाव पैदा करता है। वरना, शेयर बाज़ार को कोई सजीव वस्तु तो है नहीं, जिसमें अपने-आप चक्र का चक्कर चल निकले।औरऔर भी