भारतीय कम्‍पनी सचि‍व संस्‍थान (आईसीएसआई) ने कम्‍पनी सचि‍व फाउंडेशन कार्यक्रम के लि‍ए नया पाठ्यक्रम शुरू कि‍या है। इसमें चार पेपर इस प्रकार होंगे – बिजनेस माहौल व उद्यमशीलता, बिजनेस प्रबंधन, नीति‍शास्‍त्र व संप्रेषण, बिजनेस अर्थशास्त्र, लेखा व लेखा परीक्षण के मूल सि‍द्धान्‍त। नये पाठ्क्रम के अंतर्गत फाउंडेशन कार्यक्रम के लि‍ए वस्‍तुपरक बहुप्रश्‍न प्रणाली (OMR) परीक्षा होगी। छात्र इस परीक्षा में अपने अध्‍ययन के आधार पर भाग ले सकते हैं। फाउंडेशन कार्यक्रम के छात्रों के लि‍ए कोचिंग पूराऔरऔर भी

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के मुताबिक, अब समय आ गया है कि महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) पर अमल के दूसरे चरण की शुरुआत की जाए। गुरुवार को राजधानी दिल्ली में छठे मनरेगा सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि राज्‍य सरकारों और विभिन्‍न समूहों के साथ व्‍यापक विचार-विमर्श के बाद अनेक नए विचार सामने आए और उनमें से कुछ को अगले महीने तक मनरेगा के दूसरे चरण में शामिल करऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसले में 2जी स्पेक्ट्रम के वे सभी 122 लाइसेंस रद्द कर दिए, जिन्हें तिहाड़ जेल में बंद पूर्व टेलिकॉम मंत्री अंदीमुतु राजा ने 10 जनवरी 2008 को जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये लाइसेंस अवैध हैं और इन्हें निरस्त किया जाता है। देश की सर्वोच्च अदालत की दो सदस्यीय खंडपीठ के मुताबिक, लाइसेंस देने की प्रक्रिया समानता के सिद्धांत का उल्लंघन करने के साथ ही पूरीऔरऔर भी

बाजार में ऑपरेटरों का आज जैसा कमाल सर्कस मैंने कभी-कभार ही देखा है। जब बहुत सारे स्टॉक्स गिरते जा रहे थे, तब वे जबरदस्ती के कुछ लांग सौदों के जरिए निफ्टी को संभालने में लगे रहे। फिर भी उनकी पीठ थपथपाई जानी चाहिए क्योंकि वे अपने मकसद में कामयाब रहे। आखिर सेंसेक्स व निफ्टी को मैनेज करना कोई हंसी-मजाक नहीं है! निफ्टी आज 0.65 फीसदी बढ़कर 5269.90 और सेंसेक्स 0.76 फीसदी बढ़कर 17,431.85 पर बंद हुआ है।औरऔर भी

रिजर्व बैंक ने साल 2010-11 में कागज के नोटों की छपाई पर कुल 2376 करोड़ रुपए खर्च किए। एक हज़ार का नोट छापने का कुल खर्च 3.17 रुपए आता है, जबकि पांच रुपए के नोट का खर्च 48 पैसे है। आनुपातिक रूप से पांच रुपए का नोट छापना सबसे महंगा है क्योंकि उसकी लागत अंकित मूल्य की 9.6 फीसदी है, जबकि यह अनुपात हज़ार रुपए के नोट के मामले में केवल 0.32 फीसदी है। देश में कागजऔरऔर भी

केन्नामेटल इंडिया मूलतः विदेशी कंपनी है। औद्योगिक उत्पादन में इस्तेमाल होनेवाले एडवांस किस्म के टूल्स, टूल सिस्टम और इंजीनियरिंग कंपोनेंट बनाती है। मूल अमेरिकी कंपनी केन्नामेटल का गठन 1934 में हुआ था। साल 2002 में उसने मशीन टूल्स के धंधे में लगे बहुराष्ट्रीय समूह विडिया को खरीद लिया तो उसकी भारतीय इकाई उसकी हो गई और उसने केन्नामेटल इंडिया का नाम अपना लिया। इसके जरिए अमेरिकी कंपनी का इरादा भारत व चीन के उभरते बाजारों को पकड़नेऔरऔर भी

हमारे अंदर-बाहर हर वक्त जड़ता व गतिशीलता के बीच संघर्ष चलता रहता है। लड़कर खड़े नहीं हुए तो जड़ता खींचकर बैठा देती है। भ्रम और पूर्वाग्रह जड़ता के सहचर हैं, जबकि ज्ञान-विज्ञान गतिशीलता के।और भीऔर भी