भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग के लिए 31 दिसंबर 2011 तक 9005 लाइसेंस जारी कर चुका है, जबकि चांदी के आभूषणों के लिए भी 528 लाइसेंस जारी किए गए है। सोने के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने का प्रयास जारी है। छोटे सुनारों की सुविधा के लिए बीआईएस ने देश भर में 170 हॉलमार्किंग केन्द्रों की पहचान की है। बीआईएस विभिन्न क्षेत्रों में अपने क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा हॉलमार्किंग के बारे मेंऔरऔर भी

कई हफ्तों से चल रही बातचीत के बाद यूरोपीय संघ ने आखिरकार ईरान के तेल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला कर लिया। यूरोपीय संघ के फैसले के बाद 27 देश तुरंत ईरान का तेल खरीदना बंद कर देंगे। सोमवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक के बाद एक अधिकारी ने कहा, “तेल प्रतिबंध लगाने पर राजनीतिक सहमति हो गई है।” बैठक में यूरोपीय संघ के 27 देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया।औरऔर भी

हमारे शेयर बाजार में बड़ा अजीबोगरीब घटता रहता है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी ने सोमवार को दिसंबर 2011 की तिमाही के नतीजे घोषित किए। बताया कि इस दौरान उसकी बिक्री साल भर पहले की अपेक्षा 17.24 फीसदी घटकर 7717.87 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 63.62 फीसदी घटकर 205.62 करोड़ रुपए पर आ गया है। इसकी वजह देश-विदेश की कमजोर आर्थिक हालत, कंपनी के मानेसर संयंत्र में चली मजदूर हड़ताल, ऊंची ब्याज दरऔरऔर भी

मुद्रास्फीति को लेकर रिजर्व बैंक कुछ हद तक निश्चिंत हो गया है। लेकिन इतना नहीं कि मौद्रिक नीति की तीसरी तिमाही में ब्याज दरों में कटौती कर दे। मंगलवार को सुबह 11 बजे रिजर्व बैंक नए मौद्रिक उपायों की घोषणा करने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक मुद्रा बाजार में इस समय जिस तरह तरलता की किल्लत चल रही है, उसमें पूरे आसार इस बात के हैं कि वह नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में आधा फीसदी कटौतीऔरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के बायबैक प्रस्ताव ने काफी निराश कर दिया। उसका शेयर तो बायबैक की घोषणा के पहले ही 15 फीसदी की बड़ी बढ़त ले चुका था। ऐसे में शुक्रवार के बंद भाव पर महज 10 फीसदी का प्रीमियम निवेशकों को मंजूर नहीं है। खासकर तब, जब कंपनी के तीसरी तिमाही के नतीजे बाजार की अपेक्षा से भी काफी कमजोर रहे हैं। निवेशकों की इसी निराशा को दर्शाते हुए आरआईएल का शेयर आज 2.66 फीसदी गिरकरऔरऔर भी

डाई अमीन्स एंड केमिकल्स वडोदरा की कंपनी है। 1982 से विशिष्ट किस्म के रसायन बना रही है। देश के इथाइल अमीन्स के संगठित बाजार की वह इकलौती खिलाड़ी है। इथाइल अमीन्स के एक सेगमेंट पिपराज़ाइन के घरेलू बाजार का लगभग 40 फीसदी हिस्सा उसके कब्जे में है। बहुत सारे उत्पाद उसने देश में पहली बार बनाकर बाजार में उतारे हैं। इस समय वह करीब 20 रसायन बनाती है जिनकी मुख्य खपत दवा उद्योग में होती है। कंपनीऔरऔर भी

अपनी तसल्ली के लिए मन में यही भाव बैठा लेना श्रेयस्कर है कि हम जो भी काम करते हैं, मूलतः अपने लिए करते हैं, दूसरों के लिए नहीं। दूसरा तो बस बहाना है। वह न होता तो हम निठल्ले पड़े रहते।और भीऔर भी