राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना के तहत जारी स्मार्ट कार्डों की संख्या 31 दिसंबर 2011 तक 2.57 करोड़ पर पहुंच चुकी है। इससे 29.25 लाख से ज्‍यादा लोग अस्‍पताल में भर्ती होने की सुविधा ले चुके थे। इस योजना को गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के लिए अक्‍टूबर 2007 को शुरू किया गया था और अप्रैल 2008 से अमल में लाया गया। इसमें सालाना प्रीमियम का 75% भारत सरकार देती है, जबकि 25% राज्य सरकारें देती हैं।औरऔर भी

सरकार ने तय किया है कि डोडे से अफीम बनाने का काम किसी कंपनी या कॉरपोरेट निकाय को दिया जाएगा। इससे भारत का सारी दुनिया को अफीम उत्‍पादों को सप्‍लाई करने का परांपरागत दर्जा बरकरार रहेगा और उसमें प्रतियोगिता भी आएगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को नशीले पदार्थौं से संबंधित नीति का अनुमोदन कर दिया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में मादक द्रव्य एवं नशीले पदार्थ पर राष्ट्रीय नीति (एनडीपीएस) को मंजूरी दीऔरऔर भी

दुनिया के बहुतेरे सफलतम बिजनेस संगठन मूल्य जोड़ने के लिए जिस कंपनी के 1.45 लाख लोगों पर भरोसा करते हैं, उस कंपनी इनफोसिस का दिसंबर तिमाही में 30.8 फीसदी ज्यादा बिक्री और 33.3 फीसदी ज्यादा शुद्ध लाभ हासिल करना भी शेयर बाजार को रास नहीं आया। तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद देश की इस दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी के शेयर 8.43 फीसदी गिरकर 2588.25 रुपए पर पहुंच गए। यह पिछले नौ महीनों में इनफोसिसऔरऔर भी

अजीब खींचतान का शिकार रहा बाजार। आईटी सेक्टर नीचे खींच रहा था तो बैंकिंग सेक्टर ऊपर। इनफोसिस ने भविष्य के अनुमान का झटका दिया तो एचडीएफसी के नतीजे बाजार की सोच से कमतर रहे। इस ऊंच-नीच और खींचतान में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की अप्रत्याशित वृद्धि भी बाजार का मूड उठा नहीं सकी। निफ्टी दिन में 11 बजे के आसपास 4869.20 तक उठ गया। लेकिन सवा घंटे के भीतर ही 4803.90 तक गोता लगा गया। अंत में बंदऔरऔर भी

दुनिया में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर होते रुपए के चलते सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) की अंडर-रिकवरी चालू वित्त वर्ष 2011-12 में 1.40 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। यह आकलन है देश की प्रमुख रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिसर्च शाखा का। अंडर-रिकवरी का मतलब उस नुकसान से है जो ओएमसी को डीजल, रसोई गैस व कैरोसिन को सरकार निर्धारित दामों पर बेचने के चलते उठाना पड़ता है। उनका लागतऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने अभी तक मार्च 2012 के अंत तक सकल मुद्रास्फीति का अनुमान 7 फीसदी पर यथावत रखा है। लेकिन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना है कि तब तक मुद्रास्फीति की दर 6 से 7 फीसदी के बीच रह सकती है। वित्त मंत्री का यह बयान गुरुवार को खाद्य मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़ों के जारी होने के बाद आया है जिसके मुताबिक 31 दिसंबर 2011 को समाप्त सप्ताह में भी खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने के बजायऔरऔर भी

देश की फैक्ट्रियों, खदानों और बिजली जैसी सेवाओं में कैसा कामकाज हुआ, इसे दर्शानेवाला औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) नवंबर महीने में साल भर पहले की अपेक्षा 5.9 फीसदी बढ़ गया है। यह किसी भी अर्थशास्त्री के अनुमान से अधिक है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस बाबत 32 अर्थशास्त्रियों के बीच रायशुमारी कराई थी, जिनका न्यूनतम अनुमान 4 फीसदी घटने से लेकर अधिकतम 5.6 फीसदी बढ़ने का था। इनका औसत अनुमान 2.2 फीसदी का था। बता दें किऔरऔर भी

यहां कुछ भी अकारण नहीं होता। जो कुछ भी होता है, उसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर होता है। यह हमारी ही सीमा है कि हम उस कारण को देख नहीं पाते। सुज़लॉन एनर्जी का शेयर बीते साल अप्रैल में 58.45 रुपए पर जाने के बाद गिरना शुरू हुआ तो गिरता ही चला गया। नए साल के पहले कारोबारी दिन 2 जनवरी को यह मुंह के बल 17.25 रुपए तक गिर गया। करीब नौ महीने मेंऔरऔर भी

जिंदगी में आफत नहीं, मोड़ और उतार-चढ़ाव ही आते हैं। यह एक दुस्साहस भरा सफर है। इसमें जो मोड़ या रास्ता आप चुनते हैं, वही आपकी किस्मत बनता है। ऊंच-नीच जीवन के एडवेंचर का हिस्सा भर है।और भीऔर भी