कोई भी उपभोक्ता अब किसी सामान या सेवा में खामी पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकता है। सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण कानून में ऐसे कई संशोधनों वाला विधेयक पिछले महाने लोकसभा में पेश किया है। इसमें जिला उपभोक्ता अदालतों की ताकत बढ़ाना भी शामिल है। इन संशोधन का मकसद उपभोक्ता विवादों को जल्द से जल्द निपटाने की स्थितियां पैदा करनी है। नए विधेयक के अनुसार कोई भी ग्राहक अपनी शिकायत से लेकर निर्धारित फीस तक ऑनलाइनऔरऔर भी

वित्‍त मंत्रालय ने साफ किया है कि भले ही लघु बचत स्कीमों की ब्‍याज दर को हर साल समतुल्य परिपक्‍वता वाली सरकारी प्रतिभूतियों के साथ जोड़ दिया गया है, लेकिन पीपीएफ (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड) को छोड़कर बाकी सभी स्कीमों में निवेश पर ब्याज दरें फिक्‍स रहेंगी, फ्लोटिंग नहीं। सरकारी प्रतिभूतियों की ब्याज दर को बस एक संदर्भ के रूप में लिया जाएगा। असल में मीडिया में इस तरह की खबरें आई थीं कि पहली दिसम्‍बर 2011 सेऔरऔर भी

देश में सोने के जेवरों की हॉलमार्किंग जल्दी ही अनिवार्य कर दी जाएगी। फिलहाल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कानून में इसके लिए जरूरी संशोधन को मंजूरी दे दी। अब यह संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद कानून बन जाएगा। सरकार के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक, इस काम में कम से कम सात से आठ महीने लग सकते हैं। जानकारों का कहना है कि इससे सबसे बड़ी बात यह होगी कि देश भरऔरऔर भी

बाजार के पंटर भाई लोग सुबह से ही यह मानकर शॉर्ट हो चले थे कि कल की तेजी टिक नहीं पाएगी क्योंकि बाजार में चहक लाने जैसा तो कुछ है नहीं। अब एक एफआईआई ब्रोकिंग हाउस ने रिपोर्ट जारी कर दी है कि राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के पार चला जाएगा। इसलिए कुछ भी संभावनामय नहीं लग रहा। क्या आप मेरे केवल एक सवाल का जवाब दे सकते हैं कि बाजार जब 15,500 पर कमजोर दिख रहाऔरऔर भी

साल भर में करीब 25,500 करोड़ रुपए का धंधा। करीब डेढ़ लाख लोगों को सीधा रोजगार। अभी सितंबर तिमाही में करीब 7500 करोड़ रुपए की आय पर 1822 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ। मौजूदा बाजार पूंजीकरण 1.65 लाख करोड़ रुपए। इनफोसिस है तो देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी। उसका नंबर टाटा समूह की कंपनी टीसीएस के बाद आता है जिसकी सालाना आय करीब 30,000 करोड़ और मौजूदा बाजार पूंजीकरण 2.34 लाख करोड़ रुपए है।औरऔर भी

वे रेखाएं या आहट देखकर भविष्य बांचने का काम औरों का नहीं, अपना भविष्य संवारने के लिए करते हैं। भविष्यवाणी करना उनके पापी पेट का सवाल है। इससे हमें ढाढस के सिवा कुछ नहीं मिलता।और भीऔर भी