उत्पाद या सेवा में खामी की शिकायत ऑनलाइन

कोई भी उपभोक्ता अब किसी सामान या सेवा में खामी पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकता है। सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण कानून में ऐसे कई संशोधनों वाला विधेयक पिछले महाने लोकसभा में पेश किया है। इसमें जिला उपभोक्ता अदालतों की ताकत बढ़ाना भी शामिल है। इन संशोधन का मकसद उपभोक्ता विवादों को जल्द से जल्द निपटाने की स्थितियां पैदा करनी है।

नए विधेयक के अनुसार कोई भी ग्राहक अपनी शिकायत से लेकर निर्धारित फीस तक ऑनलाइन जमा करा सकता है। ऐसा इसलिए संभव हो पाएगा क्योंकि सारे उपभोक्ता फोरम अब कंप्यूटरीकृत हो रहे हैं। इससे ई-गवर्नेंस और शिकायतों के समयबद्ध निपटारे में मदद मिलेगी। संबंधित विधेयक का नाम उपभोक्ता संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2011 है और इसे 16 दिसंबर 2011 को लोकसभा में पेश किया गया।

उपभोक्ता संरक्षण कानून साल 1986 से अस्तित्व में आया। इसके तहत 35 राष्ट्रीय व राज्य स्तर की उपभोक्ता अदालतें और 629 जिला स्‍तर की उपभोक्ता विवाद निवारण एजेंसियां गठित की गई हैं। ये उपभोक्ताओं को सरल तरीके से कम खर्च में तेजी से न्याय दिलाती हैं। शिकायतों के तेजी से निपटारे और उपभोक्ता विवाद निवारण एजेंसियों में नियुक्तियों की प्रक्रिया को युक्तिसंगत बनाने के लिए कानून में संशोधन किया जा रहा है।

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