बैंकिंग और संपत्ति प्रबंधन सहित 68 सेवाओं के निर्यात पर सेवा कर रिफंड मिल सकता है। राजस्व विभाग के एक सर्कुलर के मसौदे के अनुसार, कम से कम 68 सेवाएं ऐसी हैं जिन पर सेवा कर रिफंड मिलेगा। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने सहायक सेवाओं पर सेवा कर से बनने वाले रिफंड दावों के निपटान की प्रक्रिया को तर्कसंगत बनाने के लिए 30 नवंबर तक इस सर्कुलर के मसौदे पर जनता के विचार मांगेऔरऔर भी

साल 2015 तक भारत और चीन का आपसी व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। यह भरोसा जताया है कि वाणिज्‍य मंत्री आनन्‍द शर्मा ने। बीते वित्त वर्ष 2010-11 में भारत-चीन का आपसी व्यापार 59.62 अरब डॉलर का रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले दस सालों में यह व्यापार बहुत तेजी से बढ़ा है। 2000-01 में यह मात्र 2.3 अरब डॉलर था। इस तरह दस सालों में यह करीब 26 गुना हो गया है। बहरहाल,  वाणिज्यऔरऔर भी

सिंगूर में टाटा मोटर्स से वापस ली गई जमीन को अनिच्छुक किसानों को लौटाने पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के दो जजों की खंडपीठ ने गुरुवार को कहा है कि जब तक मामले को अदालत में निपटा नहीं लिया जाता, तब तक सरकार यह जमीन किसान को नहीं लौटा सकती है। साथ ही पीठ ने 8 नवंबर से मामले पर लगातार सुनवाई करने की बात कही है ताकि जल्द से जल्द मुकदमे काऔरऔर भी

मुद्रास्फीति के सामने जैसी फजीहत सरकार की हो रही है, वैसी तो विपक्ष के सामने भी नहीं हो पाती। सरकार व रिजर्व बैंक की मशक्कत और अच्छे मानसून के बावजूद खाद्य मुद्रास्फीति की दर 22 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 12.21 फीसदी पर पहुंच गई। दिवाली 26 अक्टूबर को थी। लेकिन हमारे वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की ढिठाई तो देखिए जो कह रहे हैं कि कीमतों में यह तेजी त्यौहारी सीजन के चलते आई है क्योंकि इसऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उधर फ्रांस के कान शहर में हो रहे जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन में मशगूल हैं। इधर यूपीए सरकार के हमलों से आहत सामाजिक कार्यकर्ता और टीम अण्णा के प्रमुख सदस्य अरविंद केजरीवाल ने उन्हें एक करारा खत लिखा है। इस खत के साथ उन्होंने सरकार की तरफ से दावा किए गए 9 लाख 27 हज़ार 787 रुपए का चेक भी भेज दिया है। लेकिन कहा है कि उन्हें अभी तक अपनी गलती नहींऔरऔर भी

अमेरिकी बाजार का सूचकांक डाउ जोंस 1.53 फीसदी ऊपर। लेकिन यूरोप के संकट ने एशियाई बाजारों को दबा डाला। भारत भी दबाव में। ऊपर से खाद्य मुद्रास्फीति नौ महीनों के शिखर 12.21 फीसदी पर। इसने निफ्टी पर चोट जरूर की। लेकिन तेजडियों के उत्साह पर आंच नहीं आई और वे निफ्टी को 5500 के ऊपर ले जाने में लगे हुए हैं। यू तो मंदड़ियों का मनोविज्ञान बेचते ही बेचते चले जाने का है। लेकिन अगर समर्थन स्तरऔरऔर भी

मुंबई की लोकल ट्रेनों में गैंग बनाकर चलनेवाले यात्री जब करताल बजाकर गाना शुरू करते हैं तो समूचा कोच सिर पर उठा लेते हैं। पूरा माहौल विचित्र तरंग व उल्लास से भर जाता है। इतना ज्यादा कि कभी-कभी डर लगने लगता है। कुछ ऐसा ही हाल हमारे शेयर बाजार के डे-ट्रेडरों का है। इशारा मिला नहीं कि करताल बजाकर किसी शेयर को आकाश से पाताल या पाताल से आकाश तक पहुंचा देते हैं। हल्ला मचाते हैं क्विंटलऔरऔर भी

व्यक्ति पर प्रभाव बाहर के होते हैं, असर अंदर से होता है। लेकिन व्यक्तियों से बने समाज में खामी संरचनागत होती है। इसलिए व्यक्ति व समाज की समस्याओं का निदान कभी एक जैसा नहीं होता।और भीऔर भी