चार साल में चीन के साथ सौ अरब डॉलर का व्यापार

साल 2015 तक भारत और चीन का आपसी व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। यह भरोसा जताया है कि वाणिज्‍य मंत्री आनन्‍द शर्मा ने। बीते वित्त वर्ष 2010-11 में भारत-चीन का आपसी व्यापार 59.62 अरब डॉलर का रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले दस सालों में यह व्यापार बहुत तेजी से बढ़ा है। 2000-01 में यह मात्र 2.3 अरब डॉलर था। इस तरह दस सालों में यह करीब 26 गुना हो गया है।

बहरहाल,  वाणिज्य मंत्री ने इस बात पर चिंता जताई कि चीन के साथ भारत का व्‍यापार घाटा बराबर बढ़ता जा रहा है। भारत का व्यापार घाटा 2006-07 में 9.1 अरब डॉलर का घाटा था जो 2010-11 तक बढ़कर 20.8 अरब डॉलर हो गया। इसके मद्देनजर दोनों देशों के बीच संतुलित व्‍यापार की आवश्‍यकता है ताकि दोनों देशों के बीच सौहार्द्रपूर्ण आर्थिक सहयोग होता रहे।

आनंद शर्मा ने यह बात चीन के झिंकियांग राज्य के गवर्नर नूर बाकी के साथ मुलाकात के दौरान कही। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्‍यक्‍त कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल को झिंकियांग राज्‍य की यात्रा करनी चाहिए ताकि वहां भारतीय दस्‍तकारी, हथकरघा और फिल्‍मों को प्रोत्‍साहन देने की संभावनाओं को खोजा जा सके।

दोनों नेताओं की उपस्थिति में गुजरात सरकार और टीबीईए (इंडिया) प्रा.लि. के बीच एक समझौते पर हस्‍ताक्षर हुए। मालूम हो कि टीबीईए (इंडिया) प्रा.लि. भारत में 500 करोड़ रुपए के निवेश की योजना पर काम कर रही है। यह तीन चरणों में से पहले चरण का निवेश होगा। यह योजना ‘टीबीईए ग्रीन एनर्जी पार्क’ के सम्‍बंध में है जिसमें कुल 2500 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।

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