रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव का मानना है कि मुद्रास्फीति पर काबू पाना न केवल निकट भविष्य में, बल्कि लंबे समय में भी आर्थिक विकास की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है। इसी सोच के तहत उन्होंने मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही समीक्षा में पंचों की राय के मुताबिक ब्याज दरों को 0.25 फीसदी बढ़ा दिया। अब तत्काल प्रभाव से रेपो दर बढ़कर 8.50 फीसदी हो गई है। इसके अनुरूप रिवर्स रेपो दर 7.50 फीसदीऔरऔर भी

इक्कीस साल एक महीने पहले सितंबर 1990 से देश में बैंकों की ब्याज दरों को बाजार शक्तियों या आपसी होड़ के हवाले छोड़ देने का जो सिलसिला हुआ था, वह शुक्रवार 25 अक्टूबर 2011 को रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही समीक्षा के साथ पूरा हो गया। रिजर्व बैंक के गवर्नर दुव्वरि सुब्बाराव ने ऐलान किया, “अब वक्त आ गया है कि आगे बढ़कर रुपए में ब्याज दर को विनियंत्रित करने की प्रकिया पूरी करऔरऔर भी

एक तरफ ब्याज दरों में वृद्धि, दूसरी तरफ सेटलमेंट का दिन। सो, हो गई निवेशकों के लिए सांप-छछूंदर की गति। न इधर, न उधर। न उगलते बनता है, न निगलते। ब्याज दरों में वृद्धि और कंपनियों के लाभार्जन में सुस्ती के चलते बाजार ओवरसोल्ड अवस्था में है। लेकिन ऑपरेटर बाजार के ज्यादातर ट्रेडरों के शॉर्ट होने जाने के विपरीत लॉन्ग हुए पड़े हैं। इसलिए दिशा तो बढ़ने की ही है। रविवार को इसी कॉलम में हमने आपकोऔरऔर भी

ज़ाइडस वेलनेस करीब 3900 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाले ज़ाइडस कैडिला समूह की कंपनी है। शुगर फ्री, एवरयूथ व न्यूट्रालाइट जैसे लोकप्रिय उत्पाद बनाती है। कुछ महीने पहले ही उसने माल्ट से बना फूड ड्रिक एक्टीलाइफ बाजार में उतारा है। छोटी है, पर बड़ी तेजी से बढ़ती कंपनी है। पिछले तीन सालों में उसकी बिक्री 81.25 फीसदी और शुद्ध लाभ 135.23 फीसदी की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ा है। नियोजित पूंजी पर उसका रिटर्न 74.33 फीसदी औरऔरऔर भी

हर दिन देश-दुनिया व समाज में इतना कुछ घटित होता है कि उन्हें जानकर हम एक ही दिन में परम ज्ञानी बन सकते हैं। लेकिन नजर की सीमा और आत्मग्रस्तता के कारण हम बहुत कुछ देख ही नहीं पाते।और भीऔर भी

वित्तीय और बैंक संकट के समाधान पर सहमति के लिए यूरोपीय नेता बुधवार को फिर से मिल रहे हैं। पूरे सप्ताहांत चले विचार-विमर्श के बावजूद इस पर विवाद रहा कि यूरो बचाव पैकेज को किस तरह से और प्रभावशाली बनाया जा सकता है। लेकिन इससे पहले जर्मन संसद बुंडेसटाग को भी हरी झंडी दिखानी होगी। फिलहाल जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल संसद में राजनीतिक पार्टियों और संसदीय दल के नेताओं को सारी स्थिति की जानकारी दे रही हैं।औरऔर भी

तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था दो साल बाद 2013 में चीन से भी तेज रफ्तार से बढ़ सकती है। यह अनुमान पेश किया है कि वैश्विक सलाहकार फर्म अर्न्स्ट एंड यंग ने। हालांकि अर्न्स्ट एंड यंग ने सोमवार को जारी अपनी रिपोर्ट में आगाह किया है कि भारत को महंगाई को काबू में करने की जरूरत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.2 फीसदी हीऔरऔर भी

सरकारी खरीद एजेंसियों के पास 1 अगस्‍त 2011 तक चावल व गेहूं का कुल भंडार 611.46 लाख टन का था। इसमें से 252.71 लाख टन चावल और 358.75 लाख टन गेहूं है। यह सूचना खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की तरफ से दी गई है। मंत्रालय के अनुसार, 1 अगस्‍त 2011 को चावल की खरीद पिछले खरीफ सीजन के 301.60 लाख टन के मुकाबले 325.99 लाख टन रही है। 2011-12 की रबी फसल के लिए गेहूंऔरऔर भी

शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कंपनियों के विलय व अधिग्रहण पर पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी का नया टेकओवर कोड शनिवार, 22 अक्टूबर 2011 से लागू हो गया है। नए नियमों के तहत किसी सूचीबद्ध कंपनी का अधिग्रहण दूसरी कंपनी के लिए महंगा हो जाएगा और पर यह आम शेयरधारकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो जाएगा। सेबी ने पिछले महीने इन संहिता को अधिसूचित किया था और ये 22 अक्तूबर से प्रभावी हो गई है। नए नियमों केऔरऔर भी