खाद्य मुद्रास्फीति 27 अगस्त को खत्म सप्ताह में थोड़ा घटकर 9.55 फीसदी पर आ गई। हालाकि सप्ताह के दौरान दाल और गेहूं को छोड़कर अन्य सभी प्राथमिक खाद्य वस्तुओं के दाम एक साल पहले की तुलना में ऊंचे रहे। इससे पिछले सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 10.05 फीसदी थी जबकि पिछले साल 2010 के इसी सप्ताह में यह 14.76 फीसदी थी। असल में कुछ सप्ताह तक नरम रहने के बाद 20 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्यऔरऔर भी

संसद के दोनों सदनों राज्यसभा व लोकसभा का सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले राष्ट्रगान की धुन बजाई गई। राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण सदन के कामकाज के 53 घंटों का नुकसान हुआ। सभापति ने इस पर खेद जताते हुए कहा कि यह सदस्यों के अधिकार व दायित्वों केऔरऔर भी

कंप्टीशन अपीलेट ट्राइब्यूनल (कॉम्पैट) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा लगाए गए 55.5 करोड़ रुपए के जुर्माने पर रोक लगा दी है। हालांकि ट्राइब्यूनल ने एनएसई से इस मामले में आयोग के अन्य निर्देशों का पालन करने को कहा। सीसीआई ने बाजार में मजबूत स्थिति का दुरूपयोग करने का दोषी ठहराते हुए एनएसई पर जुर्माना लगाया था। उसके आदेश के खिलाफ एनएसई की याचिका पर अंतरिम निर्देश देते हुए गुरुवार को अपीलीयऔरऔर भी

नियंत्रक व महालेखापरीक्षक (कैग) ने कृष्णा गोदावरी बेसिन में पूरा का पूरा डी-6 ब्लॉक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास छोड़ने के लिए पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की खिंचाई की है और कहा है कि यह कंपनी के साथ उत्पादन में हिस्सेदारी के अनुबंध (पीएससी) के विरुद्ध है। यह बातें कैग ने हाइड्रोकार्बन पीएससी पर गुरुवार को संसद को सौंपी अपनी अंतिम रिपोर्ट में कही हैं। लेकिन इसमें डी-6 ब्लॉक पर रिलायंस द्वारा 2004 के प्रस्तावित 2.4 अरबऔरऔर भी

इधर हर कोई सोने में चल रही तेजी की वजह यूरोप के ऋण संकट और अमेरिका में आई आर्थिक सुस्ती को बता रहा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के बाजार विश्लेषक क्लाइड रसेल का कहना है कि इसकी असली वजह दुनिया के केंद्रीय बैंकों की खरीद के अलावा भारत व चीन के ग्राहकों की बढ़ी हुई मांग है जहां सोना खरीदना मुद्रास्फीति के बचाव के साथ-साथ स्टेटस सिम्बल भी बनता जा रहा है। क्लाइड रसेल काऔरऔर भी

मंदड़ियों के खेमे व सोच में कुछ ऐसी तब्दीलियां हुई हैं जिनके चलते 5000 को अब समर्थन का मजबूत स्तर मान लिया है। यानी, माना जा रहा है कि निफ्टी के अब इससे नीचे जाने की गुंजाइश बेहद कम है। फिर भी अगर मंदड़िए और एफआईआई मिलकर तगड़ी बिकवाली का नया दौर शुरू करते हैं तो बाजार 5000 पर भी नहीं रुकेगा और सीधे टूटकर 4700 तक चला जाएगा। ऐसा होगा या नहीं, यह तो हमें केवलऔरऔर भी

एक रुपए अंकित मूल्य का शेयर। ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 1.04 रुपए। शेयर चल रहा है 73.35 रुपए पर, यानी 70.53 के पी/ई अनुपात पर। जी हां, आज हम चर्चा करेंगे असाही इंडिया ग्लास की। लेकिन इससे पहले बता दें कि 16 अगस्त को हमने कहा था कि आइनॉक्स लीज़र दो माह में 10-20 फीसदी रिटर्न देगा। तब यह 43 रुपए पर था। कल एक महीना बीतने से पहले ही यह ऊपरऔरऔर भी

बढ़ने के दो ही तरीके हैं क्षैतिज या लंबवत। दूब जमीन को पकड़ क्षैतिज रूप से फैलती जाती है। वहीं पेड़ बढ़ने के लिए जमीन में लंबवत धंसता चला जाता है। दूब अपने लिए जीती है। पेड़ सबके काम आते हैं।और भीऔर भी