जब गांठें पड़ती हैं तो उसे हम खोलकर सुलझाते हैं, काटकर नहीं। काट देने से गांठ नहीं जाती, बल्कि रिश्तों की डोर छोटी होती चली जाती है। रिश्तों की डोर को बढ़ाना है तो हर गांठ खोलकर सुलझानी पड़ेगी।और भीऔर भी

सरकार उपभोक्‍ता संरक्षण अधिनियम में नए संशोधन करने पर विचार कर रही है ताकि इसे और मज़बूत व प्रभावशाली बनाया जा सके। उपभोक्‍ता मामलात, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्री के वी थॉमस ने यह बात राजधानी दिल्ली में उपभोक्‍ता विवाद निवारण आयोग (सीडीआरसी) के नए भवन का उद्घाटन करते समय कही। उपभोक्‍ता विवाद निवारण मंच पर मामलों के शीघ्र निपटारे पर ज़ोर देते हुए श्री थॉमस ने कहा कि उपभोक्‍ता मंचों में त्रिस्‍तरीय सूचना प्रणाली बनाने केऔरऔर भी

ऐसा कोई संवैधानि‍क दर्शन या सि‍द्धांत नहीं है, जि‍ससे कानून बनाने के लि‍ए मात्र संसद को मि‍ले वि‍शेषाधि‍कार पर सवाल उठाने की किसी को अनुमति‍ दी जा सकती हो। लोकपाल पर कानून बनाने की प्रक्रि‍या में सरकार ने निर्धारित सि‍द्धांतों का पालन कि‍या है। लेकिन अण्णा हज़ारे इन्‍हीं सि‍द्धांतों पर सवाल उठा रहे हैं और समझते हैं कि‍ उन्‍हें अपना जन लोकपाल वि‍धेयक संसद पर थोपने का अधि‍कार है। यह कहना है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। उन्होंनेऔरऔर भी

कोल इंडिया अब बाजार पूंजीकरण के मामले में देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। उसने सालों से इस स्थान पर काबिज रिलायंस इंडस्ट्रीज को पीछे धकेल दिया है। इस समय कोल इडिया का बाजार पूंजीकरण 2,51,296 करोड़ रुपए है, जबकि रिलांयस इंडस्ट्रीज का मौजूदा बाजार पूंजीकरण 2,47,129 करोड़ रुपए ही रह गया है। यह फर्क लगातार बाजार का किंग कहे जानेवाले रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई गिरावट के चलते पैदा हुआ है। रिलायंस काऔरऔर भी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने खुले बाजार से टाटा स्टील के 9.4 लाख शेयर खरीदे और कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 14 फीसदी से थोड़ी ज्यादा कर ली। टाटा स्टील ने स्टॉक एक्सचेंजों को भेजी सूचना में बताया कि 12 अगस्त को अतिरिक्त शेयर खरीदने के बाद एलआईसी के पास कंपनी के 13.49 करोड़ शेयर या 14.06 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी है। बता दें कि इस खरीद से पहले एलआईसी के पास टाटा स्टील की 13.97 फीसदीऔरऔर भी

भारत का लोक करवट बदल रहा है। लोकतंत्र नई शक्ल में ढलने को बेताब है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक लोग एक भाषा में बोल रहे हैं – अण्णा तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं। सच्चे लोकतंत्र की ख्वाहिश इंडिया गेट से लेकर आजाद मैदान और सड़कों व गली-कूचों तक नारे बनकर निकल रही है। नौजवान शेर की तरह दहाड़ रहे हैं, जबकि सरकार भीगी बिल्ली या बकरी बनी मिमियाती नजरऔरऔर भी

भारतीय बाजार कतई पारदर्शी नहीं हैं और फिजिकल सेटलमेंट के अभाव में यहां बाजार संचालित प्रणाली का सिद्धांत पूरी तरह विफल है। यह इकलौता बाजार है जहां वीआईपी इंडस्ट्रीज बुक वैल्यू के 11 गुने पर ट्रेड हो सकता है, जबकि फर्स्टसोर्स सोल्यूशंस (एफएसएल) बुक वैल्यू से 50 फीसदी नीचे पड़ा हुआ है। आज एफएसएल 6.35 फीसदी गिरकर 11.80 रुपए पर पहुंच गया, जबकि उसकी बुक वैल्यू 21.42 रुपए है। दूसरी तरफ वीआईपी इंडस्ट्रीज आज 6.74 फीसदी बढ़करऔरऔर भी

करीब साल-सवा साल पहले हमारे चक्री महाराज इंडिया सीमेंट्स को झकझोरे पड़े थे। सीमेंट के धंधे के साथ-साथ आईपीएल की चेन्नई सुपर किंग टीम की मालिक इस कंपनी का शेयर तब 140 रुपए के आसपास चल रहा था। चक्री का दावा था, “अगले दो-तीन सालों में आईपीएल टीम के मूल्यांकन के दम पर इंडिया सीमेंट का शेयर 450 रुपए तक जा सकता है। अभी फिलहाल अगले कुछ महीनों में तो इसमें 100 रुपए के बढ़त की पूरीऔरऔर भी

जिस तरह बाढ़ का पानी उतरने के बाद धरती साफ दिखाई देने लगती है और धीरे-धीरे हरियाली फिर से उमगने लगती है, उसी तरह भ्रमों का पानी उतरने के बाद हम भी अंदर से निखरने लगते हैं।और भीऔर भी

अध्यापकों का कर्तव्य है कि वे बच्चों के मन से इस डर को निकालें कि विज्ञान कठिन विषय है। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने राजधानी दिल्ली में आयोजित एक समारोह में कहा कि अध्यापकों को छात्रों में विज्ञान की योग्यता का पता लगाते समय उनकी प्रतिभा को बाहर लाना चाहिए। राष्ट्रपति ने मंगलवार को ‘अनुसंधान के लिए विज्ञान में नवप्रवर्तन की खोज’ से संबंधित इन्सपायर पुरस्कार देते हुए दो अहम बातों की तरफ ध्यान आकर्षित किया। इनमें अध्यापकोंऔरऔर भी