भारत में बीड़ी दूसरा सबसे अधिक इस्‍तेमाल किए जानेवाला तम्‍बाकू उत्‍पाद है। एक सर्वेक्षण के अनुसार यहां 10.3% पुरुष सिगरेट और 16% पुरुष बीड़ी पीते हैं। महिलाओं में 0.8% सिगरेट पीने वाली हैं तो 1.9% बीड़ी पीती हैं। अरुणाचल में 21.9%, त्रिपुरा में 21.5%, उत्‍तराखंड में 19.2%, मेघालय में 18.7%, राजस्‍थान में 16%, पश्चिम बंगाल में 15.7% और गोवा में 1.5% लोग बीड़ी पीते है। बीड़ी पीने से भी सिगरेट की तरह ही स्‍वास्‍थ्‍य पर बुरा प्रभावऔरऔर भी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य मुद्रास्फीति की दर 16 जुलाई को समाप्त सप्ताह में घटकर 20 माह के न्यूनतम स्तर 7.33 फीसदी पर आ गई। लेकिन दूध, फल और अंडा, मांस व मछली जैसी जिन प्रोटीन-युक्त खाद्य वस्तुओं का खास जिक्र दो दिन पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने मौद्रिक की समीक्षा में किया था, उनके दाम अब भी ज्यादा बने हुए हैं। साल भर की समान अवधि की तुलना में उक्त सप्ताह में फलऔरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की नामी इंजीनियरिंग कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल) को अमेरिका की मशहूर पत्रिका फोर्ब्स ने दुनिया में सबसे ज्यादा नवोन्मेष करने वाली कंपनियों की सूची में नौवां स्थान दिया है। फोर्ब्स के ताजा अंक में छपी इस सूची में भेल भारत की अकेली इंजीनियरिंग कंपनी है। वह अपने जैसे उपकरण बनाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों से काफी आगे है। इस सूची में पहले पायदान पर अमेरिका की आईटी कंपनी (सेल्सफोर्स डॉट काम) है जबकि दूसरा स्थानऔरऔर भी

कैबिनेट ने लोकपाल विधेयक के मसौदे को गुरुवार को मंजूरी दे दी और इस विधेयक को अगले हफ्ते सोमवार, एक अगस्त से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में एक-दो दिन के भीतर ही पेश कर दिया जाएगा। प्रस्तावित विधेयक के तहत केंद्रीय मंत्री से लेकर सांसद और ए ग्रुप के अफसर तक लोकपाल के दायरे में आएंगे। उन्हे दंडित करने के लिए लोकपाल को सीआरपीसी, 1973 के सेक्शन 197 या भ्रष्टाचार निरोधक अधनियम 1988 केऔरऔर भी

अमेरिका के ऋण-संकट ने पूरी दुनिया के बाजारों की हालत पटरा कर दी है तो भारतीय बाजार कैसे सलामत बच सकता था। निफ्टी एक फीसदी से ज्यादा गिरकर 5500 के नीचे पहुंच गया। फिर भी मुझे लगता है कि अपने यहां असली तकलीफ रोल्स की है। चूंकि यह फिजिकल सेटलमेंट है नहीं, तो ट्रेडरों के पास कैश का अंतर भरने के अलावा कोई चारा नहीं है। यह हमारे बाजार में आई तीखी गिरावट का मूल कारण हैऔरऔर भी

बाजार में मिथ है कि एफआईआई जिस शेयर को खरीदते हैं, उसके भाव अपने-आप बढ़ जाते हैं। लेकिन सिर्फ यही कारक किसी शेयर को नहीं बढ़ा सकता। जैसे, मार्च 2011 के अंत तक अल्सटॉम प्रोजेक्ट्स इंडिया में एफआईआई की इक्विटी हिस्सेदारी 2.56 फीसदी थी, जबकि जून 2011 के अंत तक यह बढ़कर 4.10 फीसदी हो गई। जाहिर है कि एफआईआई की यह सारी खरीद 1 अप्रैल से 30 जून 2011 के बीच हुई होगी। लेकिन 1 अप्रैलऔरऔर भी

जीवन के नए-नए अनुभव व सच हमें लंगड़ी टांग पर खड़ा कर देते हैं। हम जहां से, तहां से टेढ़े हो जाते हैं। विचार और कुछ नहीं, इस सारे टेढ़ेपन को दूर कर हमें सीधा व संतुलित बनाने का काम करते हैं।और भीऔर भी