केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2011-12 के पहले दो महीनों में दलहन की खेती करने वाले 60,000 वर्षा आधारित गांवों को प्रोत्‍साहित करने के लिए विभिन्‍न राज्‍यों को 109.9 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। इसमें गुजरात, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु को कोई रकम नहीं दी गई गै। यह कार्यक्रम राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) का हिस्‍सा है, जिसके लिए 300 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। आवंटित और जारी की गई रकम (करोड़ रुपए में)औरऔर भी

गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हज़ारे के पक्ष ने अपने जन लोकपाल विधेयक में फोन टैप करने, अनुरोध पत्र जारी करने और भ्रष्टाचार कम करने के लिए कामकाज के तरीकों में बदलाव लाने की सिफारिशें करने संबंधी अधिकार लोकपाल को देने का जिक्र किया है जबकि सरकार के मसौदे में ऐसे किसी भी प्रावधान का जिक्र नहीं है। दोनों मसौदों पर विचार के लिए सरकार ने 3 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। हज़ारे पक्ष ने लोकपाल विधेयकऔरऔर भी

केयर्न इंडिया ने बड़े सभ्य अंदाज में कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी ने संभवतः कृष्णा गोदावरी बेसिन के केजी डीडब्ल्यूएन-98:2 ब्लॉक में प्राकृतिक गैस भंडारों को बढा-चढाकर बताया है। दूसरे शब्दों में केयर्न इंडिया का आरोप है कि ओएनजीसी ने गैस भंडार के बारे में झूठ बोला था, हवाबाजी की थी। यह ब्लॉक रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी-डी6 ब्लॉक के पास ही है। केयर्न इंडिया ने केजी डीडब्ल्यूएन-98:2 ब्लॉक में चार खोज की थीं औरऔरऔर भी

बाजार पूरे लहरिया अंदाज में चला। सेंसेक्स हल्का-सा गिरा। निफ्टी हल्का-सा बढ़ा। यह फर्क है सेंसेक्स के 30 और निफ्टी के 50 का। इसलिए आवाजें उठ रही हैं कि कम से कम सेंसेक्स का आधार बढ़ा दिया जाए क्योंकि वो बाजार का सही प्रतिनिधित्व नहीं करता। सेंसेक्स में कम से कम 100 कंपनियां तो होनी चाहिए। खैर, फिलहाल बाजार में शोर है कि निफ्टी 4800 की तरफ जा रहा है। जब तक बिकवाली की लहर उतरती नहीं,औरऔर भी

एडीएफ फूड्स छोटी-सी कंपनी है। 20.38 करोड़ रुपए की पूंजी है जो दस रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में बंटी है। बाजार पूंजीकरण कोई खास नहीं, 126 करोड़ रुपए है। इसलिए स्मॉल कैप में गिनी जाती है। लेकिन काम जबरदस्त करती है। भारतीय स्वाद की मास्टर है। अचार, चटनी व मसालों से लेकर फ्रोजन फूड तक बनाकर निर्यात करती है। अशोका, कैमल, एयरोप्लेन, खानखामा, ट्रूली इंडियन और सोल इसके ब्रांड हैं। 95 फीसदी कमाई मध्य-पूर्व, अमेरिका, यूरोपऔरऔर भी

कोई काम अनंत समय तक नहीं टाला जा सकता। शुरुआत कभी तो करनी ही होगी क्योंकि आदर्श हालात कभी नहीं बनते, शुभ घड़ी कभी नहीं आती। जब भी शुरू कर दें, घड़ी टिक-टिकाने लगेगी।और भीऔर भी

ऋण के बोझ और तरलता के संकट से जूझ रहे यूरो ज़ोन के देशों को उबारने के लिए यूरोपीय संघ 700 अरब यूरो का स्थाई वित्तीय सुरक्षा पैकेज देने को राजी हो गया है। माना जा रहा है कि ऋण संकट के चलते इन देशों पर मंडराते राजनीतिक अस्थायित्व के बादल छंट जाएंगे। नया राहत कोष, यूरोपीय स्थिरता प्रणाली (ईएसएम) 440 अरब यूरो के वर्तमान अस्थाई वित्तीय कवच, यूरोपीय वित्तीय स्थिरता कोष (ईएफएसएफ) की जगह ले लेगा।औरऔर भी

दुनिया की एक प्रतिष्ठित पत्रिका फॉरेन पॉलिसी ने अपनी ताजा सालाना रैंकिंग में भारत के पड़ोसी देशों – पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका को दुनिया के ‘सबसे नाकाम देशों’ की सूची में शामिल किया है। सूची में शामिल 60 देशों में पाकिस्तान को 12वें, म्यांमार को 18वें, बांग्लादेश को 25वें, नेपाल को 27वें, श्रीलंका को 29वें और भूटान को 50वें स्थान पर रखा गया है। इस सूची में अफ्रीकी देशों की बहुतायत है। सूची में सबसे ऊपरऔरऔर भी

लोकपाल विधेयक मसौदा समिति की आखिरी बैठक होने के बाद भी सरकार और हज़ारे पक्ष के बीच अहम मुद्दों पर मतभेद बने रहे और साझा मसौदा तैयार नहीं किया जा सका। हज़ारे पक्ष ने जहां सरकार के मसौदे पर ‘गहरी निराशा’ जाहिर की, वहीं केंद्र ने कहा कि वह दोनों पक्षों के मसौदे पर राजनीतिक दलों से राय लेकर उसे कैबिनेट के समक्ष रखेगा। सरकार के मसौदे में प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में रखे जाने काऔरऔर भी

दोपहर तक चढ़ रहा बाजार बाद में गिर गया। निफ्टी 1.23 फीसदी बढ़त लेकर 5322.45 तक चला गया। लेकिन मंदड़ियों का हमला जारी रहा तो आखिर में महज 0.34 फीसदी की बढ़त के साथ 5275.85 पर बंद हुआ। लेकिन मुझे कोई भ्रम नहीं, कोई दुविधा नहीं। मंदड़ियों का हमला बाजार का रुख बदल सकता है, मेरी राय नहीं। मॉरीशस के मुद्दे को जरूरत से ज्यादा तान दिया गया। बाजार का हर खिलाड़ी इस हकीकत से वाकिफ हैऔरऔर भी