पंजाब सरकार ने राज्य में समग्र ‘सेवा का अधिकार अधिनियम’ अपना लिया है। यह कानून नागरिकों को समय पर सेवा मुहैया कराना सुनिश्चित करेगा और किसी भी देरी के लिए 500 से 5000 रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। जल्दी ही इस कानून को अधिसूचित कर दिया जाएगा और अगले जुलाई माह से यह लागू हो जाएगा। इसी के साथ पंजाब निर्धारित अवधि (1 से 60 दिन) में 67 सेवाएं उपलब्ध करानेवाला देश का पहला राज्यऔरऔर भी

नौकरी हासिल करने के लिए संभावित नियोक्ताओं को अब पहले से ज्यादा लोग गलत जानकारियां दे रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011 की पहली तिमाही में इस तरह के मामलों में इजाफा हुआ है। नोट करने की बात है कि मुंबई, मेरठ और कानपुर उन शीर्ष तीन शहरों में हैं, जहां उम्मीदवारों द्वारा अपनी शिक्षा के बारे में सबसे ज्यादा गलत जानकारियां दी गईं। दुनिया के पैमाने पर इस तरह के जोखिम परऔरऔर भी

बाबा रामदेव के दबाव में सरकार द्वारा काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने पर विचार के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक इसी हफ्ते होने की उम्मीद है। लेकिन जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर अरुण कुमार का कहना है कि काले धन के खिलाफ कार्रवाई में समितियों और अध्ययन के बहाने देरी से भ्रष्ट नेताओं, व्यापारियों व नौकरशाहों को अपना अवैध धन दिखावटी कंपनियों में लगाने का मौका मिल जाएगा। जेएनयू मेंऔरऔर भी

अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ गई थी। लेकिन एक ताजा राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता के कारण अब उनकी लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है। वॉशिंगटन पोस्ट-एबीसी के सर्वेक्षण में कहा गया है कि अधिकतर अमेरिकियों की राय है कि बराक सरकार ऐसे मुद्दों को तवज्जो दे रही है जो महत्वपूर्ण नहीं हैं। इसके अलावा 10 में सेऔरऔर भी

केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन ने इन आरोपों को खारिज किया है कि उन्होंने दूरसंचार मंत्री के पद पर रहते हुए एयरसेल के पूर्व प्रमुख सी शिवशंकरन को अपना बिजनेस बेचने के लिए दबाव डाला था। मारन ने जोर देकर कहा कि वे उचित अधिकारियों के सामने खुद को निर्दोष साबित कर देंगे। मारन ने मंगलवार को चेन्नई में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आप में ज्यादातर यह कहानी बनाने का प्रयास कर रहे हैं कि मैंने एक व्यक्ति कोऔरऔर भी

सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली कांग्रेस-नीत यूपीए सरकार गांधीवादी विरोध के तौरतरीकों को पचा नहीं पा रही है। यही वजह है कि उसने गांधीवादी कार्यकर्ता अण्णा हज़ारे को जंतर मंतर पर कल (बुधवार) को एक दिन विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। हज़ारे अब टकराव को टालने के लिए महात्मा गांधी की समाधि, राजघाट पर पर अनशन करेंगे। यह घोषणा हज़ारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और किरण बेदी ने की। साथ ही उन्होंने जोर देकरऔरऔर भी

मानसून की सही व अच्छी शुरूआत, लेकिन आर्थिक विकास दर में कमी, कंपनियों के लाभार्जन का सिकुड़ना और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को बैंकों के ऋण-प्रवाह में कमी। यह सब ऐसी बातें हैं जिनके सम्मिलित प्रभाव से हो सकता है कि रिजर्व बैंक अब ब्याज दरों को बढ़ाने का सिलसिला रोक दे। हालांकि चीन सीआरआर (केंद्रीय बैंक के पास बैंकों द्वारा अनिवार्य रूप से रखा जानेवाला कैश) में एक और वृद्धि करनेवाला है। लेकिन भारत में ब्याज दर कीऔरऔर भी

कल क्या होगा, इसे ठीक-ठीक न आप बता सकते हैं, न मैं और न ही कोई और। हम कल के बारे में इतना ही जानते हैं जितना आज तक की योजनाएं हमें बताती हैं। अगर योजनाएं दुरुस्त हैं, उनमें दम है तो कल सुनहरा हो सकता है। नहीं तो कल आज से भी बदतर हो सकता है। कंपनियों पर भी यह बात लागू होती है। देश में निजी क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी मरकेटर लाइंसऔरऔर भी

प्रकृति ने जो हमें दिया है, उसे मानकर चलना चाहिए। लेकिन समाज ने जो दिया है, वहां हम मानकर चलते हैं तो दूसरे की मौज हो जाती है। खुश रहने के लिए सतत असंतोष जरूरी है। संतोष तो बस छलावा है।और भीऔर भी