कंपनी एक्ट में कहा गया है कि आपको अपने जीवित रहने अपनी शेयरधारिता के लिए नॉमिनी तय करना होगा। अगर यह नॉमिनी और आपका कानूनी वारिस (पत्नी या बच्चे) एक ही हैं तो कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन आपका नॉमिनी इनसे अलग है तो आपके न रहने पर शेयर उसी को मिलेंगे, आपके कानूनी वारिस को नहीं। यह फैसला हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनाया है।और भीऔर भी

देश की तीसरी सबसे बड़ी साफ्टवेयर निर्यातक कंपनी विप्रो ने अपने शेयरधारकों को हर तीन पर दो नए शेयर बोनस के रूप में देने का एलान किया है। साथ ही वह दो रुपए अंकित मूल्य के शेयर पर प्रति शेयर 6 रुपए यानी 300 फीसदी का लाभांश देगी। इससे पहले इनफोसिस में बोनस देने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन उसने 300 फीसदी लाभांश देकर हाथ बांध लिए थे। अब विप्रो ने लाशांश के साथ बोनसऔरऔर भी

लालच बहुत लगता है कि जब किसी कंपनी का 10 रुपए का शेयर 8.60 रुपए में मिल रहा हो और यह उसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर भी हो। दिल्ली के नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की कंपनी ब्रशमैन (इंडिया) लिमिटेड यही लालच फेंक रही है। यह कंपनी किसी की भी नजर में चढ़ सकती है क्योंकि वह देश में पेंट ब्रश बनानेवाली प्रमुख कंपनी है। अपनी श्रेणी में देश की इकलौती लिस्टेड कंपनी है। उसके पास 2200औरऔर भी

आज का दिन हमारी पूरी टीम के लिए सबसे ज्यादा तसल्ली का दिन रहा। हमने सुबह के नोट में निफ्टी में 5325 का लक्ष्य रखा था और यह पूरा हो गया। दरअसल, हम तो निफ्टी के 5316 अंक पर पहुंचने पर निकल गए। हम जानते थे कि 5320 के ऊपर पहुंचते ही शॉर्ट कवरिंग शुरू हो जाएगी, लेकिन गारंटी नहीं थी कि यह स्थिति कब तक रहेगी। फिर 2 बजकर 55 मिनट पर ग्रीस पर चढे कर्जऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के बनाए लिस्टिंग समझौते के मुताबिक हर साल सभी लिस्टेड कंपनियों को 15 अप्रैल से पहले मार्च की तिमाही तक शेयरधारिता की ताजा स्थिति स्टॉक एक्सचेंजों के पास भेज देनी होती है और स्टॉक एक्सचेंजों को फौरन यह जानकारी अपनी वेबसाइट पर डाल देनी होती है। लेकिन आज 22 अप्रैल की तारीख बीतने वाली है, फिर भी कम से कम 25 कंपनियां ऐसी हैं जिनकी शेयरधारिता की ताजा जानकारी बीएसई और एनएसईऔरऔर भी

देश में नए से नए वित्तीय उत्पाद लाए जा रहे हैं। रिजर्व बैंक अब उस सीडीएस (क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप) को लाने की तैयारी कर चुका है जिसके चक्कर में साल 2008 का वैश्विक वित्तीय संकट उभरा था। लेकिन देश का सारा वित्तीय बाजार एकदम छिछला और चंद लोगों तक सिमटा हुआ है। इसका पता इससे चलता है कि अभी देश में कुल डीमैट खातों की संख्या 1.7 करोड़ तक पहुंची है। इसमें दोनों डिपॉजिटरी संस्थाओं एनएसडीएल औरऔरऔर भी

जिस कंपनी की प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) 62.66 रुपए हो, उसके शेयर का मूल्य कितना होना चाहिए? माना जाता है कि शेयर का बाजार मूल्य ईपीएस का दस गुना हो, यानी पी/ई अनुपात 10 तक हो तो वह बेहद वाजिब और निवेश के लिए सुरक्षित शेयर है। इस हिसाब से शेयर होना चाहिए 620 रुपए के आसपास। ऊपर से कंपनी की पूंजी में सरकार का 37.84 फीसदी हिस्सा हो तो वहां निवेश को लेकर और निश्चिंत हुआऔरऔर भी

वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के अधिकार क्षेत्र के एक-दूसरे में घुसने की समस्या बढ़ती जा रही है। अभी यूलिप पर पूंजी बाजार की नियामक संस्था, सेबी और बीमा क्षेत्र की नियामक संस्था, आईआरडीए के बीच मची मार किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है कि बैंकिंग क्षेत्र के नियामक, रिजर्व बैंक ने तय कर दिया है कि निजी क्षेत्र के किसी भी बैंक को क्यूआईपी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) से पहले उससे अनुमति लेनी पड़ेगी। आज रिजर्व बैंक नेऔरऔर भी

बड़ी विचित्र बात है। निवेशक कभी-कभी बहुत डरे रहते हैं और कभी-कभी परले दर्जे की नादानी कर बैठते हैं। हमने गैल इंडिया, पोलारिस, निफ्टी व भारत फोर्ज को खरीदने की सिफारिश की और ये सभी शेयर उफान पर है। आरडीबी इंडस्ट्रीज की चर्चा अब सभी बिजनेस चैनल कर रहे हैं, जबकि इसे सबसे पहले हमने अपनी रिसर्च से खोजकर पेश किया था। सैंडुर में 732 रुपए के भाव पर ऊपरी सर्किट लगा हुआ है। यह भी हमारीऔरऔर भी

सरकार इस बात से चिंतित है कि देश में ब्याज दर वायदा (इंटरेस्ट रेट फ्यूचर्स या आईआरएफ) का कारोबार ठंडा पड़ता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक ने सालाना मौद्रिक नीति में प्रस्ताव रखा है कि अब आईआरएफ में 5 साल व दो साल की सरकारी प्रतिभूतियों के साथ ही 91 दिवसीय ट्रेजरी बिलों पर भी आधारित कांट्रैक्ट शुरू किए जाएं। अभी तक केवल दस साल के सरकारी बांड पर आधारित कांट्रैक्टऔरऔर भी