टेक्सटाइल उद्योग की विभिन्न कंपनियों के शेयर इस समय दबे-दबे से चल रहे हैं। ग्रासिम इंडस्ट्रीज का पी/ई अनुपात 9.65 चल रहा है तो आलोक इंडस्ट्रीज का 4.45, गार्डन सिल्क का 6.60 और जेबीएफ इंडस्ट्रीज का 8.15 चल रहा है। इसलिए दूरगामी लक्ष्य के लिए तो इन सभी में निवेश किया जा सकता है। लेकिन आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज का आकलन है कि जेबीएफ इंडस्ट्रीज थोड़े समय में ही 10% तक का रिटर्न दे सकती है। जेबीएफ इंडस्ट्रीज (बीएसईऔरऔर भी

सुपर टैनरी (बीएसई कोड-523842) कानपुर की पुरानी कंपनी है। जूते बनाती है, निर्यात करती है। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक्सपोर्ट हाउस है। इसके बारे में दो खास चौंकानेवाली बातें हैं। एक, इस साल जून की तिमाही में उसकी बिक्री में 72 फीसदी और शुद्ध लाभ में 250 फीसदी वृद्धि हुई है। दो, इसने मार्च 1993 में अपने पब्लिक इश्यू में 10 रुपए का शेयर 55 रुपए प्रीमियम यानी 65 रुपए मूल्य पर जारी किया था, लेकिनऔरऔर भी

लॉयड इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग (बीएसई कोड-517518) की प्रति शेयर बुक वैल्यू 136.15 रुपए है। लेकिन बाजार में दस रुपए अंकित मूल्य के उसके शेयर का ग्राफ नीचे ही नीचे जा रहा है। कल यह बीएसई में 3.07 फीसदी गिरकर 77.25 रुपए और एनएसई में 3.50 फीसदी गिरकर 77.10 रुपए पर बंद हुआ है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 680.81 करोड़ रुपए की आय पर 39.17 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है और उसका सालाना ईपीएसऔरऔर भी

जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर (बीएसई कोड-532708) कई महीनों से 40 रुपए के आसपास अटका हुआ है। एक कदम आगे, दो कदम पीछे का हिसाब-किताब इसमें चल रहा है। 31 मई को जब हमने पहली बार इसके बारे में लिखा था, तब इसका पिछला बंद भाव 42.30 रुपए था। कल इसका एक रुपए अंकित मूल्य का शेयर बीएसई में 43.70 रुपए और एनएसई में 43.80 रुपए पर बंद हुआ है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 45.37 करोड़औरऔर भी

टाइड वॉटर ऑयल (बीएसई कोड-590005) की चर्चा हमने सबसे पहले इस कॉलम में 24 मई को की थी। तब इस शेयर ने 5674 रुपए का नया शिखर बनाया था। उस वक्त बाजार में जोर-शोर से कहा जा रहा था कि कंपनी अपने दस रुपए अंकित मूल्य के शेयर को एक रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में बांट सकती है। अभी तक कंपनी की तरफ से ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है। लेकिन हमारे नियमित व जानकार पाठकऔरऔर भी

हफ्ते भर पहले दीपक कुमार ने अफसोस जताया था कि वे तान्ला सोल्यूशंस (बीएसई कोड-532790) में फंस गए हैं। यह शेयर लगातार गिर रहा है। लेकिन मैंने देखा कि शुक्रवार को एक रुपए अंकित मूल्य का यह शेयर अचानक लगभग 6% बढ़कर 30.35 रुपए पर पहुंच गया है। कंपनी ने ठीक हफ्ते भर पहले 2 अगस्त को घोषित किया था कि उसने एमटीएनएल के 3जी स्पेक्ट्रम में वॉयस मेल सर्विस देने का अनुबंध किया है। तान्ला सोल्यूशंसऔरऔर भी

जब हर तरफ देश के अर्थ, व्यापार व वित्त जगत पर अंग्रेजी का आधिपत्य हो तो यह जरूरी हो जाता है कि हम हिंदी या दूसरी भारतीय भाषाओं की संभावनाओं और स्वाभिमान को जगाते रहे। यह जो खबर आप ठीक बगल में नवा जूनी में देख रहे हैं, इसे इकोनॉमिक टाइम्स ने आज अपनी लीड बनाई है। लेकिन हमने यह खबर साल भर पहले ही पेश कर दी थी। इससे मैं यकीकन एक आश्वस्ति का भाव अपनेऔरऔर भी

बिलकेयर लिमिटेड (बीएसई कोड-526853) दवा उद्योग के लिए पैकेजिंग सामग्री वगैरह बनाती है। उसने इसी 2 अगस्त को घोषित किया कि उसकी जर्मन सब्सिडियरी ने अमेरिका, जर्मनी, इटली व भारत में सक्रिय कंपनी इनिओस के ग्लोबल फिल्म बिजनेस का अधिग्रहण कर लिया है। इनिओस के इस डिवीजन का कारोबार 24 करोड़ यूरो (1458 करोड़ रुपए) का है, जबकि बिलकेयर ने इसे 10 करोड़ यूरो (607 करोड़ रुपए) में हासिल किया है। बिलकेयर से अभी देश-विदेश की कुलऔरऔर भी

ऑलकार्गो ग्लोबल लॉजिस्टिक्स (बीएसई कोड-532749) का शेयर बहुत सस्ता तो नहीं कहा जा सकता क्योंकि इसकी बुक वैल्यू 70.74 रुपए है जबकि शेयर का भाव इस समय बीएसई में 170 रुपए तो एनएसई में 170.45 रुपए चल रहा है। यानी बुक वैल्यू से करीब 2.40 गुना। लेकिन पी/ई अनुपात के लिहाज से देखें तो यह अपनी समकक्ष कंपनियों – ब्लू डार्ट और गति से अपेक्षाकृत सस्ता है। इसका पी/ई अनुपात 21.23 है तो ब्लू डार्ट का 30.41औरऔर भी

निटको कंपनी या ब्रांड के नाम से शायद आप परिचित होंगे। 1953 में बनी कंपनी है और टाइल्स व मार्बल का धंधा करती है। टाइल्स वह मुंबई के बाहर अलीबाग में बनाती है और इटली, स्पेन, चेकोस्लवाकिया व चीन जैसे देशों से आयातित मार्बल की प्रोसेंगिग मुंबई के भीतर कांजुर मार्ग में करती है। कंपनी ने 2009-10 में कुल मिलाकर 8.71 करोड़ रुपए का घाटा उठाया था। लेकिन मार्च 2010 की तिमाही में वह 2.50 करोड़ रुपएऔरऔर भी