खबरें अक्सर किसी शेयर को तात्कालिक आवेग देने का काम करती हैं। कभी-कभी यह भी होता है कि खबर को पहले ही बाजार डिस्काउंट करके चलता है तो उसके उजागर होने के फौरन बाद उसका असर नहीं होता। ऐसी ही खबर पिछले हफ्ते बाजार बंद होने के एक दिन बाद शनिवार को आई है सरकारी कंपनी आईटीआई लिमिटेड के बारे में। एक सरकारी अधिकारी के हवाले बताया गया कि आईटीआई में निर्णायक हिस्सेदारी देने के लिए नएऔरऔर भी

जिंदल सॉ ओपी जिंदल समूह की अगुआ कंपनी है। तरह-तरह के ट्यूब और पाइप बनाती है। 1984 में उसने शुरुआत सॉ (सबमर्ज्ड आर्क वेल्डेड) पाइप बनाने से की थी। उसके उत्पादों का व्यापक इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन व इंजीनियरिंग के काम में होता है। हाल ही में उसने इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन व फैब्रिकेशन के लिए जिंदल आईटीएफ नाम से अलग सब्सिडियरी बनाई है। जमा-जमाया धंधा है। प्रबंध दुरुस्त है। लक्ष्य स्पष्ट है। कंपनी बराबर फालतू चीजों से मुक्ति पाकर मूल्य-सृजनऔरऔर भी

रोल्टा इंडिया (बीएसई कोड – 500366, एनएसई कोड – ROLTA) के शेयर का भाव अभी बीएसई में 173.60 रुपए और एनएसई में 174.20 रुपए चल रहा है। इसकी बुक वैल्यू 118.10 रुपए है, जबकि ठीक पिछले बारह महीनों का (टीटीएम) ईपीएस 22.36 रुपए है। इस तरह यह शेयर 7.76 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है, जबकि आईटी सॉफ्टवेयर उद्योग की अन्य प्रमुख कंपनियों में विप्रो का पी/ई अनुपात 14.03, टीसीएस का 38.12 और इनफोसिस काऔरऔर भी

डिशमैन फार्मास्यूटिकल्स एंड केमिकल्स (बीएसई कोड – 532526, एनएसई कोड – DISHMAN) की पहली तिमाही के नतीजे अच्छे नहीं रहे हैं। साल भर पहले की तुलना में उसकी कुल आय 243 करोड़ रुपए से 13 फीसदी घटकर 212 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 39.2 करोड़ रुपए से 31 फीसदी घटकर 27.3 करोड़ रुपए रह गया है। कंपनी का सकल लाभ मार्जिन भी 28.2 फीसदी से गिरकर 25.8 फीसदी रह गया है। ऐसा तब है जब उसने अपनीऔरऔर भी

टेक्निकल विश्लेषण कहता है कि रामा फॉस्फेट्स (बीएसई कोड – 524037) में मध्यम अवधि में बुलिश ट्रेंड है, अपसाइड ब्रेकआउट है और यह शेयर 47.40 रुपए के कल के बंद भाव से बढ़कर 55-56.75 रुपए तक जाएगा। ये तो टेक्निकल वाले ही जानें कि दशमलव के दो अंकों तक की इतनी सटीक भविष्यवाणी वे कैसे कर पाते हैं, हम तो यह देख रहे हैं कि इस स्टॉक में कल सुबह-सुबह बीएसई में 1,43,003 शेयरों की खरीद काऔरऔर भी

टेक्सटाइल उद्योग की विभिन्न कंपनियों के शेयर इस समय दबे-दबे से चल रहे हैं। ग्रासिम इंडस्ट्रीज का पी/ई अनुपात 9.65 चल रहा है तो आलोक इंडस्ट्रीज का 4.45, गार्डन सिल्क का 6.60 और जेबीएफ इंडस्ट्रीज का 8.15 चल रहा है। इसलिए दूरगामी लक्ष्य के लिए तो इन सभी में निवेश किया जा सकता है। लेकिन आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज का आकलन है कि जेबीएफ इंडस्ट्रीज थोड़े समय में ही 10% तक का रिटर्न दे सकती है। जेबीएफ इंडस्ट्रीज (बीएसईऔरऔर भी

सुपर टैनरी (बीएसई कोड-523842) कानपुर की पुरानी कंपनी है। जूते बनाती है, निर्यात करती है। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक्सपोर्ट हाउस है। इसके बारे में दो खास चौंकानेवाली बातें हैं। एक, इस साल जून की तिमाही में उसकी बिक्री में 72 फीसदी और शुद्ध लाभ में 250 फीसदी वृद्धि हुई है। दो, इसने मार्च 1993 में अपने पब्लिक इश्यू में 10 रुपए का शेयर 55 रुपए प्रीमियम यानी 65 रुपए मूल्य पर जारी किया था, लेकिनऔरऔर भी

लॉयड इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग (बीएसई कोड-517518) की प्रति शेयर बुक वैल्यू 136.15 रुपए है। लेकिन बाजार में दस रुपए अंकित मूल्य के उसके शेयर का ग्राफ नीचे ही नीचे जा रहा है। कल यह बीएसई में 3.07 फीसदी गिरकर 77.25 रुपए और एनएसई में 3.50 फीसदी गिरकर 77.10 रुपए पर बंद हुआ है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 680.81 करोड़ रुपए की आय पर 39.17 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है और उसका सालाना ईपीएसऔरऔर भी

जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर (बीएसई कोड-532708) कई महीनों से 40 रुपए के आसपास अटका हुआ है। एक कदम आगे, दो कदम पीछे का हिसाब-किताब इसमें चल रहा है। 31 मई को जब हमने पहली बार इसके बारे में लिखा था, तब इसका पिछला बंद भाव 42.30 रुपए था। कल इसका एक रुपए अंकित मूल्य का शेयर बीएसई में 43.70 रुपए और एनएसई में 43.80 रुपए पर बंद हुआ है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2009-10 में 45.37 करोड़औरऔर भी

टाइड वॉटर ऑयल (बीएसई कोड-590005) की चर्चा हमने सबसे पहले इस कॉलम में 24 मई को की थी। तब इस शेयर ने 5674 रुपए का नया शिखर बनाया था। उस वक्त बाजार में जोर-शोर से कहा जा रहा था कि कंपनी अपने दस रुपए अंकित मूल्य के शेयर को एक रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में बांट सकती है। अभी तक कंपनी की तरफ से ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है। लेकिन हमारे नियमित व जानकार पाठकऔरऔर भी