हमारी संसदीय बहसों में प्रधानमंत्री की भागीदारी घटती जा रही है। यहां तक कि सीधे उनको संबोधित सवालों का जवाब भी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का राज्य मंत्री देता है। लेकिन ब्रिटेन में ऐसा नहीं है। वहां हर बुधवार की सुबह प्रधानमंत्री पर संसद के निचले सदन, हाउस ऑफ कॉमन्स में सवालों की बौछार कर दी जाती है। सवाल इतने बेलाग व तीखे होते हैं कि प्रधानमंत्री को उनका साफ-साफ उत्तर देना पड़ता है। पूरे सत्र का सीधाऔरऔर भी

बड़ी खुशी की बात है कि राष्ट्रमंडल खेलों के शीर्ष घोटालेबाज कांग्रेसी नेता सुरेश कलमाडी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई ने सोमवार को सुबह कलमाडी को अपने मुख्यालय पर बुलाया और शाम होते-होते गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी सीबीआई के दो सदस्यों के लंदन दौरे के बाद हुई है जहां उन्होंने क्वीन बैटन रिले में हुई घपले से जुड़ी सामग्री जुटाई। यह भी खुशी की बात है कि डीएमके के दबाव के बावजूद यूपीएऔरऔर भी

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयानों से आहत कर्नाटक के लोकायुक्त न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े ने अण्णा हज़ारे की अगुवाई में भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं के आग्रह को स्वीकार करते हुए लोकपाल विधेयक मसौदा समिति में बने रहने का फैसला किया है। पहले उन्होंने कहा था कि वे सोमवार को यह संयुक्त समिति छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं। उधर, लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए गठित मसौदा समिति मेंऔरऔर भी

।।भरत गांधी।। जन लोकपाल यदि वास्तव में जनता का हो तो इसके फायदे सन्देह से परे हैं। लेकिन जन लोकपालवादियों ने अब तक इस पद पर नियुक्ति के जो प्रस्ताव दिए हैं, उसमें यह खतरा है कि प्रस्तावित जन लोकपाल बहुसंख्यक ‘गरीब जन’ द्वारा नियुक्ति नहीं किया जाएगा, अल्पसंख्यक ‘अमीर जन’ द्वारा नियुक्त होगा और अमीर जन की ओर से सरकार, संसद और न्यायपालिका पर शासन करेगा। भ्रष्टाचार में शामिल भारत के किसी भी बडे उद्योगपति कोऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आगाह किया है कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करने का जनता के सब्र का बांध अब टूट चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दुराचार की चुनौती से सख्ती से निपटने को प्रतिबद्ध है क्योंकि जनता इसके खिलाफ तुरत और कठोर कार्रवाई चाहती है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से संसद के मानसून सत्र में भ्रष्टाचार की नकेल कसने के लिए चर्चित लोकपाल विधेयक पेश कर दिए जाने की उम्मीद है।औरऔर भी

कानून व्यवस्था व अपराध से लड़ने जैसे आंतरिक सुरक्षा के काम सरकार के होते हैं। लेकिन केंद्र सरकार इसमें भी धंधे की गुंजाइश देख रही है। सरकार ने कहा है कि वह आंतरिक सुरक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी स्वीकार करने को तैयार है। हालांकि इसके लिए निजी क्षेत्र को उत्कृष्ट तकनीक हासिल करने के वास्ते अपने मुनाफे का 5 से 7 फीसदी हिस्सा अनुसंधान व विकास (आर एंड डी) के कामों पर खर्च करना होगा।औरऔर भी

केंद्रीय उच्चाधिकार-प्राप्त समिति (सीईसी) ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी अपनी ताजा रिपोर्ट में कर्नाटक हो रहे अवैध खनन की भयावह सच्चाई बताते हुए कहा कि इससे सरकारी खजाने को 2003 के बाद से 15,245 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का तैयार नहीं है। गौरतलब है कि सीईसी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने ही किया है। उसने कल,औरऔर भी

लोकपाल विधेयक संबंधी नवगठित संयुक्त समिति के सदस्य और कर्नाटक के लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने कहा है कि प्रधानमंत्री को इस भ्रष्टाचार निरोधक कानून के दायरे में आना चाहिए ताकि अगर जरूरत पड़े तो लोकपाल उनकी भी जांच कर सकें। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हेगड़े ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को लोकपाल विधेयक में शामिल किया जाना चाहिए और अगर जरूरत पड़े तो लोकपाल द्वारा उनकी जांच होनी चाहिए।’’ उन्होंने शनिवार को कहा, ‘‘मुझे ऐसा कोई कारण नहींऔरऔर भी

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनभावनाओं का प्रतीक बन चुके प्रख्यात सामाजिक अण्णा हजारे ने कहा है कि उनका योगगुरु बाबा रामदेव के साथ कोई मतभेद नहीं है। कल रामदेव ने लोकपाल विधेयक के लिए बनी संयुक्त समिति में पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण दोनों के रखे जाने पर आपत्ति उठाई थी। रामदेव के प्रतिनिधि एस के तिजारावाला ने उलाहना देते हुए कहा था – पिता मुखिया, बेटा सदस्य और केजरीवाल की सीट काऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए जागरूक नागरिकों और मंत्रियों की दस सदस्यीय समिति गठित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। शनिवार को बाकायदा राजपत्र में इसे अधिसूचित कर देने के बाद देश के दूसरे गांधी बन चुके सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे ने मंगलवार से जारी अपना आमरण अनशन तोड़ दिया। राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर 73 वर्षीय हजारे ने अपने हजारों उत्साही समर्थकों के बीच सरकार की ओर सेऔरऔर भी