लगातार नकारात्मक माहौल से जूझ रही देश की सबसे बडी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के लिए आखिरकार शुक्रवार को एक अच्छी खबर आ गई। कैबिनेट ने ब्रिटेन की कंपनी ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) के साथ उसकी साझेदारी को मंजूरी दे दी। इस फैसले पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाते हुए आरआईएल का शेयर 1.49 फीसदी बढ़कर 870.60 रुपए पर बंद हुआ। बीपी और रिलायंस के बीच यह करार 720 करोड़ डॉलर का है। इसके तहत बीपी रिलांयस के साथ बनेऔरऔर भी

यूपीए सरकार ने काले धन पर सिविल सोसायटी से लेकर राजनीतिक दलों व आम लोगों के चौतरफा हमले से बचने की कोशिशें तेज कर दी हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में मौजूदा बेनामी सौदा (निषेध) कानून, 1988 की जगह नया कानून लाने के लिए बेनामी सौदा (निषेध) विधेयक, 2011 को मंजूरी दे दी गई। अब इस विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा और वहां से पारित होते ही राष्ट्रपतिऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने इस साल की मौद्रिक नीति में कहा था कि दूसरी छमाही यानी सितंबर 2011 के बाद से मुद्रास्फीति में कमी आनी शुरू हो जाएगी। लेकिन अब वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी कह रहे हैं कि यह दिसंबर के अंत तक ऊंची ही बनी रहेगी। वित्त मंत्री ने चुनिंदा अखबारों के संवाददाताओं को भेजे गए बयान में कहा है कि मुद्रास्फीति के ज्यादा रहने से निजी निवेश पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है,औरऔर भी

अब लाभ न कमानेवाली या मामूली लाभ कमानेवाली लिस्टेड कंपनी भी प्रबंधन से जुड़े प्रोफेशनल को बेधड़क हर महीने 4 लाख रुपए से ज्यादा का वेतन व भत्ता दे सकती है। इसके लिए उसे केंद्र सरकार से कोई इजाजत नहीं लेनी पड़ेगी। अभी तक इससे पहले कंपनी को सरकार की मंजूरी लेना जरूरी था। लेकिन कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने कंपनी एक्ट 1956 के संबंधित प्रावधान को ही अब बदल दिया है। कंपनी एक्ट 1956 के अनुच्छेद –औरऔर भी

एक तरफ रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के शेयरों में गिरावट के दौर में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) और घरेलू निवेशक संस्थाओं (डीआईआई) ने अप्रैल से जून 2011 के बीच कंपनी में अपना निवेश घटा दिया है, वहीं एलआईसी और फ्रैंकलिन टेम्प्लेटन इनवेस्टमेंट फंड ने धारा के खिलाफ चलते हुए कंपनी में अपना निवेश बढ़ा दिया है। साथ ही इस दौरान कंपनी के साथ करीब 17,000 नए रिटेल निवेशक जुड़ गए हैं। मुकेश अंबानी के मालिकाने और बाजार पूंजीकरणऔरऔर भी

शुक्रवार की सुबह-सुबह देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज, बीएसई में कमाल हो गया। टीसीएस का शेयर गुरुवार के बंद भाव 1125.25 रुपए से एकबारगी 20 फीसदी बढ़कर 52 हफ्ते के शिखर 1350.20 रुपए पर जा पहुंचा। फिर अचानक 20 फीसदी का गोता लगाकर 900.25 रुपए पर चला गया। इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) एकबारगी 20 फीसदी गिरकर 693.55 रुपए पर पहुंच गया, जो 52 हफ्ते का उसका न्यूनतम स्तर है। फिर पलक झपकते ही 20 फीसदीऔरऔर भी

मंगलवार को मई में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार घटकर 5.6 फीसदी रह जाने का आंकड़ा सामने आया तो लगने लगा कि रिजर्व बैंक शायद 26 जुलाई, मंगलवार को मौद्रिक नीति की पहली त्रैमासिक समीक्षा में ब्याज दरें बढ़ाने का अमंगल न करे। लेकिन जून माह में सकल मुद्रास्फीति के बढ़कर 9.44 फीसदी हो जाने ने इस आशा पर पानी फेर दिया है। अब नीतिगत दरों – रेपो व रिवर्स रेपो दर में कम से कम 0.25 फीसदीऔरऔर भी

जयराम रमेश ने ग्रामीण विकास मंत्रालय का पदभार संभालते ही जमीन के विस्फोटक मुद्दे को हाथ लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि भूमि अधिग्रहण विधेयक का मसौदा अगले हफ्ते के मध्य तक बहस के लिए पेश कर दिया जाएगा और इसके बाद 1 अगस्त से शुरू हो रहे मानसून सत्र में इसे संसद के पटल पर रख दिया जाएगा। सारा देश इस बात से वाकिफ है कि जमीन का मसला उड़ीसा से लेकर पश्चिम बंगाल औरऔरऔर भी

मंगलवार को गिरते बाजार में भी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) के शेयर तब 4.54 फीसदी उछल गए जब पता चला कि जयराम रमेश को पर्यावरण मंत्रालय से हटा दिया गया है। साथ ही दस रुपए अंकित मूल्य से भी नीचे जा चुके बीएजी फिल्म्स के शेयर भी 10 फीसदी उछल गए जब पता चला कि उसके कर्ता-धर्ता राजीव शुक्ला को मनमोहन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया है। जयराम रमेश पर्यावरण के मसले पर किसीऔरऔर भी

एक तरफ भारतीय दवा कंपनियां कह रही हैं कि उन्हें विदेशी अधिग्रहण से बचाया जाए। अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) तक ने सिफारिश की है कि दवा उद्यमों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 100 फीसदी से घटाकर 49 फीसदी कर दी जाए। दूसरी तरफ योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने कहा है कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और दवा उद्योग में 100 फीसदी एफडीआई को कहीं से कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। आहलूवालियाऔरऔर भी