ब्रांड क्या है और उसकी लॉयल्टी क्या है? यह है आपकी वो छवि जो आपसे माल या सेवा लेनेवालों के दिमाग में बनती है। छोटी-छोटी बातें इसे धीरे-धीरे बनाती हैं। ऊपर से तो इसकी कोई कीमत नहीं दिखती, लेकिन बाजार इस ‘अदृश्य’ ताकत को भी आंकता है। यह ताकत आ जाए तो कामयाबी आपसे ज्यादा दूर नहीं रहती है। हम भी धीरे-धीरे अपनी योग्यता और स्टॉक चुनने की क्षमता साबित करने की दिशा में सक्रिय हैं। अर्थकामऔरऔर भी

बहुत ही मरा-मरा सा दिन रहा आज का। इधर या उधर, किसी भी तरफ कोई खास हलचल नहीं दिखी। निफ्टी के 6150 पहुंचते ही तेजड़ियों ने बाजार की कमान अपने हाथ में ले ली और मंदड़िये 6130 अंक का इंतजार ही करते रह गए। आकिर में वे भी तेजड़िये के पाले में जा गिरे क्योंकि निफ्टी नवंबर फ्यूचर्स बंद हुआ है 6155 के स्तर पर, जो अपने-आप में तेजी का संकेत है। हमारी स्ट्रीट कॉल टीम कोऔरऔर भी

हमारा मानना है कि बीएसई सेंसेक्स दीवाली पर ज्यादा नहीं तो 21,000 तक जरूर जा सकता है। देखते हैं कि ऐसा होता है या नहीं। कोल इंडिया के आईपीओ से मिले रिफंड और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की टीम में शामिल 200 सीईओ बाजार में नई पूंजी प्रवाह का जरिया बनेंगे। जब हमने शुक्रवार को निफ्टी में 5986 पर खरीद की कॉल पेश की तो सभी लोगों ने हमें फिर से पागल करार देने की कोशिश की।औरऔर भी

कल हमने बाजार चलानेवालों का ऐसा खेल देखा जो पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने धांधली करके महीने की कैरीओवर दरों को सीधे 1.4 फीसदी से 5 फीसदी तक पहुंचा दिया और कारोबारी दिनों की संख्या के आधार पर वास्तविक लागत 2 से 9 फीसदी तक रहीं। यह एकदम अविश्सनीय था। यह साबित करता है कि बाजार के खिलाड़ियों का कितना भारी ररूख है। निस्संदेह तौर पर ऐसा सुना गया है कि गोल्डमैन ने 850 करोड़ रुपएऔरऔर भी

न भूतो न भविष्यते…रोलओवर के दौरान सागर में जैसा चमकता मोती? बाजार के आखिरी आधे घंटे ने यकीनन मुझे गलत साबित कर दिया। ऐसा नियोजित और सटीक खेल खेला गया जो मेरे लिए एकदम नया था और जिसका अनुमान लगाना वाकई नामुमकिन था। मैं यह बात दिल से स्वीकार करता हूं। कितना विकसित और प्रोफेशनली नियमित है हमारा भारतीय पूंजी बाजार! जिन्होंने इस बाजार की व्यवस्थाएं बनाई हैं, उन्हें बधाई दी जानी चाहिए और सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कारऔरऔर भी

बाजार रोलओवर की पीड़ा से गुजर रहा है। अभी तक केवल 74,000 करोड़ रुपए के ओपन इंटरेस्ट अगले सेटलमेंट में ले जाए गए हैं और ज्यादातर सौदों का वारा-न्यारा करना बाकी है। असल में मंदड़िए रोलओवर करने को तैयार नहीं हैं। इसीलिए बाजार में इतने ऊंच-नीच की हालत है। लेकिन गांठ बांध लें कि बाजार एकदम अच्छी तरह सुधरेगा और बहुत जल्द ही वह (निफ्टी) 6500 की मंजिल का रुख कर लेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत निफ्टीऔरऔर भी

शेयर बाजार में आज का दिन एकदम ठंडा रहा क्योंकि ज्यादातर खिलाड़ी इसी में लगे रहे कि रोलओवर में क्या शॉर्ट और क्या लांग करना है, मतलब डेरिवेटिव्स में बिक्री और खरीद के किन सौदों को अगले सेटलमेंट में ले जाना है। कल तक केवल 24,000 करोड़ रुपए के सौदों का रोलओवर हुआ था और अब यह सेटलमेंट खत्म होने में दो दिन ही बचे हैं। मुझे लगता है कि कल जमकर रोलओवर होंगे क्योंकि आखिरी दिनऔरऔर भी

हमारी दृढ़ धारणा नहीं बदल सकती। हमारा मानना था कि निफ्टी के 6200 के आपपास पहुंचने पर बिकवाली का थोड़ा दबाव आ सकता है और हमने लगभग दिन के सर्वोच्च स्तर 6178 पर मुनाफावसूली की। आपने पहली बार देखा होगा कि निफ्टी में पूरे सत्र के दौरान खरीद की कोई कॉल नहीं थी। हम कल का रुझान कल तय करेंगे। अभी तो हमारा मानना है कि इस सेटलमेंट में निफ्टी 6290 के ऊपर नहीं जाएगा। लेकिन वोऔरऔर भी

मैं कह चुका हूं कि इस समय रीयल्टी सेक्टर मेरा पसंदीदा निवेश लक्ष्य है। लेकिन रीयल्टी में भी कौन? नई या पुरानी कंपनियां? इंडिया बुल्स रीयल एस्टेट, एचसीसी, एचडीआईएल, ओबेरॉय, लोढ़ा, ऑरबिट व शोभा डेवलपर्स बेहतर हैं या सेंचुरी, मफतलाल, बॉम्बे डाईंग, गल्फ ऑयल, वालचंदनगर व बीएफ यूटिलिटीज जिनके पास पुश्तैनी जमीन ढेर सारी है। साफ कर दूं कि यूं तो पूरा रीयल्टी सेक्टर निवेश के लिए इस समय अच्छा है। लेकिन इसमें भी पुश्तैनी जमीन रखनवालीऔरऔर भी

कल और आज कुल मिलाकर महज 10,000 करोड़ रुपए के ही सौदों का रोलओवर हुआ है। ऑपरेटर अपनी पोजिशन आगे ले जाने के मूड में नहीं है। कल निफ्टी में 6100 के ऊपर बहुत से खिलाड़ी टेक्निकल चार्टों से निकले यकीन के आधार पर लांग हो गए, यानी उन्होंने खरीद के सौदे कर लिए। लेकिन इस बार तकनीकी गलती की वजह से बाजार ने उन्हें अपनी राय बदलने को बाध्य कर दिया। इतना तय है कि 6050औरऔर भी