वित्त वर्ष 2009-10 गुजर गया। लेकिन यह साल जाते-जाते शेयर बाजार के निवेशकों की पूंजी दोगुनी करके गया है। अगर लिस्टेड कंपनियों के शेयर भावों को आधार बनाएं तो बाजार का पूंजीकरण अब 60 लाख करोड़ रुपए का स्तर पार गया है जो पिछले साल के स्तर से लगभग दोगुना है। हालांकि ये सारा सांकेतिक मामला है। लेकिन मानने में क्या हर्ज है कि भारतीय निवेशक पहले से दोगुने अमीर हो गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) मेंऔरऔर भी

देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई नए वित्त वर्ष में अपनी पहुंच देश के दूरदराज के इलाकों तक बढ़ाने के लिए 15,000 नए बैंकिंग संवाददाताओं (बीसी) की नियुक्ति करेगा। यह जानकारी खुद बैंक के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक ओ पी भट्ट ने एक प्रमुख अंग्रेजी आर्थिक अखबार से हुई बातचीत में दी। इससे बैंक ग्रामीण इलाकों में अपनी पैठ मजबूत करना चाहता है। बैंकिंग संवाददाता को बढ़ाना वित्तीय समावेश को व्यापक बनाने के लक्ष्य का एक हिस्साऔरऔर भी

नए वित्त वर्ष के पहले दिन 1 अप्रैल को रात 12 बजे से ही दिल्ली और मुंबई समेत देश के 13 बड़े शहरों में पेट्रोल व डीजल 50 पैसे प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। इन शहरों में आज से यूरो-चार ग्रेड का पेट्रोल व डीजल सप्लाई किया जाएगा। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 50 पैसे बढ़कर 47.93 रुपए प्रति लीटर और डीजल 26 पैसे बढ़कर 38.10 रुपए प्रति लीटर हो गया है।औरऔर भी

नए वित्त वर्ष 2010-11 का पहला दिन बैंकों में अपना पैसा बचत खाते में रखनेवाले करोड़ों आम लोगों के लिए शानदार तोहफा लेकर आया है। इस खाते पर ब्याज की दर तो पहले की तरह 3.5 फीसदी सालाना ही है। लेकिन अब इसे हर दिन के बैलेंस पर गिना जाएगा, जबकि अभी तक बैंक महीने की 10 तारीख और आखिरी तारीख तक खाते में सबसे कम बैलेंस राशि पर ब्याज देते रहे हैं। इसलिए पहले जहां बचतऔरऔर भी

बाजार आज थोड़ा दबकर बंद हुआ। हालांकि मेरा अंदाज था कि एनएवी के चक्कर में खरीद ज्यादा होगी। मुझे लगता है कि ज्यादातर फंड मैनेजर अपने कामकाज व उपलब्धि से खुश हैं और आखिरी वक्त पर उन्हें एनएवी की खास पड़ी नहीं है। असल में यह वित्तीय साल म्यूचुअल फंडों के लिए जबरदस्त रहा है। वैसे, स्मॉल व मिड कैप शेयरों में सक्रियता बनी रही। फंडिंग की रुकावट दूर हो चुकी है और नई खरीद होने लगीऔरऔर भी

अगर आप सोने का डीमैट कारोबार करना चाहते हैं, लेकिन आपके पास ज्यादा रकम नहीं है तो मायूस न हों। अब छोटे निवेशकों का ध्यान रखते हुए 1, 2 और 3 ग्राम सोने का डीमैट कारोबार भी शुरू हो गया है। फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड और नैफेड द्वारा प्रवर्तित नेशनल स्पॉट एक्सचेंज (एनएसईएल) ने इसकी शुरुआत की है। दरअसल कीमत अधिक होने के कारण छोटे निवेशक सोने को अपने पोर्टफोलियो में शामिल नहीं कर पाते हैं। इसीऔरऔर भी

पहले कहां कौन बीमा कराता था? ऐसा नहीं कि तब अनिश्चितता का भय नहीं था, अनहोनी की आशंका नहीं थी। लेकिन लोग भगवान के आगे माथा नवाकर निश्चिंत हो जाते थे। भगवान तू ही सबका रखवाला है, रक्षा करना- इतना भर कह देने से लगता था कि आपको किसी भी आकस्मिक आफत से निपटने का सहारा मिल गया। फिर, अपने यहां एक-दो नहीं, 33 कोटि देवता हैं। गांव से बाहर निकलिए तो ग्राम देवता को प्रणाम करऔरऔर भी

मिहिर शर्मा एक नौकरीपेशा शख्स हैं। कुछ साल पहले तक महीने की तनख्वाह 35 हजार रुपये थी। अब यही कोई 65 हजार पाते हैं। पहले कैश सेगमेंट में सीधे कंपनी के शेयर खरीदते थे, डिलीवरी लेते थे। मौका पाने पर बेचकर हजार-दो हजार की कमाई कर लेते थे। जनवरी 2008 के बाद अपने ढाई लाख के निवेश पर करीब डेढ़ लाख का घाटा खाने के बाद उन्होंने रणनीति बदल दी है। अब वे सीधे कंपनी के शेयरोंऔरऔर भी

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर सारे भ्रमों को दूर करते हुए केंद्र सरकार कल, बुधवार को एक दस्तावेज जारी करेगी। यह दस्तावेज वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा द्वारा जारी किया जाएगा। मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस दस्तावेज में सरकार की एफडीआई नीति से संबंधित सारे पहलू एक साथ दिए जाएंगे। इनका अंदाज ऐसा होगा कि कोई भी इन्हें आसानी से समझ सकता है क्योंकि सभी नियम काफी सरल अंदाज में पेश किएऔरऔर भी

खाद्य मंत्रालय ने घोषणा की है कि इस साल खाद्यान्न उत्पादन 160 लाख टन रहेगा जो 145.7 लाख टन के अनुमान से करीब 9 फीसदी ज्यादा है। मेरी राय में यह खाद्य पदार्थों से उपजी मुद्रास्फीति को नीचे लाने के लिए पर्याप्त है। मुद्रास्फीति वैसे भी इस समय बहुत ज्वलंत मुद्दा बनी हुई है और खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में कमी का हर संकेत स्वागतयोग्य है। दूसरी तरफ इस तिमाही में कंपनियों की आय शानदार रहेगी। अमेरिकीऔरऔर भी