लेनदेन की अंतरराष्ट्रीय संस्था वीसा ने ग्राहकों के प्रीमियम के भुगतान के लिए देश की बीस प्रमुख कंपनियों से एक करार किया है जिसके तहत ग्राहक साधारण या जीवन बीमा प्रीमियम की अदायगी अपने वीसा कार्ड के जरिए कर सकते हैं। बता दें कि हमारे बैंकों के जितने भी डेबिट या क्रेडिट कार्ड हैं उन्होंने दुनिया की दो प्रमुख भुगतान कंपनियों वीसा या मास्टर कार्ड से टाई-अप कर रखा है। इसलिए आप अपने कार्ड पर इनका लोगोऔरऔर भी

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) ने सस्ते या टीजर होम लोन की स्कीम 30 अप्रैल 2010 तक बढा दी है। पहले यह स्कीम 31 मार्च 2010 को खत्म होनी थी। इस स्कीम के तहत होम लोन लेनेवाले को पहले साल केवल 8 फीसदी सालाना की दर से ब्याज देना होता है। अभी तक दूसरे व तीसरे साल ब्याज की दर 8.5 फीसदी रखी गई है। लेकिन 1 अप्रैल या उसके बाद होम लोनऔरऔर भी

भारतीय रुपया डॉलर और यूरो जैसी विदेशी मुद्राओं के खिलाफ मजबूत होता जा रहा है। पिछले साल मार्च में रुपए की विनिमय दर प्रति डॉलर 50 रुपए के आसपास थी। लेकिन अब यह 45 रुपए के नीचे जाती दिख रही है। यानी जहां पहले एक डॉलर में 50 रुपए मिलते थे, वहीं अब 45 रुपए ही मिलते हैं। इसने अपनी आय का बड़ा हिस्सा विदेश से हासिल करनेवाली आईटी कंपनियों को परेशान कर दिया है क्योंकि डॉलरऔरऔर भी

सरकार लिस्टेड कंपनियों में आम निवेशकों की शिरकत व हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बेचैन है। इस सिलसिले में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने पिछले साल जुलाई में ही बजट पेश करते वक्त ऐसी कंपनियों में आम निवेशकों या पब्लिक की शेयरधारिता कम से कम 25 फीसदी रखने का प्रस्ताव रखा था। इस पर अमल की तैयारियां तेज हो गई हैं। वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मामलात मंत्रालय के साथ के कानून मंत्रालय को भी हरकत में आना पड़ाऔरऔर भी

केंद्र सरकार नए वित्त वर्ष में बाजार से लिए जानेवाले उधार का बड़ा हिस्सा सितंबर 2010 तक जुटा लेगी। रिजर्व बैंक द्वारा घोषित कैलेंडर के मुताबिक पहली छमाही में 2.87 लाख करोड़ रुपए के सरकारी बांड जारी किए जाएंगे। बता दें कि इन बांडों में वैसे तो आम निवेशक भी पैसा लगा सकते हैं। लेकिन अभी तक तकरीबन सारा निवेश बैंक, बीमा कंपनियां या म्यूचुअल फंड व कॉरपोरेट इकाइयां ही करती रही है। रिजर्व बैंक की तरफऔरऔर भी

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के एक नए सर्कुलर ने ऐसी तमाम कंपनियों को सकते में डाल दिया है जो करेंसी फ्यूचर्स सौदों में हुए मार्क टू मार्क नुकसान के दम पर कर में छूट हासिल करती रही है। सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि जब तक विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव या करेंसी फ्यूचर्स सौदे असल में पूरे नहीं हो जाते, तब उन पर होनेवाले सांकेतिक नुकसान का फायदा कर रियायत के लिए नहीं मिल सकता। असल मेंऔरऔर भी

पंजाब में इस बार गेहूं की बंपर फसल हुई है। इसी अप्रैल माह के पहले हफ्ते से गेहूं की नई फसल मंडियों में आनी शुरू हो जाएगी। उम्मीद है कि इस बार वहां गेहूं का उत्पादन कम से कम 157 लाख टन रहेगा, वह भी तब जब इस बार 35.21 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती हुई है, जो पिछले साल के बुवाई रकबे 35.38 लाख हेक्टेयर से 17,000 हेक्टेयर कम है। ताजा हालात यह हैं किऔरऔर भी

देश में अनाजों के भंडारण की सबसे बड़ी सरकारी संस्था भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने तय किया है कि वह कमोडिटी स्पॉट एक्सचेंजों के माध्यम से खुले बाजार में गेहूं बेचेगा। वह अपनी खुला बाजार स्कीम (ओएमएस) के तहत ऐसा करेगा। उसने इसकी शुरुआत 16 मार्च 2010 से नेशनल स्पॉट एक्सचेंज के जरिए कर दी है। यह अभी प्रायोजिक स्तर पर किया जा रहा है और देश में कुछ ही जगहों पर ऐसा किया जा रहा है।औरऔर भी

देश के प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंक, यूनियन बैंक ने म्यूचुअल फंड कारोबार में उतरने की तैयारी कर ली है। इसके लिए उसने बेल्जियम के केबीसी ग्रुप के साथ गठजोड़ किया है। इस तरह बनी संयुक्त उद्यम एसेट मैनेजमेंट कंपनी में यूनियन बैंक की इक्विटी भागीदारी 51 फीसदी और केबीसी ग्रुप की भागीदारी 49 फीसदी होगी। बैंक ने सेबी के पास आवेदन कर दिया है और जल्दी ही उसे आवश्यक मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। बता दें किऔरऔर भी

बाजार का रुख आज अच्छा और स्थिर रहा क्योंकि वित्त वर्ष के अंत में अब बस दो दिन ही बचे हैं। बाजार का रुख तय करने में कुछ हद तक एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य) के दबाव की भी भूमिका है। दुनिया के बाजार भी स्थिर हैं। मेरा मानना है कि इस अप्रैल में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की कोई संभावना नहीं है। फिर भी असल में क्या होता, इसे बता पाना किसे के लिए संभव नहीं है।औरऔर भी