हमारे शेयर बाजार और शेयरों का हाल निराला है। ठीक जिस दिन रेजिन निर्माता कंपनी भंसाली इंजीनियरिंग पॉलिमर्स के खिलाफ उसके आम शेयरधारकों ने कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) में धांधली व वित्तीय अनियमितता का मामला दर्ज कराया और सीएलबी ने अंतरिम राहत के तौर पर प्रवर्तकों की सहयोगी कंपनी जागृति रेजिंस का नाम कंपनी रजिस्ट्रार, मुंबई के रिकॉर्ड से निकाल देने को कहा, उसी दिन भंसाली इंजीनियरिंग का शेयर बीएसई में 15.95 फीसदी और एनएसई में 16.45औरऔर भी

पिछले कुछ सालों में ही कंपनियों के प्रति निवेशकों का नजरिया बदल गया है। तीन-चार साल पहले 2007-08 तक अगर कंपनियों का बड़े नेताओं से ताल्लुक होता था तो उन्हें अच्छा माना जाता था। 2005 से 2007 तक चले तेजी के दौर में राजनीतिक संपर्कों वाली कंपनियों के शेयर जमकर चढ़े। लेकिन 2008 आते-आते यह दौर खत्म हो गया। अब हालत यह है कि राजनीतिक जुड़ाव होना एक तरह का जोखिम माना जाने लगा है और बड़े औरऔर भी

कैंसर की एक दवा सेतुक्सिमैब का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिकों ने पाया है कि कैंसर कोशिकाएं इलाज से बचने के लिए उन्हें चकमा देती हैं और राह बदल लेती हैं। ये कोशिकाएं ट्रैफिक जाम में फंसी कारों की तरह व्यवहार करती हैं। जब एक रास्ता बंद हो जाता है तो वे वैकल्पिक रास्ता तलाश लेती हैं और उनका बढ़ना बदस्तूर जारी रहता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नई खोज से ट्यूमर में दवा प्रतिरोध कोऔरऔर भी

देश में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक आईसीआईसीआई बैंक चालू वित्त वर्ष के दौरान पांच से छह हजार नई भर्तियां करेगा। बैंक की प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोचर ने मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि हमारा कारोबार सालाना 18 से 20 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। हम कुछ नई शाखाएं खोल रहे हैं। उम्मीद है कि हम इस साल पांच से छह हजार नए लोगों को नियुक्त करेंगे। उन्होंने कहाऔरऔर भी

दुनिया भर में सोने की बिक्री बढ़वाने में लगी विश्व स्वर्ण परिषद का कहना है कि भारत में इस त्योहारी सीजन में सोने के जेवरात की रिटेल ब्रिकी 10 से 15 फीसदी बढ़ सकती है। परिषद के निदेशक शिवराम कुमार ने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा कि अब तक सोने की खरीदारी शादी-ब्याह के दौरान ही की जाती थी। लेकिन अब धारणा बदल रही है। उन्होंने कहा कि हमें इस साल त्योहारी सीजन में देश भर मेंऔरऔर भी

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में छा रही सुस्ती और कुछ यूरोपीय देशों में ऋण संकट के बावजूद देश के निर्यात में अगस्त महीने के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस बार अगस्त महीने में निर्यात सालाना आधार पर 44.2 फीसदी बढ़कर 24.3 अरब डॉलर रहा है। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने शुक्रवार को इन आंकड़ों को जारी होने के बाद संवाददाताओं को बताया कि लौह अयस्क को छोड़कर इंजीनियरिंग, रसायन व कपड़ा समेत अन्य सभी क्षेत्रों केऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति 27 अगस्त को खत्म सप्ताह में थोड़ा घटकर 9.55 फीसदी पर आ गई। हालाकि सप्ताह के दौरान दाल और गेहूं को छोड़कर अन्य सभी प्राथमिक खाद्य वस्तुओं के दाम एक साल पहले की तुलना में ऊंचे रहे। इससे पिछले सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति 10.05 फीसदी थी जबकि पिछले साल 2010 के इसी सप्ताह में यह 14.76 फीसदी थी। असल में कुछ सप्ताह तक नरम रहने के बाद 20 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्यऔरऔर भी

कंप्टीशन अपीलेट ट्राइब्यूनल (कॉम्पैट) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा लगाए गए 55.5 करोड़ रुपए के जुर्माने पर रोक लगा दी है। हालांकि ट्राइब्यूनल ने एनएसई से इस मामले में आयोग के अन्य निर्देशों का पालन करने को कहा। सीसीआई ने बाजार में मजबूत स्थिति का दुरूपयोग करने का दोषी ठहराते हुए एनएसई पर जुर्माना लगाया था। उसके आदेश के खिलाफ एनएसई की याचिका पर अंतरिम निर्देश देते हुए गुरुवार को अपीलीयऔरऔर भी

नियंत्रक व महालेखापरीक्षक (कैग) ने कृष्णा गोदावरी बेसिन में पूरा का पूरा डी-6 ब्लॉक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास छोड़ने के लिए पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की खिंचाई की है और कहा है कि यह कंपनी के साथ उत्पादन में हिस्सेदारी के अनुबंध (पीएससी) के विरुद्ध है। यह बातें कैग ने हाइड्रोकार्बन पीएससी पर गुरुवार को संसद को सौंपी अपनी अंतिम रिपोर्ट में कही हैं। लेकिन इसमें डी-6 ब्लॉक पर रिलायंस द्वारा 2004 के प्रस्तावित 2.4 अरबऔरऔर भी

इधर हर कोई सोने में चल रही तेजी की वजह यूरोप के ऋण संकट और अमेरिका में आई आर्थिक सुस्ती को बता रहा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के बाजार विश्लेषक क्लाइड रसेल का कहना है कि इसकी असली वजह दुनिया के केंद्रीय बैंकों की खरीद के अलावा भारत व चीन के ग्राहकों की बढ़ी हुई मांग है जहां सोना खरीदना मुद्रास्फीति के बचाव के साथ-साथ स्टेटस सिम्बल भी बनता जा रहा है। क्लाइड रसेल काऔरऔर भी