यूरोपीय संघ व्यापार परिषद ने 27 देशों के संगठन यूरोपीय संघ और भारत के बीच महत्वाकांक्षी व व्यापक व्यापार समझौते पर सहमति जताई है। यूरोपीय संघ के मुख्यालय ब्रसेल्स में सोमवार को परिषद की बैठक में यह रेखांकित किया गया कि समझौते का मकसद यूरोपीय वस्तुओं व सेवाओं को भारतीय बाजार में पहुंचाना है। लेकिन बैठक के बाद यह भी कहा जा रहा है कि दोनों के बीच मुक्त व्यापार समझौता मुश्किल में पड़ गया है। यूरोपीयऔरऔर भी

इनफोसिस देश की इकलौती कंपनी है जिसका करीब 35% मालिकाना हक उसके कर्मचारियों के पास है। कंपनी की कुल 287.09 करोड़ रुपए की इक्विटी पूंजी में से उसके मूल संस्थापक नारायण मूर्ति, उनकी पत्नी, बेटी व बेटे का हिस्सा मात्र 4.47% हैं। इसमें से सबसे ज्यादा 1.41% शेयर उनकी बेटी अक्षता मूर्ति और सबसे कम 0.41% शेयर खुद उनके पास हैं। एफआईआई ने कंपनी के 36.88% शेयर खरीद रखे हैं, जबकि घरेलू संस्थानों (डीआईआई) ने 9.84%। कंपनीऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने हर तरफ कुकुरमुत्तों की तरह उगते जा रहे वित्तीय सलाहकारों पर फिर से अंकुश लगाने की कोशिश शुरू की है। ठीक चार साल पहले उसने इस बाबत बाकायदा एक प्रारूप रेगुलेशन जारी किया था जिस पर 31 अक्टूबर 2007 तक सबसे राय मांगी गई थी। इस बार उसने एक बहस पत्र जारी किया है, जिस पर सभी संबंधित पक्षों से 31 अक्टूबर 2011 तक प्रतिक्रियाएं मांगी गई हैं। सबसे अहम बातऔरऔर भी

वर्ष 2003 में आठवें स्थान के मुकाबले वर्ष 2010  तक भारत दुनिया में कच्चे इस्पात (क्रूड स्टील) का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन गया है। केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने सोमवार को अपने मंत्रालय से जुडी संसदीय सलाहकार समिति की अध्यक्षता करते हुए भरोसा जताया कि भारत साल 2015 तक दुनिया में कच्चे इस्पात का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन सकता है। चीन तब भी सबसे ऊपर बना रहेगा। बैठक में स्टील अथॉरिटीऔरऔर भी

भारतीय डाक ने वित्तीय जागरूकता के प्रचार-प्रसार के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के साथ खास करार किया है। इसके तहत वह देश भर के चुनिंदा डाकघरों में एलसीडी टीवी स्क्रीन लगाकर शेयर बाजार की रोजमर्रा की गतिविधियों को दिखाएगा। सोमवार को राजधानी दिल्ली में भारतीय डाक व एनएसई के बीच इस आशय के एमओयू या सहमति पत्र पर भारतीय डाक की महाप्रबंधक अलका झा और एनएसई के वाइस प्रेसिडेंट टी वेंकटराव ने हस्ताक्षर किए। इस करारऔरऔर भी

यूरो ज़ोन में चल रहे संकट, खासकर ग्रीस सरकार द्वारा ऋण लौटाने में चूक के घहराते खतरे के चलते दुनिया के निवेशक कैश समेटने के चक्कर में पड़ गए है। वे कमोडिटी बाजार से खटाखट निकल रहे हैं। इसी का असर है कि सोना सोमवार को मिलाकर लगातार तीन दिन ऐसा गिरा है जितना वो पिछले 28 सालों में कभी नहीं गिरा था। बीते तीन दिनों में सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 फीसदी से ज्यादा गिर चुकाऔरऔर भी

शेयर बाजार में कैश सेगमेंट में कारोबार घटता जा रहा है और इसी के साथ ब्रोकरों के वजूद पर लटकी तलवार नीचे आती जा रही है। शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में कुल वोल्यूम 2644.44 करोड़ रुपए का रहा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में 12,042.85 करोड़ रुपए का। इस तरह दोनों एक्सचेंजों को मिलाकर कुल वोल्यूम 14,687.29 करोड़ रुपए का रहा है। यह हाल अभी का नहीं है, बल्कि पिछले पांच महीनों से शेयर बाजारऔरऔर भी

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने गंगा नदी में प्रदूषण को कम करने के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमे राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण (एनजीआरबीए) को विश्व बैंक की सहायता देने की बात कही गयी है। इस काम पर 7000 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। विश्व बैंक के बोर्ड ने इस परियोजना को दस साल पहले 31मई 2001को ही मंजूरी दे दी थी। विश्वऔरऔर भी

भारतीय रुपया शुक्रवार को डॉलर के सापेक्ष कमजोर होकर 49.825 रुपए तक चला गया। लेकिन बाद में 49.50 रुपए पर आकर थम गया। रिजर्व बैंक की संदर्भ दर आज डॉलर के सापेक्ष 49.663 रुपए रही। जानकारों का कहना है कि रिजर्व बैंक अगर बाजार में डॉलर नहीं बेचता तो रुपए की विनिमय दर कभी भी 50 रुपए के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर सकती है। लेकिन रिजर्व बैंक फिलहाल ऐसे किसी भी हस्तक्षेप के लिए तैयार नहींऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाह को आगाह किया है कि अगर मौजूदा आर्थिक संकट गहराता है तो मुद्रा युद्ध का खतरा पैदा हो सकता है। मुखर्जी ने गुरुवार को वॉशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मुख्यालय में ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों के संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस तरह के मुद्रा युद्ध को आपसी बातचीत से ही टाला जा सकता है न कि प्रतिस्पर्धी अवमूल्यन से। एक सवाल के जवाब में मुखर्जी नेऔरऔर भी