अगस्त में औद्योगिक उत्पादन के बढ़ने की दर जुलाई जैसी ही निराशाजनक रही है। बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) महज 4.1 फीसदी बढ़ा है, जबकि उम्मीद 5 फीसदी की थी। यह पिछले महीने जुलाई में आईआईपी के बढ़ने की संशोधित दर 3.84 फीसदी से थोड़ा ही ज्यादा है। इसका सारा दोष रिजर्व बैंक पर मढ़ा जा रहा है क्योंकि उसने पिछले डेढ़ साल में ब्याज दरें 12 बार बढ़ाई हैं।औरऔर भी

देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इनफोसिस ने उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए तो दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद निवेशकों के चेहरे खिल गए और उसके शेयर एकबारगी 6.17 फीसदी उछल गए। लेकिन इसके साथ ही थोड़ी बिकवाली भी शुरू हो गई तो शेयर बाद में थोड़ा नीचे आ गए। इनफोसिस ने चालू वित्त वर्ष 2011-12 की सितंबर तिमाही में समेकित रूप से 8099 करोड़ रुपए की आय पर 1906 करोड़ रुपएऔरऔर भी

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कनफेडरेशन (आइबॉक) के आरोपों का ऐसा जबरदस्त असर हुआ कि मंगलवार को निजी क्षेत्र के धनलक्ष्मी बैंक के शेयर खाक में मिल गए। दोपहर सवा बजे के आसपास उसके शेयर कल के बंद भाव 71.60 रुपए से 24.23 फीसदी गिरकर 54.25 रुपए पर पहुंच गए, जो पिछले 52 हफ्तों का ही नहीं, मई 2009 के बाद का उसका नया न्यूनतम स्तर है। हालांकि बाद में बैंक प्रबंधन की साफ-सफाई के बाद शेयर थोड़ाऔरऔर भी

मारुति सुज़ुकी के मानेसर संयंत्र में कर्मचारियों और प्रबंधन में तनातनी जारी है। प्रबंधन का आरोप है कि कर्मचारियों ने पूरे संयंत्र पर कब्जा कर लिया है। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन पहले मान चुकी बातों से पीछे हट रहा है और उनकी एकता को तोड़ने में लगा है। कर्मचारियों का आरोप है कि मारुति प्रबंधन 1500 अस्थायी कर्मचारियों को काम पर वापस नहीं ले रहा है और जब तक ये नहीं होगा, तब तकऔरऔर भी

अर्थव्यवस्था के बढ़ने की दर के अनुमानों पर लगता है, जैसे कोई जंग छिड़ी हुई है। उधर अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स की भारतीय सब्सिडियरी क्रिसिल ने इस साल देश के आर्थिक विकास दर का अनुमान 8 फीसदी से घटाकर 7.6 फीसदी कर दिया, इधर सीधे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आश्वस्त करना पड़ा कि दुनिया में आर्थिक सुस्ती के बावजूद हम इस साल करीब आठ फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर लेंगे। बता दें कि अगस्तऔरऔर भी

इस समय केंद्रीय कृषि मंत्रालय देश भर में खेती-किसानी से जुड़ी 19 तरह की 50 से ज्यादा स्कीमें चलाता है। लेकिन अगले साल 2012 से शुरू हो रही 12वीं पंचवर्षीय योजना में इनकी संख्या घटाकर मात्र आठ कर दी जाएगी। ये वैसी स्कीमें हैं जिन्हें केंद्र सरकार प्रायोजित करती है। बाकी स्कीमों का जिम्मा राज्य सरकारों पर छोड़ दिया जाएगा। वे चाहें तो चलाएं और चाहें तो बंद कर दें। यह स्पष्ट किया है कृषि सचिव पीऔरऔर भी

कॉरपोरेट जगत की प्रमुख हस्तियों ने देश के कर्णधारों को एक और खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि बड़े स्तर का भ्रष्टाचार तो नया लोकपाल बिल सुलझा सकता है। लेकिन उस भ्रष्टाचार का क्या होगा, जिससे आम आदमी को रोज-ब-रोज के जीवन में झेलना पड़ता है। तीन पन्नों का यह खुला पत्र उद्योग जगत के 14 दिग्गजों की तरफ से लिखा गया है। इसे 3 अक्टूबर को भी भेजा गया था। लेकिनऔरऔर भी

चार साल बाद 2015 में देश में कहीं भी मांगने पर ब्रॉडबैंड सेवाएं मिल जाएंगी। 2017 तक 17.5 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन होंगे और 2020 तक यह संख्या 60 करोड़ तक पहुंच जाएगी। तब इन कनेक्शनों पर डाउनलोड की स्पीड कम से कम 2 एमबीपीएस और मांगने पर 100 एमबीपीएस होगी। ये कुछ महत्वाकांक्षी लक्ष्य हैं जिन्हें राष्ट्रीय दूरसंचार नीति 2011 के मसौदे में रखा गया है। सोमवार को नीति का यह मसौदा जारी करते हुए केन्‍द्रीय संचारऔरऔर भी

वाणि‍ज्‍य, उद्योग और कपड़ा मंत्री आनंद शर्मा ने मंगलवार, 11 अक्‍तूबर 2011 को राजधानी दि‍ल्‍ली में व्‍यापार बोर्ड की बैठक बुलाई है। इस बैठक में निर्यात के लिए विशेष प्रोत्साहन घोषित किए जा सकते हैं। बैठक में जिन अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है, उनमें देश का व्‍यापार परिदृश्‍य, वैश्विक व्‍यापार पर एक नजर, प्रति‍कूल परिदृश्‍य के खतरे को कम करने के उपायों पर नीति, प्रक्रिया को सरल बनाने और वाणि‍ज्‍य मंत्रालय द्वारा पेश रणनीति‍क दस्‍तावेज प्रमुखऔरऔर भी

पिछले इकत्तीस सालों से किसी न किसी रूप में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से चिपकी रहीं उनकी वर्तमान सलाहकार ओमिता पॉल हर तरफ से उठे विरोध के बावजूद आखिरकार अपने भाई जितेश खोसला को यूटीआई म्यूचुअल फंड का चेयरमैन बनवाने में कामयाब हो ही गईं। खबरों के मुताबिक दो-चार दिन में इसकी औपचारिक घोषणा हो जाएगी। खोसला 1979 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। अभी हाल तक कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के तहत आनेवाले संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेटऔरऔर भी