विश्व अर्थव्यवस्था प्राकृतिक आपदा या आतंकवादी हमले से होनेवाली व्यापक तबाही ज्यादा से ज्यादा एक हफ्ते तक झेल सकती है क्योंकि सरकारों या उद्योग-धंधों ने ऐसी अनहोनी के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं कर रखी है। यह आकलन है दुनिया के एक प्रतिष्ठित चिंतन केंद्र, चैथम हाउस का। चैथम हाउस लंदन का एक संस्थान है जो अंतरराष्ट्रीय मसलों से संबंधित नीतियों पर नजर रखता है। दुनिया भर के नीति-नियामकों के बीच इसकी बड़ी साख है। चैथम हाउस नेऔरऔर भी

सरकार जल्दी ही एकल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत देने की अधिसूचना जारी कर देगी। यह जानकारी उद्योग सचिव पी के चौधरी ने शुक्रवार को दी। अभी तक एकल ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई की इजाजत मिली हुई है। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीते साल 24 नवंबर को हुई अपनी बैठक में एकल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी और मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई की इजाजतऔरऔर भी

कोयला मंत्रालय ने जिन 14 कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द किया था, उनमें से छह ब्लॉक संबंधित कंपनियों को वापस लौटा दिए गए हैं। कोयला मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी। जिन छह कोयला ब्लॉकों को लौटाया गया है, उनमें एक दामोदर घाटी निगम, एक तेनुघाट विद्युत निगम व डीवीसी को संयुक्त तौर पर आवंटित ब्लॉक, एक झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड को आवंटित ब्लॉक और तीन एनटीपीसी को आवंटित कोयला ब्लॉक शामिल हैं। अधिकारी नेऔरऔर भी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लैगार्ड का मानना है कि यूरो मुद्रा का ‘अंत’ इस साल होने के कोई आसार नहीं है। साथ ही उन्होंने बताया कि जल्दी ही आईएमएफ की जारी होनेवाली रिपोर्ट के मुताबिक इस साल विश्व अर्थव्यवस्था की विकास दर सितंबर में घोषित 4 फीसदी के अनुमान से कम रहेगी। फिलहाल दक्षिण अफ्रीका का दौरा कर रहीं लैगार्ड ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “सवाल है कि क्या 2012 यूरोऔरऔर भी

उम्मीद है कि रुपया पिछले कुछ महीनों से चल रही गिरावट का सिलसिला तोड़कर अब स्थिर हो जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता तो उसमें आई तेज हलचल को रोकने के लिए रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने को तैयार है। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने गुरुवार को सिंगापुर में आयोजित एक समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा, “हम किसी भी तेज एकतरफा हलचल को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाएंगे।” उन्होंनेऔरऔर भी

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर कच्चे तेल की कीमत पर भी देखा जा रहा है और बुधवार को यह आठ माह के उच्च स्तर पर पहुंच गई। न्यूयॉर्क तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमत 103.74 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इसके पहले 11 मई 2011 को तेल की कीमत इस स्तर पर पहुंची थी। बाजार विश्लेषकों के अनुसार अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर बढ़ती उम्मीदों से तेल की कीमतों को बल मिलाऔरऔर भी

इस समय जो-जो चीजें किसानों के पास बहुतायत में हैं, उन सभी की कीमत में भारी गिरावट के कारण खाद्य मुद्रास्फीति की दर शून्य से नीचे पहुंच गई है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार 24 दिसंबर 2011 को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्यों पर आधारिक खाद्य मुद्रास्फीति की दर (-) 3.36 फीसदी रही है। लेकिन किसानों के पास जो चीजें नहीं हैं, मसलन दूध, फल, दाल व मांस-मछली व अंडे, उनऔरऔर भी

वित्‍त मंत्रालय ने साफ किया है कि भले ही लघु बचत स्कीमों की ब्‍याज दर को हर साल समतुल्य परिपक्‍वता वाली सरकारी प्रतिभूतियों के साथ जोड़ दिया गया है, लेकिन पीपीएफ (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड) को छोड़कर बाकी सभी स्कीमों में निवेश पर ब्याज दरें फिक्‍स रहेंगी, फ्लोटिंग नहीं। सरकारी प्रतिभूतियों की ब्याज दर को बस एक संदर्भ के रूप में लिया जाएगा। असल में मीडिया में इस तरह की खबरें आई थीं कि पहली दिसम्‍बर 2011 सेऔरऔर भी

देश में सोने के जेवरों की हॉलमार्किंग जल्दी ही अनिवार्य कर दी जाएगी। फिलहाल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कानून में इसके लिए जरूरी संशोधन को मंजूरी दे दी। अब यह संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद कानून बन जाएगा। सरकार के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक, इस काम में कम से कम सात से आठ महीने लग सकते हैं। जानकारों का कहना है कि इससे सबसे बड़ी बात यह होगी कि देश भरऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की बड़ी मुश्किल आसान कर दी है। अब शेयर बाजारों में लिस्टेड कोई भी कंपनी न्यूनतम 25 फीसदी पब्लिक शेयरधारिता हासिल करने के लिए सीधे अपने शेयर बेच सकती है। इसके लिए उसे कोई पब्लिक इश्यू लाने की जरूरत नहीं होगी। वह ऐसा इंस्टीट्यूशन प्लेसमेंट प्रोग्राम (आईपीपी) या स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए ब्रिकी प्रस्ताव लाकर कर सकती है। सेबी के बोर्ड ने मंगलवार को अपनी बैठक मेंऔरऔर भी