कपास की कीमतें भले ही कमोबेश स्थिर हों, लेकिन कपड़ा मंत्रालय देश की प्रमुख मंडियों में पहुंच रहे कपास की रोजाना निगरानी कर रहा है। कपास की औसत कीमत 4000 रूपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रही है जो तय एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 3100 रूपए प्रति क्विंटल से अधिक है। यह स्थिति एमएसपी की जरूरत को ही नकार देती है। कपड़ा क्षेत्र में घरेलू जरूरत के लिए कच्‍चे माल की आपूर्ति को सुरक्षित करने का कामऔरऔर भी

सरकार उन्नीस दिनों से चल रही सर्राफा व्यापारियों की देशव्यापी हड़ताल के आगे झुकती नजर आ रही है। उसने बुधवार को घोषित किया कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी शुक्रवार, 6 अप्रैल को नई दिल्ली में प्रमुख शहरों के आभूषण निर्माताओं के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। संबंधित संस्‍थाओं से इस बैठक के लिए अपने दो प्रतिनिधियों को मनोनीत करने को कहा गया है। संकेत इस बात का है कि अनब्रांडेड आभूषणों पर लगाई गई एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी वापसऔरऔर भी

निफ्टी 5400 तो छोड़िए, 5338.40 को भी पार नहीं कर सका और 0.66 फीसदी की गिरावट के साथ 5322.90 पर बंद हुआ। किंगफिशर एयरलाइंस खुला तो थोड़ा बढ़कर। लेकिन 18.70 रुपए तक जाने के बाद 11.11 फीसदी की बढ़त लेकर 18.50 रुपए पर बंद हुआ। गिरते बाजार में भी शेयर बढ़ते हैं। बाजार से कमाई के लिए इसी पारखी नजर को विकसित करने की जरूरत है। यह नज़र या कला अभ्यास से एक न एक दिन आऔरऔर भी

स्पेन की सरकार का ऋण इस साल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 79.8 फीसदी पर पहुंच जाएगा जो 1990 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। स्पेन के बजट मंत्री क्रिस्टोबल मोनटोरो ने मंगलवार को मैड्रिड में संवाददाता सम्मेलन में दौरान बताया कि साल 2012 में सरकार को 186.1 अरब यूरो (248 अरब डॉलर) का ऋण लेना पड़ेगा। इससे सरकार के ऋण व जीडीपी का अनुपात 79.8 फीसदी हो जाएगा, जबकि साल 2011 में यह 68.5 फीसदीऔरऔर भी

जहां स्टॉक एक्सचेंजों की लिस्टिंग की इजाजत मिलने के बाद देश के 137 साल पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई में उल्लास का माहौल होना चाहिए था, वहीं वहां अचानक सन्नाटा खिंच गया है क्योंकि पिछले तीन सालों में एक्सचेंज को नया व गतिशील स्वरूप देनेवाले उसके प्रबंध निदेशक व सीईओ मधु कन्नन उसे बीच मंझधार में छोड़कर जा रहे हैं। टाटा संस के उप-चेयरमैन और दिसंबर से रतन टाटा की जगह टाटा समूह की बागडोर संभालनेवाले सायरस मिस्त्रीऔरऔर भी

विद्वानों के मुताबिक कई तरह के संकट भारतीय अर्थव्यवस्था पर मंडरा रहे हैं। यूरो ज़ोन के संकट का खिंचना इस पर भारी पड़ेगा। मनमोहन सिंह की सरकार नीतिगत फैसलों में पंगु बनी हुई है। यूपीए गठबंधन में ममता ने ऐसा बवाल मचा रखा है कि सरकार को राष्ट्रीय आंतकवादी विरोधी केंद्र (एनसीटीसी) तक पर झुकना पड़ रहा है। ऊपर से घोटाले हैं कि थमने का नाम तक नहीं ले रहे। कोयला तो काला था ही। पवित्र गायऔरऔर भी

जिनका धंधा-पानी शेयर बाजार से जुड़ा है, हर सुबह उनकी यही चिंता रहती है कि आज कहां जाएगा बाजार। लेकिन बाजार कहीं भी जाए, उससे जुड़े अधिकांश लोगों की हालत अच्छी नहीं है। कल शाम बीएसई में निवेश से जुड़े प्रोफेशनल लोगों के एक समारोह में गया था, जहां साल भर बाद सेंसेक्स से लेकर, कच्चा तेल, सोना और सरकारी बांडों की यील्ड का अंदाज लगाया जा रहा था। मंच पर बैठे विशेषज्ञों की राय में एकऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों से लेकर क्लियरिंग कॉरपोरेशन और डिपॉजिटरी तक के स्वामित्व व स्वरूप पर अपनी अंतिम नीति जारी कर दी है। सेबी के बोर्ड ने सोमवार को अपनी बैठक में बिमल जालान समिति की सिफारिशों के आधार पर नीतिगत फैसले लिए हैं। तय हुआ है कि किसी भी स्टॉक एक्सचेंज की 51 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी पब्लिक के पास होगी। कोई भी स्टॉक एक्सचेंज अपने यहां खुद को लिस्ट नहीं करा सकता।औरऔर भी

फरवरी में देश के निर्यात के बढ़ने की दर घटकर 4.2 फीसदी पर आ गई। यह पिछले साल की फरवरी से 4.2 फीसदी बढ़कर 24.6 अरब डॉलर हो गया। इसके विपरीत आयात में इस दौरान साल भर पहले की तुलना में 20.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और 39.7 अरब डालर हो गया। इस तरह फरवरी में व्यापार घाटा बढ़कर 15.1 अरब डॉलर हो गया। इस आंकड़ों के जारी होने के बाद वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने बढ़तेऔरऔर भी

नए साल के बजट प्रस्तावों पर सारी दुनिया में बेचैनी मची हुई है। दुनिया की ऐसी ढाई लाख से ज्यादा कंपनियों के प्रतिनिधि उद्योग व व्यापार संगठनों ने सीधे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक पत्र लिखकर बजट प्रस्तावों पर अपना ऐतराज जताया है। उन्होंने यह पत्र 29 मार्च को लिखा है। अंतरराष्ट्रीय जगत की कुछ ऐसी ही शिकायतों को लेकर ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉर्ज ओसबोर्न भी सोमवार को भारत के वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मिले।औरऔर भी