वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने स्वास्थ्य और शिक्षा में किए गए निवेश को भी इंफ्रास्ट्रक्चर में शामिल करने का एलान किया है। इससे पहले 28 फरवरी को पेश बजट में वे कोल्ड स्टोरेज चेन और उर्वरक उद्योग में किए गए पूंजी निवेश को इंफ्रास्ट्रकर में शामिल करने की पेशकश कर चुके हैं। शुक्रवार को लोकसभा में बजट 2011-12 पर हुई बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माणऔरऔर भी

जापान में 8.9 तीव्रता के भूकंप और सुनामी के बाद दुनिया भर के समुद्रतटीय इलाकों में सुनामी का खतरा मंडराने लगा है। लेकिन इससे न तो भारत को कोई खतरा है और न ही इससे भारतीय शेयर पर नकारात्मक असर पड़ने वाला है। फिलहाल जापान के पूरे प्रशांत महासागर के तट के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। गुआम, ताइवान, फिलीपींस, इंडोनेशिया और अमेरिकी राज्य हवाई को सुनामी पर नजर रखने को कहा गया है। इंडोनेशिया,औरऔर भी

कंपनी विधेयक, 2009 के संसद के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का कहना है कि संसद की अवधि घटा दी गई है, इसलिए इस विधेयक के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है। कंपनी विधेयक, 2009 करीब 50 साल पुराने कंपनी अधिनियम, 1956 की जगह लेगा। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बजट भाषण में बताया था कि कंपनी विधेयक चालू बजट सत्र में पेश कर दिया जाएगा। कंपनीऔरऔर भी

बढ़ती मुद्रास्फीति की चिंता और पश्चिम एशिया में राजनीतिक उथलपुथल के बीच वैश्विक निवेशकों ने उभरते बाजारों से साल 2011 में अब तक 21 अरब डॉलर (94,485 करोड़ रुपए) निकाल चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश फंड्स पर नजर रखने वाली कंपनी ईपीएफआर ग्लोबल के आंकड़ों के मुताबिक उभरते बाजारों से निवेशक इस साल अब तक 21 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। वर्ष 2008 की तीसरी तिमाही के बाद यह सबसे बड़ी निकासी है। रिपोर्ट के अनुसार,औरऔर भी

भारत के 55 अरबपति (डॉलर में) विश्व प्रसिद्ध पत्रिका फोर्ब्स द्वारा जारी दुनिया के सबसे अमीरों की ताजा सूची में शामिल हो गए हैं। भारत में सबसे आखिरी पायदान पर एक अरब डॉलर की बराबर संपत्ति के साथ चार लोग हैं – रमेश चंद्रा (रीयल एस्टेट), अनु आगा (इंजीनियरिंग), आश्विन दानी (पेंट), हरिंदर पाल बग्गा (जिंस) और मोफतराज मुनोत (रीयल एस्टेट)। ये चारों दुनिया के अमीरतम लोगों में 1040वें नंबर पर हैं। इस बार सबसे अमीर भारतीयोंऔरऔर भी

हमारे नीति-नियामकों के लिए थोड़े सुकून की बात है कि तीन महीने बाद खाद्य मुद्रास्फीति की दर अब दहाई से इकाई अंक में आ गई है। 26 फरवरी को खत्म हफ्ते में इसकी दर 9.52 फीसदी दर्ज की गई है जबकि इसके ठीक पिछले हफ्ते में यह 10.39 फीसदी पर थी। इस तरह इनमें 87 आधार अंकों की कमी आ गई है। एक आधार अंक या बेसिस प्वाइंट का मतलब 0.01 फीसदी होता है। इन आंकड़ों सेऔरऔर भी

विकसित देशों, खासकर यूरोपीय देशों की आर्थिक स्थिति में सुधार धीमा रहने से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) इस साल जनवरी में एक साल पहले की तुलना में 48 फीसदी गिर कर मात्र 1.04 अरब डॉलर रह गया। भारत में एफडीआई निवेश के मामले में मॉरीशस, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जापान, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात प्रमुख स्रोत हैं। जनवरी, 2010 में विदेशी कंपनियों ने भारत ने 2.04 अरब डॉलर का सीधा पूंजी निवेश (एफडीआई) कियाऔरऔर भी

भारत में काम कर रहे विदेशी बैंकों में कर्मचारियों की कुल संख्या में 2010 में छह फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली और 32 में से 19 बैंकों के कुल कर्मचारी घट गए। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 2010 में भारत में कार्यरत विदेशी बैंकों के कुल कर्मचारियों की संख्या 6.22 फीसदी घटकर 27,742 रह गई जो इससे पहले वर्ष में 29,582 थी। हालांकि इसी दौरान प्रमुख विदेशी बैंकों में स्टैंडर्ड चार्टर्ड मेंऔरऔर भी

निवेशकों से जुड़ने के मकसद से नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एएनएसई) ने ग्राहकों के लिए नई सुविधा शुरू की है जिसमें उन्हें संबंधित सौदों के बारे में हर दिन की सूचना उसी दिन एसएमएस और ई-मेल से दे दी जाएगी। इस सुविधा से निवेशकों को अपने रोजाना के कारोबार की जांच करने में मदद मिलेगी। नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) ने एक बयान में कहा, ‘‘जिस ग्राहक ने एनएसई की वेबसाइट पर मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज किया है,औरऔर भी