सालाना छह लाख रुपए से अधिक की आय वाले लोगों के लिए रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी खत्म कर दी जानी चाहिए। यह सुझाव है कि पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस पर संसद की स्थायी समिति का। समिति ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा कि एलपीजी सिलेंडरों पर भारी सब्सिडी को बचाने के लिए सरकार को अमीर लोगों को इससे बाहर कर देना चाहिए। बता दें कि दिल्ली में इस समय 14.2 किलो के आम घरेलू एलपीजी सिलेंडरऔरऔर भी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य मुद्रास्फीति की दर 16 जुलाई को समाप्त सप्ताह में घटकर 20 माह के न्यूनतम स्तर 7.33 फीसदी पर आ गई। लेकिन दूध, फल और अंडा, मांस व मछली जैसी जिन प्रोटीन-युक्त खाद्य वस्तुओं का खास जिक्र दो दिन पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने मौद्रिक की समीक्षा में किया था, उनके दाम अब भी ज्यादा बने हुए हैं। साल भर की समान अवधि की तुलना में उक्त सप्ताह में फलऔरऔर भी

बताते हैं कि रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. दुव्वरि सुब्बाराव ने मुद्रास्फीति के मोर्चे पर ठंडी पड़ी सरकार को झटका देने के लिए ही उम्मीद के विपरीत ब्याज दरों को एकबारगी 0.50 फीसदी बढ़ाया है। पिछले 17 महीनों से थोड़ी-थोड़ी ब्याज वृद्धि का डोज काम न आने से हताश रिजर्व बैंक ने तेज झटका देकर गेंद अब सरकार के पाले में फेंक दी है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को भी सुब्बाराव का इशारा समझ में आ गयाऔरऔर भी

विदेशी बैंकों में जमा देश के काले धन को वापस लाने के लिए सरकार ने 97 देशों से बात की है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि विदेशी बैंकों में अवैध रूप से जमा भारतीय पैसे को वापस लाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में मुखर्जी ने कहा कि काले धन को वापस देश में लाने के लिए सरकार लगातार कोशिशऔरऔर भी

यूपीए सरकार ने काले धन पर सिविल सोसायटी से लेकर राजनीतिक दलों व आम लोगों के चौतरफा हमले से बचने की कोशिशें तेज कर दी हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में मौजूदा बेनामी सौदा (निषेध) कानून, 1988 की जगह नया कानून लाने के लिए बेनामी सौदा (निषेध) विधेयक, 2011 को मंजूरी दे दी गई। अब इस विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा और वहां से पारित होते ही राष्ट्रपतिऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने इस साल की मौद्रिक नीति में कहा था कि दूसरी छमाही यानी सितंबर 2011 के बाद से मुद्रास्फीति में कमी आनी शुरू हो जाएगी। लेकिन अब वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी कह रहे हैं कि यह दिसंबर के अंत तक ऊंची ही बनी रहेगी। वित्त मंत्री ने चुनिंदा अखबारों के संवाददाताओं को भेजे गए बयान में कहा है कि मुद्रास्फीति के ज्यादा रहने से निजी निवेश पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है,औरऔर भी

केंद्र सरकार को कुल टैक्स का 56% हिस्सा अब आयकर या कॉरपोरेट करों के रूप में प्रत्यक्ष करों से मिंलता है। बाकी 44% टैक्स ही एक्साइज व कस्टम जैसे परोक्ष करों से मिलता है। नब्बे के दशक तक स्थिति यह थी कि सरकार को मात्र 12% प्रत्यक्ष करों से मिलते थे और 88% अप्रत्यक्ष या परोक्ष करों से। वित्त वर्ष 2010-11 में केंद्र सरकार का कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.46 लाख करोड़ रुपए रहा है, जबकि परोक्षऔरऔर भी

सरकार केरल के कोच्‍चि शहर में मनी लॉन्‍ड्रिंग पर एशिया प्रशांत समूह (एपीजी) की 14वीं सालाना बैठक तथा 10वें सालाना तकनीकी सहायता व प्रशिक्षण फोरम का आयोजन 18 से 22 जुलाई, 2011 तक करेगी। वित्‍त मंत्री प्रणव मुखर्जी मंगलवार, 19 जुलाई 2011 को अपना उद्घाटन भाषण देंगे। इस बैठक में एशिया प्रशांत क्षेत्र और दुनिया भर के तीन सौ से ज्‍यादा वरिष्‍ठ अधिकारियों के भाग लेने की संभावना है। इसमें वित्‍तीय कार्रवाई कार्यदल (एफएटीएफ) के अध्‍यक्ष इटलीऔरऔर भी

मई 2011 में भारत से सेवाओं का निर्यात अप्रैल के मुकाबले 3.2 फीसदी बढ़कर 11.83 अरब डॉलर पर पहुंच गया। रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि अप्रैल, 2011 में देश से 11.46 अरब डॉलर मूल्य की सेवाओं का निर्यात किया गया था। मई में सेवाओं का आयात भी 2.8 फीसदी बढ़कर 7.08 अरब डॉलर का रहा, जो अप्रैल में 6.88 अरब डॉलर का था। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में अप्रैल-मई के दौरान सेवाओं का सकलऔरऔर भी