फालतू सूत्र
जो लोग देखने से ही मना कर देते हैं, उनके फैसले कैसे सही हो सकते हैं? तथ्यों से सत्य और सत्य से सूत्र निकलते हैं। पहला चरण है तथ्यों की तहकीकात। जो इससे भागते हैं, उनके सूत्र सरासर बकवास हैं।और भीऔर भी
जो लोग देखने से ही मना कर देते हैं, उनके फैसले कैसे सही हो सकते हैं? तथ्यों से सत्य और सत्य से सूत्र निकलते हैं। पहला चरण है तथ्यों की तहकीकात। जो इससे भागते हैं, उनके सूत्र सरासर बकवास हैं।और भीऔर भी
क्या सरकार से मुफ्त मिली चीजों का मोल लोगों की आय तय करने के लिए उनके खर्च में शामिल किया जा सकता है? लेकिन हमारे योजना आयोग ने इसी करामात की बदौलत 1.80 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाल लिया है। उसने सरकार की मिड डे मील स्कीम का फायदा लेनेवाले बच्चों के परिवारों की आय में इसका खर्च शामिल कर लिया है। अभी पिछले हफ्ते योजना आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिकऔरऔर भी
सरकार ने सभी लघु बचत स्कीमों और पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) पर निवेशकों को मिलनेवाली ब्याज की दर 1 अप्रैल 2012 से बढ़ा दी है। वित्त मंत्रालय की तरफ से सोमवार को जारी सूचना में कहा गया है कि आगे से हर वित्त वर्ष की शुरुआत, यानी 1 अप्रैल से पहले लघु बचत स्कीमों की ब्याज दर को अधिसूचित कर दिया जाएगा। सरकार ने यह कदम रिजर्व बैंक की पूर्व गवर्नर श्यामला गोपीनाथ की अध्यक्षता में बनीऔरऔर भी
बजाज ऑटो समूह के मुखिया और राज्यसभा सांसद राहुल बजाज ने कहा है कि जिन लोगों ने भी विदेश में कालाधन जमा कर रखा है, उन्हें सरकार को जेल में डाल देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने भारतीय कंपनियों को लेकर विदेश में हुए सौदों पर टैक्स लगाने के लिए पिछली तिथि से आय कर कानून में प्रस्तावित संशोधन पर आपत्ति जताई। राजधानी दिल्ली में सोमवार को प्रमुख उद्योग संगठन, सीआईआई द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में वित्त मंत्री प्रणबऔरऔर भी
सुप्रीम कोर्ट ने देश में दवाओं के अवैध क्लीनिकल परीक्षण पर चिंता जताई है और सरकार से इसे रोकने के लिए कदम उठाने को कहा है। कोर्ट में जस्टिस आर एम लोढ़ा और एच एस गोखले की खंडपीठ ने सोमवार को अपनी टिप्पणी में कहा, “यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को इसे ठीक करने के उपाय करने होंगे।” पीठ ने केन्द्र सरकार और भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) से इस मामले में छह सप्ताह के भीतर अपनाऔरऔर भी
आईएसएमटी की कहानी तीन दशक से ज्यादा पुरानी है। असैनिक एयरक्राफ्ट बनानेवाली कंपनी तनेजा एयरोस्पेस के प्रवर्तक बलदेव राज तनेजा इसके कर्ताधर्ता हैं। 1980 में बनी तो नाम इंडियन सीमलेस मेटल ट्यूब्स था। बीस बाद साल 2000 अपनी एक प्रतिद्वंद्वी कंपनी कल्याणी सीमलेस ट्यूब्स का अधिग्रहण कर लिया। 2005 में अपनी ही इकाई को मिलाने के बाद आईएमएमटी का नाम धर लिया। 2007 में उसने स्वीडन की बेहद पुरानी कंपनी स्ट्रक्टो हाइड्रॉलिक्स का अधिग्रहण कर लिया। कंपनीऔरऔर भी
कौन है जो आंखों के होते हुए भी देख नहीं पाता? वो कौन है जो कानों के रहते हुए भी सुन नहीं पाता? वो कौन है जो जुबान रहते हुए भी बोल नहीं पाता? अंदर के कृष्ण से पूछो कि अर्जुन ऐसा अशक्त क्यों है?और भीऔर भी
धन आपके पास तभी तक नहीं है, जब तक या तो आप दूसरों के काम के नहीं बन पाए हैं या दूसरों को आपकी उपयोगिता का पता नहीं है। पहले उपयोगिता, फिर उसकी मार्केटिंग। यही सूत्र है धन बनाने का।और भीऔर भी
होना यह चाहिए था कि निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनियां ऐसी होड़ देती हैं कि ग्राहक सरकारी कंपनी एलआईसी को छोड़कर उनकी तरफ दौड़े चले आते। लेकिन साल 2000 में जीवन बीमा कारोबार को खोलने के बाद बराबर हो रहा है इसका उल्टा। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के ताजा आंकडों के मुताबिक फरवरी 2012 तक एलआईसी की कुल गैर-एकल प्रीमियम वाली व्यक्तिगत पॉलिसियों की संख्या 2,65,37,802 हो गई है। यह संख्या फरवरी 2011 तक 2,53,60,881औरऔर भी
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