लघु बचत स्कीमों पर ब्याज ज्यादा, 8.8% पीपीएफ पर

सरकार ने सभी लघु बचत स्कीमों और पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) पर निवेशकों को मिलनेवाली ब्याज की दर 1 अप्रैल 2012 से बढ़ा दी है। वित्त मंत्रालय की तरफ से सोमवार को जारी सूचना में कहा गया है कि आगे से हर वित्त वर्ष की शुरुआत, यानी 1 अप्रैल से पहले लघु बचत स्कीमों की ब्याज दर को अधिसूचित कर दिया जाएगा।

सरकार ने यह कदम रिजर्व बैंक की पूर्व गवर्नर श्यामला गोपीनाथ की अध्यक्षता में बनी समिति की सिफारिशों के मद्देनजर उठाया है। यह समिति राष्‍ट्रीय लघु बचत फंड (एनएसएसएफ) की व्‍यापक समीक्षा के लिए गठित की गई थी।

नए फैसले के अनुसार वित्त वर्ष 2012-13 में एक साल से लेकर पांच साल तक की सभी सावधि जमा पर ब्याज की दर बढ़ा दी गई है। दस साल के राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर ब्याज की दर 8.7 फीसदी से बढ़ाकर 8.9 फीसदी कर दी गई है। इसी तरह पीपीएफ पर ब्याज की दर 8.6 फीसदी से बढ़ाकर 8.8 फीसदी कर दी गई है। लघु बचत योजनाएं डाकघरों जरिए चलाई जाती हैं। इन पर 1 अप्रैल 2012 से प्रभावी ब्‍याज दरें इस प्रकार हैं…

स्कीम मौजूदा ब्याज दर (%)
नई ब्‍याज दर (%)
बचत जमा 4.0 4.0
एक साल की सावधि जमा 7.7 8.2
दो साल की सावधि जमा 7.8 8.3
तीन साल की सावधि जमा 8.0 8.4
चार साल की सावधि जमा 8.3 8.5
पांच साल की रेकरिंग जमा 8.0 8.4
पाचं साल की एससीएसएस 9.0 9.3
पांच साल की एमआईएस 8.2 8.5
पांच साल की एनएससी 8.4 8.6
दस साल की एनएससी 8.7 8.9
पीपीएफ 8.6 8.8

 

 

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