हम अक्सर अतीत के प्रति मोह, वर्तमान के प्रति खीझ और भविष्य के प्रति डर से भरे रहते हैं। कल, आज और कल को साधना जरूरी है। लेकिन उसके लिए हमें निर्मोही, निरपेक्ष और निडर बनना होगा।और भीऔर भी

पैसा तो हर कोई कमाता है। यह कोई अनोखी या असामान्य बात नहीं है। लेकिन जिस लोगों ने भी हमें  इस मंज़िल पर पहुंचाने में मदद की है, हमें हमेशा उनका कृतज्ञ होना चाहिए। इससे हम छोटे नहीं होते, बल्कि बड़े बन जाते हैं।और भीऔर भी

खेमे पकड़ लेना सबसे आसान है। लेकिन खेमों से बाहर निकलकर सत्य का अनुसंधान बहुत कठिन है। खेमों में आस्था चलती है। आप बहुत कुछ मानकर चलते हैं। लेकिन यहां सब कुछ कसौटी पर कसा जाता है।और भीऔर भी

अर्थव्यवस्था और सरकार दोनों का मूल मकसद अवाम की सेवा करना है। लेकिन भ्रष्ट होते ही वे उल्टा काम करने लगती है और लोगों को निचोड़कर उनका धन व सत्ता कुछ हाथों में केंद्रित करने लग जाती हैं।और भीऔर भी

इस दुनिया में हम ही हम नहीं, दूसरे भी हैं तमाम। इसलिए यहां समझौते करके ही चलना पड़ता है। अपने अहम को गलाकर दूसरे को स्वीकार कर चलना पड़ता है। और, इसकी शुरुआत होती है परिवार से।और भीऔर भी

सरकार ने बड़े स्पष्ट शब्दों में बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) से कहा कि उसे बीमा कंपनियों के बीच मची आत्मघाती होड़ की प्रवृत्ति को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे। इधर कंपनियों में बाजार पकड़ने के चक्कर में कम प्रीमियम लेने की होड़ मची हुई है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने राजधानी दिल्ली में बुधवार को इरडा की 72वीं बोर्ड बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “वाजिब अंडरराइटिंग को सुनिश्चित करना और प्रीमियम में कटौतीऔरऔर भी

कपास की कीमतें भले ही कमोबेश स्थिर हों, लेकिन कपड़ा मंत्रालय देश की प्रमुख मंडियों में पहुंच रहे कपास की रोजाना निगरानी कर रहा है। कपास की औसत कीमत 4000 रूपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रही है जो तय एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 3100 रूपए प्रति क्विंटल से अधिक है। यह स्थिति एमएसपी की जरूरत को ही नकार देती है। कपड़ा क्षेत्र में घरेलू जरूरत के लिए कच्‍चे माल की आपूर्ति को सुरक्षित करने का कामऔरऔर भी

सरकार उन्नीस दिनों से चल रही सर्राफा व्यापारियों की देशव्यापी हड़ताल के आगे झुकती नजर आ रही है। उसने बुधवार को घोषित किया कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी शुक्रवार, 6 अप्रैल को नई दिल्ली में प्रमुख शहरों के आभूषण निर्माताओं के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। संबंधित संस्‍थाओं से इस बैठक के लिए अपने दो प्रतिनिधियों को मनोनीत करने को कहा गया है। संकेत इस बात का है कि अनब्रांडेड आभूषणों पर लगाई गई एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी वापसऔरऔर भी

निफ्टी 5400 तो छोड़िए, 5338.40 को भी पार नहीं कर सका और 0.66 फीसदी की गिरावट के साथ 5322.90 पर बंद हुआ। किंगफिशर एयरलाइंस खुला तो थोड़ा बढ़कर। लेकिन 18.70 रुपए तक जाने के बाद 11.11 फीसदी की बढ़त लेकर 18.50 रुपए पर बंद हुआ। गिरते बाजार में भी शेयर बढ़ते हैं। बाजार से कमाई के लिए इसी पारखी नजर को विकसित करने की जरूरत है। यह नज़र या कला अभ्यास से एक न एक दिन आऔरऔर भी

सारी दुनिया को अरसे से पता था कि चूंकि एस्ट्राज़ेनेका फार्मा इंडिया में विदेशी प्रवर्तक कंपनी की इक्विटी हिस्सेदारी 90 फीसदी है। इसलिए पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के दिशानिर्देशों के मुताबिक उसे जून 2013 तक इसे घटाकर 75 फीसदी पर लाना होगा। अन्यथा उसे शेयर बाजार की गलियां छोड़कर कंपनी को डीलिस्ट कराना होगा। लेकिन महीने भर पहले 6 मार्च को जब देश के सबसे बड़े आर्थिक अखबार इकनॉमिक टाइम्स ने पेज नंबर 12 की लीडऔरऔर भी