साल में दिमाग नया, चार साल में काया
हर पांच दिन पर हमारा पेट अंदर से एकदम नया हो जाता है। हर छह हफ्ते बाद हमारे पास एकदम नया लीवर होता है। हर तीस दिन पर हमारी त्वचा एकदम नई हो जाती है। हर साल हमारा दिमाग अपनी कोशिकाओं को रिसाइकल कर नया हो जाता है। चार साल से भी कम वक्त में हमारा शरीर आखिरी अणु तक एकदम नया हो जाता है। इसलिए नए को सही खुराक और सांस मिले तो पुराने रोग अपने-आपऔरऔर भी
घाघ को भी मात कोई मुश्किल नहीं
फेसबुक के आईपीओ को साल भर हो गए। 38 डॉलर का शेयर 28.31 डॉलर पर है। उस आईपीओ पर यह दाग भी लगा था कि उससे जुड़ी फर्मों मॉरगन स्टैनले, गोल्डमैन सैक्श व जेपी मॉरगन ने बड़े ग्राहकों को अंदर की अहम जानकारियां बांटी थीं जिससे छोटे निवेशकों को तगड़ी चोट लगी। अपने यहां कंपनी की कृपा पर जीते एनालिस्टों और मर्चेंट बैंकरों का खेल तो इससे भी विकराल है। ऐसे अधम बाज़ार में कैसे करें शिकार…औरऔर भी
मंदी इस कंपनी को छू नहीं सकती
शेयर बाज़ार में लांग टर्म के निवेश का फलना कोई जादू नहीं। अर्थव्यवस्था के साथ बढ़ता है निवेश। अर्थव्यवस्था पस्त हो तो निवेश खोखला हो जाता है। जैसे, जापानी अर्थव्यवस्था पिछले बीस सालों से पस्त है तो जो निक्केई सूचकांक दिसंबर 1989 में 38,915 पर था, 23 साल चार माह बाद अभी 13,694 पर है। भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ने की अपार संभावना है तो यहां लंबे निवेश के फलने की गारंटी है। एक ऐसी ही संभावनामय कंपनी…औरऔर भी
शोर, हो-हल्ले में सच बड़ा साफ है
फाइनेंस की दुनिया में चाहे कोई योजना बनानी हो, किसी स्टॉक या बांड का मूल्यांकन करना हो या बकाया होमलोन की मौजूदा स्थिति पता करनी हो, हर गणना और फैसला हमेशा आगे देखकर किया जाता है, पीछे देखकर नहीं। पीछे देखकर तो पोस्टमोर्टम होता है और पोस्टमोर्टम की गई चीजें दफ्नाने के लिए होती हैं, रखने के लिए नहीं। इसलिए बस इतना देखिए कि आपके साथ छल तो नहीं हो रहा है। भरोसे की चीज़ पकड़िए औरऔरऔर भी
सच बेनक़ाब, बीस सालों से देश से हर दिन मिट रहे हैं 2035 किसान
जनगणना के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि देश में 1991 के बाद से किसानों की संख्या करीब 1.50 करोड़ घट गई है, जबकि 2001 के बाद यह कमी 77 लाख से थोड़ी ज्यादा है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो पिछले बीस सालों में हर दिन औसतन 2035 काश्तकार या किसान अपनी स्थिति से बेदखल होते जा रहे हैं। जानेमाने कृषि विशेषज्ञ और अंग्रेज़ी अखबार ‘द हिंदू’ में ग्रामीण मामलों के संपादक पी साईनाथ ने अपने एकऔरऔर भी
आज चलेगा तगड़ा अनुलोम-विलोम
आज सुबह 11 बजे शेयर बाज़ार को ज़ोर का झटका लगेगा, धीरे या तेज़ी से। बाज़ार माने बैठा है कि ब्याज दर में 0.25% कमी होगी। ऐसा हो गया, तब भी और न हुआ, तब भी बाज़ार गहरा होता लगा सकता है। लेकिन खुदा-न-खास्ता रिजर्व बैंक ने अगर ब्याज दर को 0.50% घटाकर सीधे 7% कर दिया, तब तो बाज़ार तेजी से उछल सकता है। हालांकि इसकी उम्मीद न के बराबर है। देखते हैं ज़रा बारीकी से…औरऔर भी




