आज फाइनेंस की दुनिया ग्लोबल हो चुकी है। अमेरिका व यूरोप से शुरू होकर धन का प्रवाह ऑस्ट्रेलिया और एशिया के प्रमुख शेयर बाज़ारों से होते हुए भारत तक पहुंचता है। हमारा बाज़ार सुबह 9.15 बजे खुलता है। उसके 40-45 मिनट पहले वैश्विक बाज़ारों का उस दिन का ट्रेन्ड साफ हो चुका है। इसमें भी अगर हम 8.30 बजे सुबह तक सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट पर सिंगापुर निफ्टी-50 का हाल देख लें तो अंदाज़ लग जाताऔरऔर भी

रिटेल ट्रेडर को हमेशा बाज़ार के रुख के साथ चलना चाहिए। बाज़ार का रुख कभी-कभी म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों जैसे देशी संस्थागत निवेशक (डीआईआई) भी तय करते हैं। लेकिन ज्यादातर उसका फैसला विदेशी पोर्टफोलियो या संस्थागत निवेशक (एफपीआई या एफआईआई) ही करते हैं। डेरिवेटिव बाज़ार तो विदेशी निवेशकों के लिए महज हेजिंग का जरिया है। वे अपनी असली कमाई करते हैं शेयर बाज़ार के कैश सेगमेंट से। इसमें अगर उनकी शुद्ध खरीद जारी है और प्रतिदिनऔरऔर भी

अगर आप सोशल मीडिया पर ऑनलाइन या ऑफलाइन स्टॉक ट्रेडिंग सिखानेवालों के फंदे में फंस गए तो बहुत सारे जार्गन या जुमले ज़रूर सीख जाएंगे। लेकिन ट्रेडिंग के सार और अपने रिफ्लेक्सेज़ को कभी नहीं साध पाएंगे। ट्रेडिंग का सार यह है कि सारा खेल भावों के उतार-चढ़ाव का है और शेयरों के भाव धन के आगम और निकास से निर्धारित होते हैं। धन का प्रवाह धनात्मक है, खरीदनेवालों की दिलचस्पी ज्यादा और बेचनेवालों की कम हैऔरऔर भी

आजकल सोशल मीडिया पर शेयर बाज़ार में निवेश व ट्रेडिंग सिखानेवालों की बाढ़-सी आई हुई है। फेसबुक और यूट्यूब पर एक खोजो, दसियों के दीदार हो जाते हैं, वो भी अंग्रेज़ी ही नहीं बल्कि ढेर सारे हिंदी में सिखानेवाले दिख जाते हैं। कोई कुंदन, कोई अवधूत, कोई इन्वेस्टिंग डैडी। सबका दावा कि आपको शेयर बाज़ार का प्रोफेशनल ट्रेडर व स्मार्ट निवेशक बना देंगे। फीस भी हज़ार रुपए के अंदर। शेयर बाज़ार की बुनियादी बातें, अर्थव्यवस्था का इतिहास-भूगोल,औरऔर भी

शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग भी एक तरह का निवेश है और निवेश भी एक तरह की ट्रेडिंग। निवेश का मकसद भी अंततः मुनाफा कमाना होता है तो वह भी लम्बे समय की ट्रेडिंग है और ट्रेडिंग छोटे समय का निवेश। ट्रेडिंग में अब तक की सफलतम रणनीति है मोमेंटम ट्रेडिंग। जो स्टॉक्स लगातार बढ़ रहे हैं और बढ़ते ही जा रहे हैं, उन्हें हर डुबकी पर खरीद लेना काफी लाभ का सौदा होता हैं। अब तो निवेशऔरऔर भी